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  • रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एक निजी अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी की कथित लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई है। यह घटना अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म *गब्बर इज़ बैक* की याद दिला रही है, जहां सिस्टम की खामियों को दिखाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक ने अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओम खेमानी नामक युवक रोते हुए बता रहे हैं कि उनकी मां, भारती देवी, को दो सितंबर को रायपुर के प्रतिष्ठित एमएमआई अस्पताल में भर्ती किया गया था। 10 दिन के इलाज के बाद अस्पताल ने कहा कि उनकी मां का इलाज अब संभव नहीं है और उन्हें हैदराबाद ले जाने की सलाह दी। इस दौरान अस्पताल ने इलाज के लिए 10 लाख रुपये भी लिए।

    जब ओम ने एयर एंबुलेंस कंपनी से संपर्क किया, तो उन्होंने 6 लाख रुपये की मांग की। पैसे चुकाने के बाद, एयर एंबुलेंस आई, लेकिन उसमें न तो कोई डॉक्टर था और न ही आवश्यक उपकरण काम कर रहे थे। जब परिवार एयरपोर्ट पहुंचे, तो कंपनी ने कहा कि केवल एक परिजन ही मरीज के साथ जा सकता है, जबकि पहले यह वादा किया गया था कि दो लोग जा सकते हैं।

    एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही

    हवाई यात्रा के दौरान, एयर एंबुलेंस ने 15 मिनट के भीतर रायपुर लौटने का निर्णय लिया, और बीच रास्ते में ही महिला की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें वापस अस्पताल लाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। ओम खेमानी का आरोप है कि ऑक्सीजन मशीन की खराबी के कारण उनकी मां को आवश्यक ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिल पाई, जिससे उनकी मौत हो गई।

    परिजनों ने अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और न्याय की अपील की है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया है और लोगों को व्यवस्था की खामियों के प्रति जागरूक किया है।

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  • फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा?

    फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी

    सिरगिट्टी स्थित पुष्पा इंडस्ट्रीज में काम करने वाले संजय सिंह की लाश गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान अवस्था में मिली। संजय उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के सुल्तान नगर निवासी थे और फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार रात संजय अपने दोस्त के साथ रेलवे ट्रैक के पास टहल रहे थे और मोबाइल पर बात कर रहे थे। दोस्त के घर जाने के बाद संजय अपने कमरे में नहीं लौटे, और गुरुवार सुबह उनकी लाश गंभीर चोटों के साथ मिली।

    स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई है, क्योंकि संजय के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेजा है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करेगा। फिलहाल, पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ की है और संजय के दोस्त से भी पूछताछ की जा रही है।

    स्वजन के आने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस घटना ने सिरगिट्टी के फैक्ट्री क्षेत्र में दहशत फैला दी है और पुलिस ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी भी इस मामले में सच्चाई सामने लाने की अपील कर रहे हैं।

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  • बिलासपुर में इंटरनेशनल चॉकलेट डे की धूम: महंगे चॉकलेट्स की बढ़ी मांग

    बिलासपुर में इंटरनेशनल चॉकलेट डे की धूम: महंगे चॉकलेट्स की बढ़ी मांग

    इंटरनेशनल चॉकलेट डे के मौके पर, बिलासपुर में चॉकलेट की मांग में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है। पिछले कुछ सालों में शहरवासियों के टेस्ट बड्स में बड़ा बदलाव आया है। अब लोग केवल साधारण चॉकलेट से संतुष्ट नहीं होते, बल्कि महंगे और अलग-अलग फ्लेवर की एक्सोटिक चॉकलेट्स को पसंद कर रहे हैं। शहर में मॉल से लेकर मिठाई की दुकानों और पान की शॉप्स तक, हर जगह चॉकलेट फ्लेवर की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।

    बिलासपुर में बढ़ी चॉकलेट की डिमांड

    अब शहर की मिठाई की दुकानों पर चॉकलेट फ्लेवर की मिठाइयां जैसे चॉकलेट बर्फी, चॉकलेट लड्डू उपलब्ध हैं, वहीं पान की दुकानों में भी चॉकलेट पान की मांग तेजी से बढ़ रही है। बर्थडे केक और शेक्स में भी चॉकलेट फ्लेवर की डिमांड सबसे अधिक है। त्योहारों और खास मौकों पर महंगे चॉकलेट गिफ्ट हैंपर और बास्केट की बिक्री में भारी वृद्धि देखी जा रही है, जो शहरवासियों की बदलती पसंद और जीवनशैली को दर्शाता है।

    स्वास्थ्य के लिए चॉकलेट के फायदे

    स्वाद के साथ-साथ, चॉकलेट को सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। खासकर डार्क चॉकलेट, जो एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, दिल के लिए बहुत लाभकारी होती है। इसमें शुगर की मात्रा कम होती है, जिससे यह हेल्दी विकल्प के रूप में जानी जाती है। शहर के फिटनेस सेंटर्स और जिम में डार्क चॉकलेट को हेल्दी स्नैक के रूप में प्रमोट किया जा रहा है। इसका सेवन फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है।

    बिलासपुर में चॉकलेट कल्चर का विकास

    बिलासपुर में चॉकलेट का बोलबाला अब केवल मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि पान, केक, शेक्स और गिफ्ट आइटम्स तक इसका विस्तार हो गया है। चॉकलेट की बढ़ती लोकप्रियता और इसके सेहतमंद फायदे इसे शहर में हर वर्ग के लोगों के बीच एक पसंदीदा विकल्प बना रहे हैं।

    इंटरनेशनल चॉकलेट डे पर बिलासपुर में चॉकलेट के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। जहां एक तरफ स्वाद और फ्लेवर की विविधता ने इसे खास बनाया है, वहीं दूसरी तरफ इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभ इसे और अधिक लोकप्रिय बना रहे हैं।

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  • 15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    15 सितंबर से छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस का नया सफर शुरू

    प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि 15 सितंबर से राज्य में दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है। यह ट्रेन दुर्ग से विशाखापत्तनम के बीच संचालित होगी, जिससे यात्रियों को इस रूट पर तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन रायपुर से विशाखापत्तनम के बीच 300 किलोमीटर की दूरी केवल पांच घंटे में तय करेगी, जो कि इस मार्ग पर यात्रा के समय में एक महत्वपूर्ण कमी होगी।

    वंदे भारत एक्सप्रेस की मुख्य विशेषताएं

    इस ट्रेन की शुरूआत से छत्तीसगढ़ के निवासियों को एक अत्याधुनिक और तेज गति वाली यात्रा का अवसर मिलेगा। ट्रेन चेयर कार श्रेणी की होगी, जिसका मतलब है कि इसमें स्लीपर सुविधा नहीं होगी, बल्कि आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी। वंदे भारत एक्सप्रेस की डिजाइन और तकनीकी क्षमता इसे अन्य ट्रेनों से अलग बनाती है, क्योंकि इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं और उच्च गति की विशेषता है।

    दुर्ग से विशाखापत्तनम मार्ग

    वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत दुर्ग से की जाएगी, जो कि कोचिंग यार्ड होने के कारण चयनित किया गया है। यह ट्रेन दुर्ग से रायपुर, महासमुंद, खरियार रोड, कांटाभांजी, टिटलागढ़, रायगढ़ा, पार्वतीपुरम और विजयानगरम होते हुए विशाखापत्तनम पहुंचेगी। रेलवे मंडल ने इस ट्रेन के संचालन की सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है, और हाल ही में इसका ट्रायल भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ट्रायल में वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह 5:45 पर दुर्ग रेलवे स्टेशन से रवाना हुई और अपने गंतव्य तक पहुंची।

    रेलवे द्वारा जारी की गई जानकारी

    हालांकि, अभी रेलवे की ओर से इस ट्रेन के स्टॉपेज और किराए को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन जल्द ही इसकी घोषणा होने की संभावना है। यह ट्रेन सप्ताह के सभी दिनों में चलेगी, जिससे यात्रियों को यात्रा की बेहतर और तेज सुविधा मिलेगी। रेलवे की यह पहल यात्रियों की यात्रा को समयबद्ध और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    पहली वंदे भारत ट्रेन

    यह छत्तीसगढ़ के लिए दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। इससे पहले दिसंबर 2022 में बिलासपुर से नागपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई गई थी, जो शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलती है। अब, इस नई वंदे भारत ट्रेन के आने से यात्रियों को विशाखापत्तनम तक तेजी से सफर करने का मौका मिलेगा।

    छत्तीसगढ़ में दूसरी वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत से न केवल राज्य के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि यह राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों को भी आपस में जोड़ने में मददगार साबित होगी। इस ट्रेन से व्यापार, पर्यटन और अन्य आवश्यकताओं के लिए यात्रा करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। वंदे भारत ट्रेनें अपनी तेज गति, उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं और आरामदायक यात्रा के लिए जानी जाती हैं, और अब छत्तीसगढ़ के यात्रियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

    इस ट्रेन का संचालन छत्तीसगढ़ के परिवहन विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे राज्य में रेल यात्रा के अनुभव में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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  • छत्तीसगढ़ को PM-E-Bus योजना के तहत मिली 240 ई-बसों की मंजूरी

    Electric Bus

    छत्तीसगढ़ को PM-E-Bus योजना के तहत मिली 240 ई-बसों की मंजूरी

    देश में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत पीपीपी (सार्वजनिक-निजी साझेदारी) मॉडल पर देश के 169 शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। छत्तीसगढ़ में भी इस योजना का क्रियान्वयन जल्द ही शुरू होने जा रहा है, जहां रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इन चार प्रमुख शहरों के लिए पहले चरण में 240 ई-बसों को मंजूरी मिली है।

    छत्तीसगढ़ में ई-बसों की तैनाती

    प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों – रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा – को पहले चरण में 240 ई-बसें आवंटित की गई हैं। इन बसों की मदद से राज्य में सार्वजनिक परिवहन को न केवल प्रदूषण रहित बनाया जाएगा, बल्कि इसकी क्षमता और गुणवत्ता में भी सुधार होगा। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 30.19 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है।

    इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं

    इस राशि का उपयोग ई-बसों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण में किया जाएगा। इसमें बिजली और डिपो अवसंरचना को विकसित किया जाएगा, जिसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सबस्टेशन की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही मल्टीमॉडल इंटरचेंज और एनसीएमसी (नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड) आधारित स्वचालित किराया संग्रह प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे यात्रियों को किराया भुगतान में सहूलियत होगी।

    छत्तीसगढ़ के लिए योजना की अहमियत

    राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि इससे राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक कुशल और पर्यावरण के अनुकूल हो जाएगी। ई-बसें न केवल शहरी यातायात को सुगम बनाएंगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी मददगार साबित होंगी। यह कदम राज्य को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की ओर ले जाने का हिस्सा है, जो कि आने वाले समय में परिवहन प्रणाली के भविष्य को दर्शाता है।

    देशव्यापी योजना का उद्देश्य

    प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत, 169 शहरों में 10,000 इलेक्ट्रिक बसों को संचालित करने की योजना है, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत लागू किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करना और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। इलेक्ट्रिक बसों से जहां ईंधन खर्च में बचत होगी, वहीं इससे कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

    छत्तीसगढ़ के लिए यह योजना एक बड़ा कदम साबित होगी, क्योंकि यह राज्य के शहरी परिवहन में आधुनिक और पर्यावरण-संवेदनशील बदलाव लाएगी। आने वाले समय में इन ई-बसों से न केवल लोगों को यात्रा करने में सुविधा होगी, बल्कि यह राज्य के पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी मददगार साबित होंगी। PM-E-Bus योजना के तहत, छत्तीसगढ़ के चार शहर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों से जुड़ जाएंगे, जो शहरी यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत और उन्नत तकनीक का परिचायक होंगी।

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  • छत्तीसगढ़ के छात्रों को 64 दिन की छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल

    छत्तीसगढ़ के छात्रों को 64 दिन की छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल

    छत्तीसगढ़ के छात्रों को 64 दिन की छुट्टियां जानें पूरा शेड्यूल

    छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल और कॉलेजों के लिए आगामी छुट्टियों की घोषणा कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, विद्यार्थियों को दशहरा, दीपावली, शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ मिलेगा। इस बार का अवकाश कैलेंडर छात्रों और शिक्षकों के लिए राहत की खबर लेकर आया है, क्योंकि राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण त्योहारों और सर्दी-गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए छुट्टियों का ऐलान किया है।

    राज्य के लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल, बीएड, डीएड कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए प्रस्ताव तैयार किया था, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी। यह कदम छात्रों की शैक्षणिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने और उनकी मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नए अवकाश कैलेंडर के मुताबिक, विद्यार्थियों को कुल 64 दिन की छुट्टियां मिलेंगी।

    दशहरा अवकाश

    दशहरा के अवसर पर राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज 7 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2024 तक बंद रहेंगे। यह अवकाश कुल 6 दिनों का होगा। दशहरा का पर्व छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और सरकार ने इस बात का ध्यान रखा है कि विद्यार्थियों को इस दौरान अपनी सांस्कृतिक और पारिवारिक गतिविधियों में शामिल होने का पर्याप्त समय मिल सके।

    दीवाली अवकाश

    दीपावली, जिसे पूरे देश में सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है, छत्तीसगढ़ में भी बड़े जोश और उत्साह से मनाई जाती है। राज्य सरकार ने दीपावली के लिए 6 दिनों का अवकाश निर्धारित किया है, जो 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2024 तक रहेगा। इस दौरान विद्यार्थी अपने परिवार के साथ इस त्योहार का आनंद ले सकेंगे।

    शीतकालीन अवकाश

    छत्तीसगढ़ में सर्दियों के दौरान तापमान में गिरावट होती है, जिसे देखते हुए शीतकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। 23 दिसंबर से 28 दिसंबर 2024 तक का यह अवकाश कुल 6 दिनों का होगा। इस अवधि के दौरान विद्यार्थियों को ठंड से बचने और छुट्टियों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।

    ग्रीष्मकालीन अवकाश

    सबसे लंबा अवकाश ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का होगा, जो एक मई से 15 जून 2025 तक चलेगा। यह अवकाश कुल 46 दिनों का होगा। यह अवकाश न केवल विद्यार्थियों को गर्मी से बचने का समय देगा, बल्कि उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने और अपनी रुचियों को विकसित करने का भी अवसर प्रदान करेगा।

    छत्तीसगढ़ सरकार के इस अवकाश कैलेंडर से छात्रों और शिक्षकों के बीच संतुलन स्थापित होने की उम्मीद है, जिससे वे नए सत्र की तैयारी बेहतर ढंग से कर सकें।

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  • ओडिशा में अंबुजा सीमेंट के अधिकारी गिरफ्तार

    ओडिशा में अंबुजा सीमेंट के अधिकारी गिरफ्तार

    ओडिशा में अंबुजा सीमेंट के अधिकारी गिरफ्तार

    ओडिशा के बरगढ़ जिले से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें अडानी समूह की कंपनी अंबुजा सीमेंट के मुख्य विनिर्माण अधिकारी रामभाऊ गट्टू को रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गट्टू ने बरगढ़ के कलेक्टर को मिठाई के डिब्बे में 2 लाख रुपये नकद देने की कोशिश की, जिससे वह उनके काम को प्रभावित कर सकें।

    यह घटना उस समय उजागर हुई जब कलेक्टर ने मिठाई के पैकेट की जांच की और उसमें छिपी हुई नकदी पाई। ओडिशा विजिलेंस निदेशालय के अनुसार, गट्टू ने एक बैठक के दौरान कलेक्टर को फूलों का गुलदस्ता और मिठाई का पैकेट भेंट किया, जिसमें पैसे छिपाए गए थे। कलेक्टर ने तुरंत विजिलेंस विभाग को सूचित किया, जिसके बाद गट्टू को गिरफ्तार कर लिया गया।

    अधिकारियों का कहना है कि गट्टू पर लोक सेवक को लुभाने का मामला दर्ज किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रिश्वत के पीछे क्या उद्देश्य था और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं।

    यह मामला सामने आने के बाद अडानी समूह की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है। इस घटना ने उद्योग जगत में खलबली मचा दी है, और विजिलेंस विभाग ने रिश्वतखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

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  • भूपेश बघेल ने रायपुर आईजी और एसीबी प्रमुख पर लगाए गंभीर आरोप

    भूपेश बघेल ने रायपुर आईजी और एसीबी प्रमुख पर लगाए गंभीर आरोप

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को रायपुर सेंट्रल जेल में कोल लेवी मामले के आरोपी व्यापारी सूर्यकांत तिवारी से मिलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इस मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। इससे नाराज होकर बघेल ने रायपुर के आईजी और एसीबी चीफ अमरेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए। बघेल ने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो वे इस मुद्दे को उच्च न्यायालय में ले जाएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।

    इस बीच, सूर्यकांत तिवारी के वकील फैजल रिजवी ने आरोप लगाया है कि तिवारी को जेल में शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। रिजवी का कहना है कि जेल अब प्रताड़ना का केंद्र बन गई है, जहां तिवारी को अत्याचार का शिकार बनाया जा रहा है।

    सूर्यकांत तिवारी ने भी रायपुर आईजी और एसीबी प्रमुख अमरेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तिवारी का कहना है कि मिश्रा ने जेल अधीक्षक के चैंबर में उन्हें बुलाकर धमकाया और दबाव डाला कि वे सौम्या चौरसिया के माध्यम से बघेल को फंसाने के लिए झूठे बयान दें। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जिससे पूरे प्रदेश में राजनीतिक गर्मी बढ़ गई है।

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  • बीजापुर में नक्सलियों की क्रूरता दो ग्रामीणों को फांसी पर लटकाया

    बीजापुर में नक्सलियों की क्रूरता दो ग्रामीणों को फांसी पर लटकाया

    बीजापुर में नक्सलियों की क्रूरता दो ग्रामीणों को फांसी पर लटकाया

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी है, जिन्हें उन्होंने ‘जन अदालत’ में फांसी पर लटकाकर मौत के घाट उतारा। यह घटना पुलिस मुखबिरी के शक में की गई है और इसके चलते इलाके में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है।

    जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात नक्सलियों ने बीजापुर जिले के एक दूरदराज गांव में दोनों ग्रामीणों को पकड़ लिया। उन्हें आरोपित किया गया कि वे पुलिस को सूचना दे रहे थे। नक्सलियों ने इस आरोप की जांच करने के लिए एक जन अदालत का आयोजन किया और फिर दोनों ग्रामीणों को सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया।

    यह घटना इलाके के लिए बेहद चिंताजनक है क्योंकि इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों में असुरक्षा का माहौल बन गया है, बल्कि नक्सलियों की क्रूरता का भी एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया गया है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है और जानकारी जुटाने की कोशिशें जारी हैं।

    ग्रामीणों ने नक्सलियों की इस हिंसक कार्रवाई के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई है और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस और सुरक्षा बलों की स्थिति को देखते हुए, इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और घटना की जांच जारी है।

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  • धार्मिक महत्व से लेकर स्वास्थ्य लाभ तक तुलसी के अद्भुत फायदे

    धार्मिक महत्व से लेकर स्वास्थ्य लाभ तक तुलसी के अद्भुत फायदे

    धार्मिक महत्व से लेकर स्वास्थ्य लाभ तक तुलसी के अद्भुत फायदे

    तुलसी का पौधा धार्मिक महत्व के अलावा सेहत के लिए भी अत्यंत फायदेमंद है। हर घर में मिलने वाला यह पौधा न केवल वास्तु दोष दूर करता है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी अद्भुत हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित गिरीश व्यास के अनुसार, भगवान विष्णु को भोग में तुलसी का पत्ता अनिवार्य होता है, बिना इसके भोग स्वीकार नहीं किया जाता।

    वैज्ञानिक शोधों ने यह साबित किया है कि तुलसी में कैंफीन, यूजेनॉल और सिनेओल जैसे यौगिक मौजूद होते हैं, जो श्वसन तंत्र के वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण को ठीक करने में मददगार हैं। तुलसी में विटामिन K भी पाया जाता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है।

    रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी की 4 पत्तियों का सेवन मधुमेह, रक्त विकार, वात, पित्त और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव में सहायक होता है। तुलसी का पानी पीने से तनाव कम होता है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है।

    घर के अग्नि कोण से लेकर वायव्य कोण तक की जगह में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तु दोष भी दूर होते हैं। इसके अलावा, तुलसी का एसिटिक एसिड पथरी को तोड़ने और यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद करता है। त्वचा विकारों और मुंह के छालों के इलाज में भी तुलसी की पत्तियां बहुत फायदेमंद साबित होती हैं।

    इस पौधे की देखभाल पर विशेष ध्यान देने के बावजूद अगर तुलसी सूखने लगे, तो यह घर में किसी संकट के संकेत का हो सकता है। कुल मिलाकर, तुलसी के पौधे के धार्मिक और औषधीय लाभ असाधारण हैं।

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