Tag: SPIRITUAL KNOWLEDGE

  • व्यावसायिक जीवन में श्रीकृष्ण के सिद्धांतों का महत्व

    व्यावसायिक जीवन में श्रीकृष्ण के सिद्धांतों का महत्व

    व्यावसायिक जीवन में श्रीकृष्ण के सिद्धांतों का महत्व

    भगवान श्रीकृष्ण के जन्माष्टमी के पावन अवसर पर, इंदौर के बुद्धिजीवियों ने उनके जीवन और शिक्षाओं पर अपने विचार साझा किए। भगवान विष्णु ने द्वापर युग में भाद्रपद की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था, और उन्होंने अर्जुन को जो गीता का ज्ञान दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। श्रीकृष्ण की शिक्षाएं न केवल धार्मिक और नैतिक संदर्भों में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में भी मार्गदर्शन करती हैं।

    इंदौर के शिक्षाविद् डॉ. मंगल मिश्रा ने कहा कि श्रीकृष्ण की कुशल नेतृत्व शैली और सहयोगियों की रक्षा करने की उनकी नीति आज भी प्रबंधकों के लिए आदर्श है। उनके अनुसार, सफलता का श्रेय दूसरों को देने की श्रीकृष्ण की सीख से सभी के बीच प्रिय बन सकते हैं। डॉ. पीएन मिश्रा, जो प्रबंधन गुरु हैं, ने गीता को जीवन दर्शन बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण के सिद्धांतों को अपनाकर जीवन और कार्यक्षेत्र में सफलता और सुख-शांति प्राप्त की जा सकती है। उनका मानना है कि समर्पण भाव से कार्य करने पर समय से पहले लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

    युवा कीर्तनकार एवज भंडारे ने श्रीकृष्ण को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने हर भूमिका के साथ न्याय किया, चाहे वह एक ईमानदार प्रेमी हो, अद्भुत वक्ता, या कुशल योद्धा।

    श्रीकृष्ण के सिद्धांत, गुण, और नीतियां आज भी हमारे समाज और जीवन में प्रासंगिक हैं। उनके द्वारा दिए गए गीता के संदेश को अपनाकर एक बेहतर समाज की स्थापना की जा सकती है, और जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=6266

    https://golden36garh.com/?p=6274

  • डॉ. पुर्णेंदु सक्सेना ने आध्यात्म और हिन्दू समाज पर बात की

    डॉ. पुर्णेंदु सक्सेना ने आध्यात्म और हिन्दू समाज पर बात की

    मंदिरों से हमें हमेशा से संस्कार, शिक्षा, आत्मिक, सात्विक, आध्यात्मिक और जीवन से जुडी सभी प्रकार की संतुष्टि मिलती है I यह सदैव मानव जीवन में बने रहें I मंदिर सबके लिए वैसे ही खुले जैसी कल्पना वीर सावरकर ने पतित पावन मन्दिर के लिए की थी I हमारे हिन्दू समाज में गुरुओं की महत्व सर्वोपरि है I गुरुओं को जो स्थान दिया जाता है उनका स्थान अडिग रहे I सनातन हिन्दू धर्म जीवन पद्धति को कमजोर करने वाले विचारों से हमेशा दूरी बनाकर रखें I

    यह सब बातें डॉ. पुर्णेंदु सक्सेना ने रायपुर के आउटडोर स्टेडियम में कही I सक्सेना ने कहा कि हमारा भारत देश एक मजबूत देश के रूप में पूरे विश्व में आगे बढ़ रहा है I इस परिवर्तन युग की घड़ी में हम इसका लाभ उठा पाएं जो अवसर के रूप में मिल रहे हैं, उसके लिए खुद को तैयार करें तभी भारत विश्व गुरु बन सकता है I

    डॉ. सक्सेना ने बताया कि समाज में जो परिवर्तन आ रहा है उसका कारण है कि हिन्दू समाज के लोगों में जागरूकता आ गई है I देश अपने पैरों पर खड़ा हो गया है इसलिए अब शत्रु पराजित हो रहे हैं I ऐसे लोग अब अर्बन या गैंग बनाकर अपना गैंग चला रहे हैं I परन्तु इनके स्वरूप को अभी पहचान पाना जरा मुश्किल है I छत्रपति शिवाजी आउटडोर स्टेडियम बूढ़ापारा, रायपुर में 45 मिनट तक योग, आसन, दंडयुद्ध जैसे कार्यक्रम चला I

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=4018

    https://golden36garh.com/?p=4025