रायपुर दक्षिण विधानसभा का चुनावी जंग इस बार अपनी चरम सीमा पर है। क्षेत्र में कुल 19 वार्ड आते हैं, जिनमें कांग्रेस के 11 और भाजपा के 8 पार्षद हैं। हालांकि, पार्षदों की संख्या के बावजूद कांग्रेस को विधानसभा और लोकसभा चुनावों में बढ़त नहीं मिल पाई।
इस बार के चुनावों में कांग्रेस के लिए चुनौती और भी बड़ी है, क्योंकि दोनों पार्टी के भीतर आपसी कलह देखने को मिल रही है। वहीं, भाजपा के लिए पूर्व सांसद सुनील सोनी की निष्क्रियता के आरोपों के कारण उनके लिए इस लीड को बनाए रखना एक कठिन कार्य होगा। भाजपा प्रत्याशी सुनील सोनी ने नामांकन दाखिल करने से पहले ही जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है, जबकि नामांकन के बाद भी वे भी ,लोगों से सघन जनसंपर्क बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

कांग्रेस की ओर से प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज ने हाल ही में एक जनसभा में पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए आकाश को विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकने का आह्वान किया। कांग्रेस भी इस बार दक्षिण विधानसभा के रण में पूरी तैयारी से उतर रही है।

रायपुर दक्षिण विधानसभा के कुछ वार्ड, जैसे मौदहापारा और संजय नगर, कांग्रेस को मजबूत लीड दिलाते हैं। दूसरी ओर, ब्राह्मण पारा, सुंदर नगर, और पुरानी बस्ती जैसे इलाकों में भाजपा का प्रभाव देखा जाता है। ऐसे में, इस चुनाव में दोनों पार्टियों के लिए बूथ मैनेजमेंट निर्णायक साबित हो सकता है। यह चुनावी जंग न सिर्फ उम्मीदवारों की व्यक्तिगत लोकप्रियता पर, बल्कि उनकी रणनीति और संगठन क्षमता पर भी निर्भर करेगी। कुल मिलाकर बात करें तो इस बार रायपुर दक्षिण का चुनावी युद्ध रोमांचक होने वाला है।
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