
भूपेश सरकार के बुलेट प्रूफ जैकेट घोटाले पर फिर से जांच की अपील
भूपेश बघेल के कार्यकाल में हुए 13 करोड़ रुपये की बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी में घोटाले का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। इस मामले की जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है। इससे पहले भी इस विषय पर पत्र लिखा गया था। गृहमंत्री शर्मा ने कहा था कि ठोस प्रमाण मिलने पर ही जांच की जाएगी।नरेश गुप्ता ने प्रधानमंत्री को एक बार फिर पत्र भेजकर इस मामले की जांच की मांग की है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि भूपेश सरकार ने जवानों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए घटिया क्वालिटी की बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी की। उद्योग विभाग के एमडी अनिल टूटेजा के इशारे पर बिलासपुर की मेसर्स प्रगति डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड से बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी गई, जबकि वह कंपनी पहले ऐसी आपूर्ति नहीं करती थी। इसके लिए नियमों में बदलाव किए गए थे, और पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग के आदेश के बावजूद इस कंपनी को जिम्मेदारी दी। इसके अलावा, आरोप है कि खरीदी गई बुलेट प्रूफ जैकेट्स पास किए गए सैंपल से मेल नहीं खाती थीं।
गृह विभाग ने दो बार इस फाइल को पुलिस मुख्यालय वापस भेजा, लेकिन अनिल टूटेजा ने मुख्यमंत्री से हस्ताक्षर करा लिए थे। बता दें कि साल 2020 में पुलिस मुख्यालय ने नक्सली क्षेत्रों में तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी के लिए टेंडर जारी किया था, जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया था। हालांकि, टेंडर के नियमों के कारण अनिल टूटेजा की पसंदीदा कंपनी को बाहर रखा गया था, जिसके बाद नियमों में बदलाव कर दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई और इस कंपनी को जिम्मेदारी दी गई।
इस मामले में अनिल टूटेजा का नाम शराब घोटाले में भी सामने आ चुका है और वह वर्तमान में जेल में हैं। एक साल से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उस समय के डीजीपी अशोक जुनेजा को भी रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन दिया गया था।
Read More :
रेपो रेट में बदलाव नहीं, RBI ने आर्थिक स्थिरता पर दिया जोर
आश्रितों को जल्द मिलेगा अनुकंपा नियुक्ति का समाधान, कोर्ट ने दिया आदेश
