
आरबीआई ने रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखा ईएमआई में कोई बदलाव नहीं
रिजर्व बैंक ने गुरुवार को मौद्रिक नीति की समीक्षा के बाद रेपो रेट को 6.5% पर स्थिर रखने का निर्णय लिया है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने घोषणा की कि मौद्रिक नीति समिति ने 4:2 के बहुमत से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है।
रेपो रेट की स्थिरता का मतलब है कि ईएमआई में कोई परिवर्तन नहीं होगा। रेपो रेट कम होने पर आम आदमी को ईएमआई के बोझ से राहत मिल सकती है, जबकि इसके बढ़ने पर बैंकों को भी ब्याज दरें बढ़ानी पड़ती हैं।
मुख्य बिंदु:
- नौवीं बार स्थिर: यह लगातार नौवीं बार है जब रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- पिछला बदलाव: आखिरी बार 8 फरवरी 2023 को रेपो रेट में संशोधन किया गया था।
- जीडीपी ग्रोथ: वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 7.2% पर बरकरार रखा गया है।
- वित्तीय स्थिति: बैंकों की बैलेंस शीट और कंपनियों की वित्तीय स्थिति अच्छी बताई जा रही है।
इस निर्णय से आम जनता के लिए ईएमआई पर कोई नई राहत नहीं मिलेगी, लेकिन बैंकों और कंपनियों की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी रहेगी।
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