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  • बीजापुर कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक बच्ची की मौत, 35 बीमार

    बीजापुर कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक बच्ची की मौत, 35 बीमार

    पनीर

    बीजापुर कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक की मौत 35 हुए बीमार

    बीजापुर जिले के धनोरा स्थित माता रुक्मणि कन्या आश्रम में विषाक्त भोजन खाने से एक मासूम बच्ची की मौत हो जाने से हडकंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक, धनोरा स्थित माता रुक्मणि कन्या आश्रम में पनीर की सब्जी और पूड़ी खाने के बाद तीसरी कक्षा में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि 35 अन्य बच्चे फ़ूड पॉइज़निंग की चपेट में आकर बीमार हो गए। बीमार बच्चों को बीजापुर के मातृ एवं शिशु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 12 बच्चों की हालत नाजुक बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में इलाज दिया जा रहा है।

    इस घटना के बाद सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और इसे लचर प्रशासनिक व्यवस्था का परिणाम बताया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने घटना की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी को संयोजक बनाया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है।

    दीपक बैज

    घटना के अनुसार, रविवार को आश्रम में बच्चों के लिए पनीर की सब्जी और पूड़ी बनाई गई थी, जिसके बाद बच्चों की तबियत बिगड़ने लगी। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शालिनी तेलम नाम की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला प्रशासन और कांग्रेस ने मिलकर घटना की विस्तृत जांच की घोषणा की है, ताकि ऐसी घटनाओं से भविष्य में बचाव किया जा सके।

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  • दूरंतो एक्सप्रेस में बहस से हंगामा, रातभर अटकी रही ट्रेन

    दूरंतो एक्सप्रेस में बहस से हंगामा, रातभर अटकी रही ट्रेन

    दूरंतो एक्सप्रेस में हंगामा बिलासपुर में यात्रियों ने किया बवाल

    दूरंतो एक्सप्रेस में हंगामा बिलासपुर में यात्रियों ने किया बवाल

    मामला बिलासपुर रेलवे स्टेशन का है जहाँ बीते बुधवार की रात दूरंतो एक्सप्रेस में बड़ा हंगामा हुआ। यह ट्रेन हावड़ा से पुणे जा रही थी और रात 12:05 बजे स्टेशन पर पहुंची। टाटानगर स्टेशन से भोजन प्राप्त करने वाले यात्रियों ने खाने को लेकर फूड पॉइजनिंग का आरोप लगाया, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। टीटीई और यात्रियों के बीच बहस के बाद मामला बढ़ गया और गुस्साए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को दो घंटे तक रोके रखा। इस दौरान रेलवे पुलिस फोर्स और स्टेशन मास्टर ने यात्रियों को समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन यात्री शांत होने को तैयार नहीं थे। आखिरकार रात दो बजे ट्रेन को रवाना किया गया।

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    इस बीच, यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने बड़ी घोषणा की है। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की 16 प्रमुख ट्रेनों में चार-चार जनरल कोच जोड़े गए हैं। पहले इन ट्रेनों में सिर्फ दो जनरल कोच होते थे, जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें होती थीं। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ट्रेन में 400 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो गई हैं।

    जोन में कुल 6400 सीटों की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न केवल सामान्य यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि स्लीपर कोच में जबरन यात्रा करने वाले यात्रियों की समस्या भी कम होगी। ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने से यात्रियों को सफर में अधिक सुविधा और आराम मिलेगा। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि ट्रेनों में कोच की संख्या प्लेटफार्म की क्षमता के अनुसार रहे।

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  • छत्तीसगढ़ के कन्या आश्रम में फूड प्वाइजनिंग की घटना

    कोरबा जिले के कन्या आश्रम में फूड प्वाइजनिंग से 20 छात्राएं बीमार

    छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम कटोरी में स्थित नगोई कन्या आश्रम की करीब 20 छात्राएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। घटना उस समय हुई जब छात्राओं ने छात्रावास में भोजन किया और उसके बाद अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी। सभी छात्राओं को उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से काठगोधा के उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    प्रशासनिक अधिकारियों ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की जानकारी मिलते ही कटघोरा एसडीओपी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं और संबंधित स्टाफ से बात कर घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की। प्रशासन द्वारा घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।

    भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल

    प्रारंभिक जांच के अनुसार, रात्रि भोजन के बाद छात्राओं की तबियत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग ने भोजन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं ताकि पता लगाया जा सके कि भोजन में कोई विषाक्त पदार्थ था या नहीं। इस घटना ने कन्या छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।

    अभिभावकों की चिंता और कार्रवाई की मांग

    कई अभिभावकों ने इस घटना के बाद प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।

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