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  • गलत पोस्चर से पीठ की समस्या? योगासन से पाएं समाधान

    गलत पोस्चर से पीठ की समस्या? योगासन से पाएं समाधान

    लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते समय अगर आप सही पोज़िशन में न बैठें, तो कमर के निचले हिस्से में दर्द और पीठ पर कूबड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। घंटों तक डेस्क पर झुककर काम करने से बैक पोस्चर पर बुरा असर पड़ता है और लंबे समय तक गलत पोजिशन में बैठने से कूबड़ निकल आता है, जिसे मेडिकल भाषा में “किफोसिस” कहा जाता है।

    किफोसिस तब होता है जब आपकी रीढ़ की हड्डी के ऊपरी हिस्से में असामान्य रूप से कर्व आ जाता है, जिससे पीठ का ऊपरी भाग आगे की ओर झुक जाता है। यह समस्या उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है जो लम्बे समय तक एक ही पोजिशन में बैठते हैं या काम करते हैं। अगर इसका समय पर इलाज नहीं किया गया, तो यह गंभीर स्थिति का रूप ले सकती है और शरीर में स्थाई परिवर्तन भी हो सकते हैं।

    इस समस्या से कैसे बचें?

    गलत पोजिशन से होने वाले दर्द और कूबड़ से छुटकारा पाने के लिए कुछ ऐसे योगासन हैं, जिन्हें रोजाना करने से आप अपने शरीर का पॉस्चर ठीक कर सकते हैं। ये योगासन न केवल आपके शरीर की लचीलापन बढ़ाने में मदद करेंगे, बल्कि आपकी रीढ़ की हड्डी को सही स्थिति में लाने में भी सहायक होंगे।

    1. बालासन (Child’s Pose)

    बालासन आराम करने वाला योगासन है, जो पीठ और रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है। इसे करने से न केवल आपकी पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव होता है, बल्कि शरीर में तनाव भी कम होता है। इस आसन से शरीर को विश्राम मिलता है और रक्त परिसंचरण बेहतर होता है, जिससे निचले हिस्से के दर्द से राहत मिलती है।

    2. शलभासन (Locust Pose)

    शलभासन आपकी पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और रीढ़ को सीधा करने में मदद करता है। यह आसन शरीर के कूबड़ को कम करने में सहायक होता है और रीढ़ को स्थिर करता है। साथ ही, इससे कंधे और छाती भी मजबूत होती हैं, जो खराब पोस्चर को सुधारने में मदद करती हैं।

    3. भुजंगासन (Cobra Pose)

    भुजंगासन आपकी रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन को बढ़ाता है और पीठ के ऊपरी हिस्से को सीधा करता है। इस आसन से शरीर का अगला हिस्सा खुलता है और छाती, पेट और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत किया जाता है। इसे नियमित रूप से करने से पीठ की समस्या में राहत मिलती है और कूबड़ को कम किया जा सकता है।

    4. कैट-काऊ पोज़ (Cat-Cow Pose)

    यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है। इस आसन से शरीर में रक्त परिसंचरण बेहतर होता है, जिससे पीठ के दर्द से राहत मिलती है और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है। कैट-काऊ पोज़ नियमित रूप से करने से पीठ के गलत पोस्चर को सुधारा जा सकता है।

    गलत पोस्चर से बचने के लिए और पीठ की समस्याओं से निपटने के लिए नियमित रूप से इन योगासनों का अभ्यास करें। यह न केवल आपकी पीठ को मजबूत बनाएंगे, बल्कि आपके पूरे शरीर को लचीलापन और शक्ति प्रदान करेंगे। लंबे समय तक काम करते समय शरीर के सही पोज़िशन में रहने का ध्यान रखें, ताकि भविष्य में इन समस्याओं से बचा जा सके।

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    छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड घोटाला: फर्जी आधार से बने हजारों कार्डों का खुलासा

  • 25-26 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा

    25-26 अक्टूबर को राष्ट्रपति मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ में दो दिवसीय दौरा 25 और 26 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है। इस दौरे के तहत राष्ट्रपति विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति के प्रवास की तैयारियों के लिए शुक्रवार को राजभवन में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका के सचिव यशवंत कुमार ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

    शैक्षणिक कार्यक्रमों में भागीदारी

    राष्ट्रपति मुर्मु इस दौरान एम्स, एनआईटी रायपुर, आईआईटी भिलाई, और पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति चिकित्सा व आयुष विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। बैठक में सभी शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

    राज्य के रायपुर और दुर्ग जिलों के प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करें। इस बैठक में राज्यपाल की संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम और रायपुर मेडिकल के डीन डा. विवेक चौधरी भी उपस्थित थे। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात की और नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में राष्ट्रपति मुर्मु के दौरे पर चर्चा की गई।

    कार्यक्रम का विवरण

    पहले दिन, 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का रायपुर एयरपोर्ट पर आगमन सुबह 11:00 बजे होगा। इसके बाद, राष्ट्रपति एम्स के दूसरे दीक्षा समारोह में भाग लेंगी, जो 11:30 बजे शुरू होगा। समारोह के बाद, वे 1:00 बजे एम्स से रवाना होकर राजभवन पहुंचेंगी। दोपहर 3:00 बजे, राष्ट्रपति एनआईटी रायपुर के 14वें दीक्षा समारोह में शामिल होंगी। इसके पश्चात, 4:30 बजे, वे नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में स्थानीय आदिवासियों से मुलाकात करेंगी। दिन का अंत करते हुए, राष्ट्रपति शाम 6:00 बजे राजभवन लौटकर रात्रि विश्राम करेंगी।

    दूसरे दिन, 26 अक्टूबर को, राष्ट्रपति रायपुर के विवेकानंद सरोवर का दौरा सुबह 9:00 बजे करेंगी। इसके बाद, वे 10:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट से भिलाई के लिए प्रस्थान करेंगी। भिलाई में, राष्ट्रपति आईआईटी भिलाई के चौथे दीक्षा समारोह में शामिल होंगी, जो 11:00 बजे होगा। बाद में, वे 1:30 बजे भिलाई से राजभवन लौटेंगी। इसके तुरंत बाद, 3:30 बजे, राष्ट्रपति पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति चिकित्सा व आयुष विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षा समारोह में भाग लेंगी। अंत में, राष्ट्रपति शाम 5:00 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी।

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    छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड घोटाला: फर्जी आधार से बने हजारों कार्डों का खुलासा

  • छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    दशहरा महोत्सव 2024

    आज, 12 अक्टूबर 2024, शनिवार को पूरे भारत में विजयदशमी का पर्व, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे हर साल रावण दहन करके मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां की गई हैं।

    प्रदेश के सबसे बड़े दशहरा उत्सव की शुरुआत डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगी, जहां इस साल 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे, जो बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, जहां समाज एकजुट होकर विजय का जश्न मनाता है।

    दूधाधारी मठ से भी बालाजी की पालकी निकाली जाएगी, जिसमें श्रीराम की सेना रावणभाठा मैदान तक पहुंचेगी। इसके बाद, रामलीला के आयोजन के साथ 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भक्तों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्व रखता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम भी है।

    छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा 60 फीट ऊंचे रावण, 35 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाएगा। इसके अलावा, सप्रे शाला, टिकरापारा, चौबे कॉलोनी, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर और पंडरी सहित कई क्षेत्रों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    दशहरा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे रामलीला, लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं और परिवार व दोस्तों के साथ इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।

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  • छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड घोटाला: फर्जी आधार से बने हजारों कार्डों का खुलासा

    छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड घोटाला: फर्जी आधार से बने हजारों कार्डों का खुलासा

    छत्तीसगढ़ में राशनकार्ड सत्यापन और ई-केवाईसी के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में यह पाया गया कि कई राशनकार्ड फर्जी आधार कार्ड के आधार पर बनाए गए हैं। एक मामले में महिला के आधार नंबर पर पुरुष का नाम जोड़कर राशनकार्ड जारी किया गया। इतना ही नहीं, कई राशनकार्डों में सदस्यों के नाम की जगह पर टीएफवाईएच, जीएफएएच, आरजेएस जैसे फर्जी नाम दर्ज पाए गए।

    विभाग का शक है कि ऐसे ही बोगस राशनकार्डधारी सत्यापन और ई-केवाईसी प्रक्रिया से बच रहे हैं। जिले में अब तक पांच लाख लोगों ने सत्यापन नहीं कराया है, और इनमें से कई के नाम अन्य जिलों या प्रदेशों में पहले से ही राशनकार्ड में दर्ज हैं। विभाग ने खुद इस मामले की जांच शुरू की है और अब तक 8,000 आधार कार्डों की जांच की जा चुकी है। इनमें से 2,600 से ज्यादा आधार गलत पाए गए, जिससे यह संदेह पुख्ता हो रहा है कि ये कार्ड फर्जी हैं।

    पिछले पांच साल से ये लोग बिना किसी रुकावट के राशन ले रहे थे। जब सत्यापन शुरू हुआ, तो ये कार्डधारी सामने नहीं आ रहे हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 31 अक्टूबर के बाद ऐसे बोगस राशनकार्डों को ब्लॉक कर दिया जाएगा।

    प्रदेश में एपीएल राशनकार्ड के तहत 50,000 रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है, जिसका फायदा उठाने के लिए अन्य राज्यों के लोगों ने भी यहां के राशनकार्ड बनवाए हैं। साथ ही, मजदूर कार्ड के आधार पर बीपीएल कार्ड बनवाने वालों की भी जांच चल रही है। कुछ मामलों में, लोगों ने अपने दूसरे राज्यों में रहने वाले रिश्तेदारों के नाम अपने राशनकार्ड में जोड़ रखे हैं, जो अब जांच के दायरे में हैं।

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    नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट के नए अध्यक्ष

  • नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट के नए अध्यक्ष

    नोएल टाटा बने टाटा ट्रस्ट के नए अध्यक्ष

    नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह फैसला आज मुंबई में हुई एक बोर्ड बैठक में लिया गया। वे रतन टाटा की जगह लेंगे, जिनका हाल ही में 86 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

    रतन टाटा के निधन से भारतीय व्यवसाय में एक युग का अंत हुआ है। उन्होंने देश के औद्योगिक परिदृश्य को पुनः आकार दिया और टाटा समूह को वैश्विक स्तर पर एक शक्तिशाली निगम में बदल दिया।

    नोएल टाटा ने 2000 के दशक की शुरुआत में टाटा समूह में शामिल होने के बाद से कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं। वे टाटा स्टील और टाइटन कंपनी के उपाध्यक्ष हैं। नोएल की माता, सिमोन टाटा, जो रतन टाटा की सौतेली माँ हैं, वर्तमान में कई कंपनियों की अध्यक्षता कर रही हैं।

    नोएल टाटा की शिक्षा ससेक्स विश्वविद्यालय, यूके से हुई है, और उन्होंने आईएनसीईएडी में इंटरनेशनल एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम (IEP) पूरा किया है। उनका सबसे प्रमुख कार्य टाटा इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में रहा है, जहां उनके नेतृत्व में कंपनी का टर्नओवर 2010 से 2021 के बीच $500 मिलियन से बढ़कर $3 बिलियन से अधिक हो गया। इसके अलावा, उन्होंने ट्रेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने 1998 में एकल स्टोर से शुरुआत करते हुए विभिन्न प्रारूपों में 700 से अधिक स्टोर्स का संचालन किया।

    टाटा ट्रस्ट सभी 14 टाटा ट्रस्ट के कार्यों का प्रबंधन करता है। टाटा संस का स्वामित्व मुख्य रूप से दो प्रमुख ट्रस्ट – सर डोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास है, जो मिलकर 50 प्रतिशत से अधिक स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं।

    वर्तमान में टाटा ट्रस्ट के कार्यकारी समिति के सदस्यों में वेणु श्रीनिवासन, विजय सिंह, और मेहली मिस्त्री शामिल हैं।

    रतन टाटा के छोटे भाई, जिमी, परिवार के व्यवसाय में शामिल नहीं हैं और दक्षिण मुंबई के कोलाबा में एक साधारण जीवन जीते हैं। रतन टाटा का जन्म 1937 में एक पारसी परिवार में हुआ था और उन्होंने अपने माता-पिता के तलाक के बाद अपनी दादी के साथ पलने का अनुभव किया।

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  • वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बयान: डिजिटल युग में सतर्कता जरूरी

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बयान: डिजिटल युग में सतर्कता जरूरी

    रायगढ़ में हाल ही में नगर निगम ऑडिटोरियम में साइबर जागरूकता एवं जल संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस प्रशांत मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करना था।

    साइबर ठगी से सतर्क रहने की आवश्यकता

    जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि साइबर ठग अक्सर ज्यूडिशरी से जुड़े नामों का उपयोग करके लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सतर्कता और समझदारी से काम लेना बहुत जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में टेक्नोलॉजी तेजी से विकसित हो रही है, इसलिए नागरिकों को खुद को अपडेट रखना चाहिए और साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी और उससे बचाव के तरीकों को अपनाना चाहिए।

    जल संरक्षण पर जागरूकता

    जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए जस्टिस मिश्रा ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है जिसमें हर नागरिक की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा, “जागरूकता के साथ ही जल संरक्षण के उपायों को अमल में लाकर हम अपने आसपास एक बेहतर वातावरण निर्मित कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला पुलिस प्रशासन द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन एक सकारात्मक प्रयास है, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकते हैं।

    कार्यशाला में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

    इस कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में किया गया था। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायगढ़ जितेन्द्र कुमार जैन, कलेक्टर कार्तिकेया गोयल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, और अन्य न्यायिक तथा प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

    साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता की आवश्यकता

    वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने साइबर अपराधों के बढ़ते दायरे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों के बीच सतर्कता का स्तर बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि डिजिटल युग में एक छोटी सी चूक से व्यक्ति अपनी सारी जमा पूंजी गंवा सकता है। उन्होंने जल संरक्षण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि रायगढ़ में भू-जल और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कार्य है।

    पुलिस की सलाह

    डीएसपी अभिनव उपाध्याय ने साइबर ठगी के मामलों में पुलिस को तुरंत सूचना देने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर पहले एक घंटे को गोल्ड आवर कहा जाता है, इसलिए पुलिस को सूचित करना आवश्यक है। सूचना के लिए 1930 या 94792-81934 पर संपर्क करने की सलाह दी गई।

    इस कार्यशाला ने समाज में साइबर जागरूकता और जल संरक्षण के प्रति नई सोच और जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया।

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  • कैंप टू एरिया में 17 वर्षीय लड़की पर हमला, पुलिस ने बचाई जान

    कैंप टू एरिया में 17 वर्षीय लड़की पर हमला, पुलिस ने बचाई जान

    दुर्ग शहर के कैंप टू एरिया में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जहां एक शख्स ने 17 वर्षीय लड़की पर जानलेवा हमला किया। आरोपी युवक ने कटर से वार किया, जिससे लड़की को गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

    पुलिस के मुताबिक, युवक लंबे समय से लड़की को परेशान कर रहा था और आदतन बदमाश है। घटना के दिन, युवक ने अचानक लड़की के घर की छत पर कूदकर पहुंच गया। जब उसने लड़की से बातचीत करने की कोशिश की, तो उसने मना कर दिया। इस पर युवक ने अपने जेब से लोहे का कटर निकालकर उस पर हमला कर दिया।

    लड़की ने बहादुरी का परिचय देते हुए युवक का हाथ पकड़ लिया, लेकिन हाथापाई के दौरान युवक ने उसे कई जगह चोटें पहुंचाईं। पुलिस ने बताया कि यदि समय पर पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। युवक ने लड़की के गले पर कटर से वार करने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस के आगमन से उसे भागने का मौका मिल गया।

    यह घटना न केवल इलाके में सुरक्षा के प्रति चिंताओं को बढ़ाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि लड़कियों को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस की तत्परता कितनी आवश्यक है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने की योजना बनाई जा रही है।

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  • सुविधाओं की कमी से जूझ रहा पामगढ़ का साप्ताहिक बाजार

    सुविधाओं की कमी से जूझ रहा पामगढ़ का साप्ताहिक बाजार

    छत्तीसगढ़ के पामगढ़ नगर पंचायत में हर सोमवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार पिछले 40 वर्षों से लोगों की जरूरतों को पूरा करता आ रहा है। यहां सुई से लेकर फर्नीचर तक हर प्रकार का सामान उचित दामों पर उपलब्ध होता है, और आसपास के लगभग 20 गांवों के लोग अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस बाजार पर निर्भर हैं। साप्ताहिक बाजार छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक सुधार का प्रमुख माध्यम है, जहां उन्हें किराया, बिजली बिल और सरकारी टैक्स जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।

    हालांकि, पामगढ़ के इस पुराने बाजार की एक बड़ी समस्या इसकी अव्यवस्थित स्थिति है। बाजार मुख्य मार्ग के दोनों ओर लगाया जाता है, जिससे दिनभर भारी वाहनों और छोटी गाड़ियों की आवाजाही होती रहती है। दुकानदार और खरीदार सड़क पर खड़े होकर सामान खरीदते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासकर, बाजार के बीच से गुजरते वाहनों के चलते यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

    बाजार में पार्किंग की कोई सुविधा न होने से लोग सड़क के दोनों ओर अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। यह समस्या हर सोमवार को बड़ी संख्या में आने वाले खरीदारों के कारण और बढ़ जाती है। इसके अलावा, पुलिस या प्रशासन की ओर से बाजार में सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं किया गया है। बाजार में पुलिस की ड्यूटी तक नहीं लगाई जाती, जिससे यातायात और भीड़ को नियंत्रित करने में मुश्किलें आती हैं।

    बाजार की स्थापना को 40 साल हो चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने बाजार को व्यवस्थित करने और सुविधाएं बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सुरक्षा और यातायात के मुद्दों को सुलझाया नहीं गया, तो यहां किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

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  • छत्तीसगढ़ में विजयादशमी पर धूमधाम से रावण दहन की तैयारी

    छत्तीसगढ़ में विजयादशमी पर धूमधाम से रावण दहन की तैयारी

    रायपुर में 101 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में शनिवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर रावण दहन का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा, और इस बार आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी रायपुर में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में सबसे ऊंचा, 101 फीट का रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। वहीं मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों की ऊंचाई 85-85 फीट होगी।

    रावणभाठा मैदान (भाठागांव) में 60 फीट ऊंचा रावण और 55-55 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले बनाए गए हैं। इन पुतलों को बनाने के लिए कोलकाता और आंध्रप्रदेश के कारीगर विशेष रूप से बुलाए गए हैं, जो दिन-रात इन पर काम कर रहे हैं। विभिन्न समितियों द्वारा आयोजन में जबलपुर, भिलाई और बलौदाबाजार से आतिशबाजी के विशेषज्ञ बुलाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम को खास बनाया जा सके।

    डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के अलावा छत्तीसगढ़ नगर, बोरियाखुर्द, बीटीआई ग्राउंड और रावांभाठा में भी रावण दहन के बड़े आयोजन किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति ने 45 फीट ऊंचा रावण और 30 फीट ऊंचे मेघनाथ-कुंभकरण के पुतलों का निर्माण किया है। यहां पर कोलकाता से आए कलाकार आतिशबाजी में विशेष इफेक्ट्स का इस्तेमाल करेंगे, और सांस्कृतिक कार्यक्रम “रंग झरोखा” की प्रस्तुति होगी।

    शहर में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों की बाजार में भी अच्छी खासी रौनक है। बांसटाल, राठौर चौक और आमापारा जैसी जगहों पर पुतले बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिनकी ऊंचाई 3 फीट से लेकर 30 फीट तक है। इस साल पुतलों की कीमतों में भी 500 से 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।

    रावण दहन के अलावा रामलीला का मंचन भी हर साल की तरह इस बार भी होगा। कई समितियों ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

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  • यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन के किराए ने घटाई यात्रियों की संख्या

    छत्तीसगढ़ में पिछले महीने दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की गई है लेकिन रेलवे में लगातार यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रेलवे चिंतित है। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में औसतन सिर्फ 150 से 170 यात्री ही सफर कर रहे हैं। मुख्य रूप से इसका कारण महंगा किराया बताया जा रहा है, जिससे यात्रियों में खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

    सितंबर से शुरू हुई इस नई वंदे भारत ट्रेन को लेकर रेलवे को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यात्रियों की कमी रेलवे के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। रेलवे अब नुकसान से बचने के लिए जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

    दूसरी ओर, समता एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखी जा रही है, जहां रायपुर स्टेशन पर स्लीपर से लेकर एसी कोच तक पूरी तरह से भरे होते हैं। जबकि 16 कोच की वंदे भारत ट्रेन में आधे से अधिक सीटें खाली जा रही हैं। यह स्थिति वापसी के दौरान भी देखी जा रही है।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार, दशहरा और दिवाली पर्व तक यात्रियों की संख्या का आकलन किया जाएगा। अगर सीटें इसी तरह खाली रहीं, तो इस ट्रेन के कोचों की संख्या कम की जा सकती है, जैसा कि बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में किया गया था।

    महंगे किराए की तुलना में समता एक्सप्रेस सस्ती:

    • एग्ज़ीक्यूटिव क्लास में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 2,825 रुपये।
    • बिना नाश्ते के एग्ज़ीक्यूटिव क्लास का किराया 2,410 रुपये।
    • चेयर कार में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 1,565 रुपये।
    • बिना नाश्ते के चेयर कार का किराया 1,205 रुपये।

    समता एक्सप्रेस में फ़र्स्ट एसी का किराया 2,100 रुपये, सेकेंड एसी का किराया 1,265 रुपये और थर्ड एसी का किराया 905 रुपये है।

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