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  • कोरबा की गेवरा खदान में डीजल चोरी का खुलासा

    कोरबा की गेवरा खदान में डीजल चोरी का खुलासा

    कोरबा जिले के दीपका थाना पुलिस ने एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की गेवरा खदान से बड़े पैमाने पर हो रही डीजल चोरी का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो खदान से डीजल चोरी करने में लिप्त थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2659 लीटर डीजल जब्त किया है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 2,48,456 रुपये बताई जा रही है। इस गिरोह का भंडाफोड़ खदान के सुरक्षा निरीक्षक नंदलाल राय की शिकायत पर किया गया, जिन्होंने मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस को सूचित किया था।

    घटना का खुलासा

    घटना तब सामने आई जब गेवरा खदान के सुरक्षा निरीक्षक नंदलाल राय को सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध लोग बोलेरो वाहनों में डीजल चोरी कर रहे हैं। मुखबिर की इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई की गई। खदान के सुरक्षा कर्मचारी, राकेश कुमार सिंह और सुधीर कुमार, घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि डोजर और डम्पर के पास डीजल बिखरा हुआ था। यह स्पष्ट संकेत था कि वहां से डीजल की चोरी हो रही थी। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पुलिस ने पहुंचकर संदिग्धों को धर दबोचा।

    पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को गिरफ्तार किया, जो इस डीजल चोरी के गिरोह में शामिल थे। इनके पास से 2659 लीटर डीजल बरामद किया गया, जिसे विभिन्न वाहनों से चुराया गया था। यह डीजल बाजार में लगभग 2.5 लाख रुपये का बताया जा रहा है। पुलिस ने डीजल चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहनों को भी जब्त किया है।

    सुरक्षा के बावजूद चोरी

    गौरतलब है कि एसईसीएल की गेवरा खदान देश की सबसे बड़ी खदानों में से एक है और यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खदान की सुरक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, जिसमें न केवल एसईसीएल के सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, बल्कि एक निजी कंपनी के कर्मचारी भी सुरक्षा में जुटे हुए हैं। खदान में चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है। इसके बावजूद, डीजल चोरी की घटनाएं लगातार हो रही हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं।

    पुलिस की जांच

    पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और जांच जारी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके अन्य सदस्यों की संलिप्तता कितनी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी का डीजल कहां बेचा जा रहा था और इस काम में खदान के भीतर से कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    डीजल चोरी की यह घटना खदान की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा मुद्दा बन गई है। खदान प्रशासन और पुलिस अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की सुरक्षा बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इस बार की कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि चोरी की ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा। पुलिस और सुरक्षा कर्मी अब और भी सतर्क होकर काम कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं फिर न हो सकें। यह मामला न केवल कोरबा जिले बल्कि देशभर की उन खदानों के लिए भी चेतावनी है, जहां से प्राकृतिक संसाधनों की चोरी होती रहती है।

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    गुजरात में  वकील ने फर्जी जज बनकर सुनाया विवादित फैसला

    बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल ने मचाई अफरातफरी

  • गुजरात में  वकील ने फर्जी जज बनकर सुनाया विवादित फैसला

    गुजरात में  वकील ने फर्जी जज बनकर सुनाया विवादित फैसला

    गुजरात से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक वकील ने खुद को जज बताकर एक विवादित भूमि पर फर्जी फैसला सुनाया। आरोपी, मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन, ने अदालती प्रक्रिया का संचालन करते हुए सरकारी भूमि पर एक फर्जी आदेश जारी किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहन जांच अभी जारी है।

    पिछले वर्ष गुजरात में कई फर्जीवाड़ों के मामले सामने आए थे, जिनमें एक नकली अदालत का मामला भी शामिल था। इस पृष्ठभूमि में, रजिस्ट्रार हार्दिक देसाई ने आरोपी के खिलाफ अहमदाबाद के कारंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब इस शिकायत की जांच की, तो यह पता चला कि क्रिश्चियन ने 2019 में विवादित भूमि के संबंध में एक फर्जी मध्यस्थता का आदेश जारी किया था।

    मॉरिस सैमुअल क्रिश्चियन ने राखी वासणा इलाके में एक फर्जी अदालत का संचालन किया। यहां उसने केवल जज की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि वकील, क्लर्क और अन्य अदालती कर्मचारियों की भूमिकाएं भी निभाईं। उसने न केवल न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन किया, बल्कि जनता के विश्वास को भी ठेस पहुंचाई।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 170 (जाली अधिकारी की पहचान), 419 (धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी और धोखाधड़ी के माध्यम से संपत्ति को नुकसान पहुंचाना), 465 (जाली दस्तावेज बनाना), 467 (जाली दस्तावेजों का उपयोग करना) और 471 (जाली दस्तावेजों का उपयोग करना) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, मणिनगर पुलिस स्टेशन में भी आरोपी के खिलाफ पहले से एक अन्य मामला दर्ज है, जिसमें धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जाली दस्तावेज बनाना), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जाली दस्तावेज बनाना) और 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग करना) शामिल हैं।

    फिलहाल, पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल स्थानीय समुदाय को चौंका दिया है, बल्कि यह एक गंभीर चिंता का विषय भी बन गया है कि किस तरह से लोग न्यायिक प्रणाली का दुरुपयोग कर सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या न्यायिक प्रक्रिया में सुधार के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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    रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

    बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल ने मचाई अफरातफरी

  • रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कांग्रेस में खलबली भाजपा ने की तैयारी पूरी

    रायपुर में आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस, भाजपा ने बढ़ाई चुनावी तैयारियां

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की स्थिति चिंताजनक हो गई है, जहां वह शुरू से बैकफुट पर नजर आ रही है। भाजपा ने अपनी तैयारी तेज कर दी है, प्रत्याशी की घोषणा के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं।

    कांग्रेस के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने एआईसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) को केवल एक नाम का पैनल भेजा है, जिसमें आकाश शर्मा का नाम शामिल है। इस स्थिति के कारण पीसीसी को नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे टिकट की घोषणा में और विलंब हो सकता है। हाल ही में कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान, निगम सभापति प्रमोद दुबे के समर्थकों ने नारेबाजी की, जो पार्टी के आंतरिक कलह को उजागर करता है।

    वहीं, भाजपा ने अपनी रणनीति को ठोस रूप में तैयार किया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जिन्हें बूथ मैनेजमेंट का गुरु माना जाता है, स्वयं इस उपचुनाव की रणनीति बनाने में लगे हैं। उन्होंने रायपुर शहर के सभी विधायकों के साथ मिलकर चुनाव प्रचार और आगे की रणनीति तय की है। भाजपा पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों के अनुभवों के आधार पर अपने प्रचार को और मजबूत कर रही है, खासकर उन वार्डों और बूथों पर जहां उसे अपेक्षित लीड नहीं मिली थी।

    दक्षिण विधानसभा की सीट खाली होने के बाद कांग्रेस में दावेदारों की भीड़ लग गई है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक नेता अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। कई नेताओं ने पार्टी कार्यालय से किनारा कर लिया है, जिससे चुनावी परिदृश्य और भी जटिल होता जा रहा है।

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    पीएम मोदी का कजान में किया गया भव्य स्वागत

    रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

  • पीएम मोदी का कजान में किया गया भव्य स्वागत

    पीएम मोदी का कजान में किया गया भव्य स्वागत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रूसी शहर कजान पहुंचे हैं, जहां ब्रिक्स की 16वीं बैठक आयोजित की जा रही है। इस सम्मेलन की अध्यक्षता रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कर रहे हैं। ब्रिक्स के संस्थापक सदस्य देशों ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ चार नए सदस्य भी इस बार सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं।

    पीएम मोदी ने मंगलवार सुबह नई दिल्ली से कजान के लिए उड़ान भरी। कजान एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां पीएम ने काले रंग का कुर्ता और जैकेट पहना हुआ था। एयरपोर्ट पर रूस की तीन लड़कियों ने लड्डू और केक लेकर उनका स्वागत किया, जिस पर पीएम ने हाथ जोड़कर अभिवादन स्वीकार किया।

    यह पीएम मोदी की पिछले चार महीनों में रूस की दूसरी यात्रा है। इससे पहले, वह 8 और 9 जुलाई को मास्को गए थे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की थी। इस यात्रा के दौरान, पीएम मोदी विभिन्न देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ताएं करेंगे, जिसमें सबसे महत्वपूर्ण बैठक चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली है।

    भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबे समय से चल रहे गतिरोध के समाप्त होने की घोषणा के बाद यह मुलाकात और भी महत्वपूर्ण हो गई है। दोनों देशों के बीच तनाव खत्म होने की खबर ब्रिक्स के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जो संगठन की मजबूती में योगदान कर सकती है।

    कजान पहुंचने पर भारतीय समुदाय के सदस्यों ने भी पीएम मोदी का स्वागत किया। बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग होटल के बाहर खड़े थे, खासकर महिलाएं जो पारंपरिक परिधानों में थीं।

    यह सम्मेलन न केवल ब्रिक्स के लिए बल्कि भारत और चीन के संबंधों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिससे तीनों शक्तियों भारत, चीन और रूस के बीच सहयोग और संवाद को बढ़ावा मिल सकता है।

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    रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

    बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल ने मचाई अफरातफरी

  • बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल ने मचाई अफरातफरी

    बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मॉक ड्रिल ने मचाई अफरातफरी

    बाड़मेर में रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा परखने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन

    बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक मॉक ड्रिल ने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। पुलिस कंट्रोल रूम पर आई एक कॉल के कुछ मिनटों बाद, स्टेशन परिसर सुरक्षा को परखने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और रेलवे की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति देखकर अधिकारियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

    रेलवे यार्ड के दृश्य ने स्थानीय लोगों में चिंता फैला दी, जब उन्होंने देखा कि दो रेल बोगियां एक-दूसरे पर चढ़ गई हैं। बजते सायरन, दौड़ती अग्निशामक गाड़ियाँ और चिंघाड़ती एम्बुलेंस ने माहौल को और भी तनावपूर्ण बना दिया। पुलिस प्रशासन को सूचना मिलने के बाद एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बोगियों को काटकर लोगों को बाहर निकाला।

    एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल में 300 से अधिक कर्मियों ने भाग लिया। रेलवे के एडीआरएम राकेश कुमार ने कहा कि यह ड्रिल यह दिखाने के लिए थी कि रेल हादसों में एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, रेलवे और जीआरपीएफ कैसे एक साथ मिलकर काम करते हैं। एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट योगेश कुमार ने बताया कि जब उन्हें रेल हादसे की सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

    जब लोगों को पता चला कि यह सब एक मॉक ड्रिल था, तो उन्होंने राहत की सांस ली। इस ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।

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    सूरजपुर हत्या मामले के बाद पुलिस अधीक्षक का तबादला

    रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

  • सूरजपुर हत्या मामले के बाद पुलिस अधीक्षक का तबादला

    सूरजपुर हत्या मामले के बाद पुलिस अधीक्षक का तबादला

    Police Transfer : Demo Image

    एमआर अहिरे का रायपुर में हुआ तबादला

    छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में हाल ही में प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या की घटना ने पुलिस प्रशासन को हिला कर रख दिया है। इस भयानक अपराध के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) एमआर अहिरे का तबादला कर दिया है। उन्हें अब रायपुर मुख्यालय में यातायात उप महानिरीक्षक के पद पर तैनात किया गया है।

    यह घटना जिले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है। मृतकों के परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर गहरी नाराजगी जताई है। हत्या की इस घटना ने पूरे जिले में एक खौफ का माहौल बना दिया है, जिससे स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों पर ध्यान आकर्षित हुआ है।

    गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एमआर अहिरे की जगह अब प्रशांत ठाकुर नए पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभालेंगे। प्रशांत ठाकुर के अनुभव और नई रणनीतियों के साथ, यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे सूरजपुर जिले में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सफल होंगे। स्थानीय जनता को उम्मीद है कि नई नियुक्ति के बाद पुलिस विभाग अधिक सक्रियता से काम करेगा और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएगा।

    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि पुलिस प्रशासन को जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। सूरजपुर जिले में स्थिति को सामान्य करने और आम जनता के बीच विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

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    राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार टक्कर से एक महिला की मौत

    बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

  • रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

    रायपुर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं लेकिन प्रशासन बेख़बर

    रायपुर में आवारा कुत्तों का आतंक

    रायपुर के लाखेनगर के सिंघी मोहल्ले में आवारा कुत्तों का आतंक एक बार फिर देखने को मिला, जब तीन कुत्तों ने खेलती हुई 6 साल की बच्ची पर हमला कर दिया। इस हमले का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बच्ची को बचाने के लिए लोगों को संघर्ष करते देखा जा सकता है।

    पीड़ित बच्ची के परिजनों ने इस घटना की शिकायत पुरानी बस्ती थाने में दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता दीपक केवलानी ने आरोप लगाया कि मुरली किंगरानी ने 4 से 5 कुत्ते पाल रखे हैं, जो राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

    मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में डॉग बाइट के सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। 2023 में रायपुर में 15,953 से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आए थे, जो इसे देशभर में इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित शहर बनाता है। इसके बावजूद, नगर निगम अब तक इन घटनाओं पर नियंत्रण पाने में नाकाम साबित हुआ है।

    लोगों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही और ठोस कदम न उठाने के कारण कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है।

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    बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार टक्कर से एक महिला की मौत

  • राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार टक्कर से एक महिला की मौत

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर तेज रफ्तार टक्कर से एक महिला की मौत

    कोरबा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे में छुरी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष हीरानंद पंजवानी की भाभी की मौत हो गई। घटना कटघोरा के पास ग्राम रजकम्मा में हुई, जहां तेज रफ्तार कार और बाइक की टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में कार में सवार चार लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम छुरी निवासी नानक पंजवानी अपनी पत्नी साधना और पुत्र हितेश के साथ किसी काम से बिलासपुर गए थे। वे अपनी कार (सीजी 12 बीओ 5550) से वापस लौट रहे थे, जिसे उनका पुत्र चला रहा था। जैसे ही उनकी कार ग्राम रजकम्मा के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही बाइक (सीजी 12 एपी 3261) से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार तीन बार पलटी खाते हुए सीधी हो गई, जबकि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

    इस भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार कुलदीप सिंह को सिर पर गंभीर चोटें आईं, वहीं कार में सवार नानक पंजवानी, उनकी पत्नी साधना, और पुत्र हितेश घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत एंबुलेंस और डायल 112 को सूचना दी। एंबुलेंस के पहुंचने पर घायलों को कटघोरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

    इस हादसे में नानक पंजवानी की पत्नी साधना की मौत हो गई, जबकि बाकी घायलों का इलाज जारी है।

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    बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    गांदरबल आतंकी हमले पर राहुल गांधी का बयान

  • बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    बिलासपुर के डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई ओवरटाइम के दावों पर छिड़ा विवाद

    बिलासपुर जिले के जिला अस्पताल और मातृ शिशु अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा 47 डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है, जिनपर सुबह की पाली में देर से आने और शाम की पाली में अनुपस्थित रहने का आरोप है। इन सभी डॉक्टरों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    सिविल सर्जन द्वारा जुलाई, अगस्त और सितंबर महीनों के बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस रिकॉर्ड की जांच के बाद यह कदम उठाया गया। जांच में पाया गया कि कई डॉक्टर नियमित रूप से समय पर उपस्थिति नहीं दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप, अस्पताल की सेवाओं में सुधार लाने के प्रयासों के तहत यह सख्ती की जा रही है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए कड़ी निगरानी बरती जा रही है और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    हालांकि, डॉक्टरों का विरोध भी शुरू हो गया है। उनका कहना है कि वे ओवरटाइम काम करते हैं और कई बार सरकारी छुट्टी के दिन भी उन्हें अनुपस्थित दिखाया जा रहा है। डॉक्टरों ने इस मामले में कलेक्टर से भी शिकायत की है। अस्पताल में डॉक्टरों और सिविल सर्जन के बीच लंबे समय से मतभेद चले आ रहे हैं, जिसके चलते दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।

    इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह देखना बाकी है कि डॉक्टरों द्वारा दिए गए जवाबों के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा।

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    गांदरबल आतंकी हमले पर राहुल गांधी का बयान

    दरभंगा से मुंबई आ रही स्पाइसजेट फ्लाइट ने की इमरजेंसी लैंडिंग

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    गांदरबल आतंकी हमले पर राहुल गांधी का बयान

    राहुल गांधी ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को जम्मू और कश्मीर के गांदरबल में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और इसे “कायराना और अक्षम्य अपराध” करार दिया। इस हमले में डॉक्टर और प्रवासी मजदूरों समेत कई लोगों की जान चली गई। राहुल गांधी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “गांदरबल, जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकी हमले में डॉक्टर और प्रवासी श्रमिकों सहित कई लोगों की हत्या एक कायराना और अक्षम्य अपराध है। मैं सभी पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।”

    राहुल गांधी ने इस आतंकी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह हिंसक घटनाएं जम्मू और कश्मीर को शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवादियों की ऐसी हरकतें कभी भी जम्मू-कश्मीर में निर्माण की प्रक्रिया को बाधित नहीं कर सकेंगी। कांग्रेस नेता ने देश की एकजुटता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को भी रेखांकित किया।

    राहुल गांधी ने कहा, “आतंकियों की यह हिम्मत कभी भी जम्मू और कश्मीर में शांति और विकास की प्रक्रिया को बाधित नहीं कर सकती। पूरे देश को जम्मू और कश्मीर के लोगों पर पूरा भरोसा है और हम सब आतंकवाद के खिलाफ इस संघर्ष में एकजुट हैं।”

    इस हमले में जिन लोगों की जान गई, उनमें एक डॉक्टर और कई प्रवासी मजदूर शामिल थे, जो रोजी-रोटी कमाने के लिए जम्मू और कश्मीर आए थे। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले के दोषियों को पकड़ने के लिए कड़े कदम उठाए हैं और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने घटना की पूरी जांच शुरू कर दी है ताकि हमले के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

    पूरा देश इस हमले की निंदा कर रहा है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी एकजुटता जाहिर कर रहा है।

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