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  • सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुनर्वास नीति से प्रेरणा

    सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण, पुनर्वास नीति से प्रेरणा

    सुकमा में 6 इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

    छत्तीसगढ़ में बढ़ते नक्सलवाद को रोकने और उसे जड़ से ख़त्म करने के लिए सरकार के द्वारा सुकमा जिले में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियानों के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। सोमवार को 24 लाख रुपये के इनामी 6 नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों में एक दंपती भी शामिल है, जिनमें से प्रत्येक पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुकमा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों की मौजूदगी में इस आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

    नक्सलियों ने सीआरपीएफ डीआईजी आनंद सिंह और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए बताया कि लंबे समय से संगठन का हिस्सा होने के बावजूद, वे हिंसा का मार्ग छोड़ने के लिए प्रेरित हुए हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही पुनर्वास नीति और क्षेत्र में सुरक्षा बलों की सक्रियता ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति की विस्तृत जानकारी दी गई, और उन्हें भविष्य में समाज में नए सिरे से जीवन शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    आत्मसमर्पण के बाद इन नक्सलियों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को रोजगार, शिक्षा, और सामाजिक सुरक्षा जैसी सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति उन्हें समाज में एक नई पहचान बनाने में मदद करेगी और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाएगी।

    सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ चल रहे अभियानों और पुनर्वास नीति के चलते कई नक्सली संगठनों में फूट पड़ रही है और अधिक से अधिक नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। सुरक्षा बलों और पुनर्वास नीति के संयुक्त प्रयासों के चलते आत्मसमर्पण की घटनाओं में वृद्धि हो रही है, जो क्षेत्र में शांति स्थापना के प्रयासों को मजबूती प्रदान कर रही है।

    अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में और भी नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे।

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  • मुख्यमंत्री साय का वादा: गरीबों के लिए 8.40 लाख पक्के घर

    मुख्यमंत्री साय का वादा: गरीबों के लिए 8.40 लाख पक्के घर

    राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 8.40 लाख आवासों को समय पर पूरा करने की समय सीमा निर्धारित कर दी है। इन आवासों को आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नए आवासों की मंजूरी पाने के लिए एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।

    निर्देशों के अनुसार, मार्च 2025 तक सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को प्रभारी मंत्रियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवास मेला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें आवास मित्र, बैंक सखी और तकनीकी सहायकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने निर्माण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल 6.99 लाख परिवारों के साथ ही 1.47 लाख आवासहीन परिवारों को आवास की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य सालभर में 8.40 लाख गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसके लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।

    आवास निर्माण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा, और सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सप्लायरों से भी चर्चा की जाएगी।

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