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  • सनी लियोन ने महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़े की घटना की निंदा की

    सनी लियोन ने महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़े की घटना की निंदा की

    छत्तीसगढ़ में सनी लियोन का नाम लेकर फर्जीवाड़ा, चार कर्मचारियों पर कार्रवाई

    छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत एक चौंका देने वाला फर्जीवाड़ा खुलासा सामने आया है, जिसमें एक्ट्रेस सनी लियोन और उनके पति के नाम पर आवेदन किया गया। इस मामले ने न केवल प्रशासन को सवालों के घेरे में खड़ा किया है, बल्कि सनी लियोन तक को अपनी प्रतिक्रिया देनी पड़ी।

    सनी लियोन ने कहा- नाम का गलत इस्तेमाल हुआ

    इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सनी लियोन ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरे नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल किया गया है। मैं ऐसी घटना की कड़ी निंदा करती हूं और जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन देती हूं।” उन्होंने आगे कहा कि महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है, लेकिन कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

    क्या है महतारी वंदन योजना?

    महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। फर्जीवाड़े का यह मामला बस्तर जिले के तालुर गांव से जुड़ा है। योजना के तहत एक आवेदन में सनी लियोन और उनके पति जॉनी सीन्स के नाम का उल्लेख किया गया था। यह आवेदन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देवमती जोशी की आईडी से रजिस्टर्ड किया गया। इस आवेदन को सत्यापित कर योजना की राशि जारी कर दी गई। बाद में जांच में यह आवेदन फर्जी निकला।

    कार्रवाई और जांच का अपडेट

    इस घटना के बाद प्रशासन ने चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। इसमें सुपरवाइजर और अन्य आंगनबाड़ी कर्मियों की लापरवाही भी शामिल है। आरोपी वीरेंद्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग पूछ रहे हैं कि ऐसी योजनाओं में सत्यापन प्रक्रिया इतनी कमजोर कैसे हो सकती है कि सनी लियोन जैसे चर्चित नामों पर आवेदन मंजूर हो जाए।

    इस मामले में सरकार ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि योजना के संचालन में सतर्कता और पारदर्शिता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। महतारी वंदन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में ऐसी घटनाएं इसकी विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां न हों और योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे।

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    13 करोड़ रुपये के बुलेट प्रूफ जैकेट घोटाले में उठे नए सवाल

    भूपेश सरकार के बुलेट प्रूफ जैकेट घोटाले पर फिर से जांच की अपील

    भूपेश बघेल के कार्यकाल में हुए 13 करोड़ रुपये की बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी में घोटाले का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। इस मामले की जांच की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा गया है। इससे पहले भी इस विषय पर पत्र लिखा गया था। गृहमंत्री शर्मा ने कहा था कि ठोस प्रमाण मिलने पर ही जांच की जाएगी।नरेश गुप्ता ने प्रधानमंत्री को एक बार फिर पत्र भेजकर इस मामले की जांच की मांग की है।

    पत्र में आरोप लगाया गया है कि भूपेश सरकार ने जवानों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए घटिया क्वालिटी की बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी की। उद्योग विभाग के एमडी अनिल टूटेजा के इशारे पर बिलासपुर की मेसर्स प्रगति डिफेंस सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड से बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी गई, जबकि वह कंपनी पहले ऐसी आपूर्ति नहीं करती थी। इसके लिए नियमों में बदलाव किए गए थे, और पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग के आदेश के बावजूद इस कंपनी को जिम्मेदारी दी। इसके अलावा, आरोप है कि खरीदी गई बुलेट प्रूफ जैकेट्स पास किए गए सैंपल से मेल नहीं खाती थीं।

    गृह विभाग ने दो बार इस फाइल को पुलिस मुख्यालय वापस भेजा, लेकिन अनिल टूटेजा ने मुख्यमंत्री से हस्ताक्षर करा लिए थे। बता दें कि साल 2020 में पुलिस मुख्यालय ने नक्सली क्षेत्रों में तैनात जवानों की सुरक्षा के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीदी के लिए टेंडर जारी किया था, जिसमें तीन कंपनियों ने भाग लिया था। हालांकि, टेंडर के नियमों के कारण अनिल टूटेजा की पसंदीदा कंपनी को बाहर रखा गया था, जिसके बाद नियमों में बदलाव कर दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई और इस कंपनी को जिम्मेदारी दी गई।

    इस मामले में अनिल टूटेजा का नाम शराब घोटाले में भी सामने आ चुका है और वह वर्तमान में जेल में हैं। एक साल से भाजपा सरकार सत्ता में आई है, लेकिन अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उस समय के डीजीपी अशोक जुनेजा को भी रिटायरमेंट के बाद एक्सटेंशन दिया गया था।

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