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  • सक्ती जिले में मकर संक्रांति सहित तीन तिथियों पर स्थानीय अवकाश घोषित

    सक्ती जिले में मकर संक्रांति सहित तीन तिथियों पर स्थानीय अवकाश घोषित

    मकर संक्रांति, महानवमी और गोवर्धन पूजा पर सरकारी कार्यालय रहेंगे बंद

    नए साल की शुरुआत के साथ ही राज्य सरकार ने अपने स्थानीय अवकाशों की सूची जारी कर दी है। जारी सूची के अनुसार, प्रत्येक जिले के कलेक्टर को अपने जिले की परंपराओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थानीय अवकाश निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। इसी के तहत सक्ती जिले के कलेक्टर द्वारा वर्ष 2025 के लिए तीन महत्वपूर्ण तिथियों पर स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को सक्ती जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। यह त्योहार जिलेवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है, और इस दिन लोग धार्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं।

    इसके अलावा, महानवमी पर 1 अक्टूबर को अवकाश घोषित किया गया है। यह त्योहार नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है और जिले में इसे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। तीसरा अवकाश गोवर्धन पूजा के अवसर पर 21 अक्टूबर को रहेगा। यह त्योहार दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है और जिले में धार्मिक आस्था का केंद्र है। इन तीन तिथियों पर जिले के सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, और अन्य शासकीय विभाग बंद रहेंगे। इससे संबंधित लोगों को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने का पर्याप्त समय मिलेगा।

    सरकारी नियमों के अनुसार, स्थानीय अवकाश हर जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तय किए जाते हैं। इन अवकाशों की घोषणा के बाद सक्ती जिले के नागरिकों में उत्साह का माहौल है। लोग इन अवसरों पर पारिवारिक और सामाजिक गतिविधियों की योजना बनाने लगे हैं। यह आदेश राज्य सरकार के अवकाश नियमों के तहत जारी किया गया है, जो प्रत्येक जिले की परंपराओं को सहेजने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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  • छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    छत्तीसगढ़ में भव्य रावण दहन और रामलीला का आयोजन

    दशहरा महोत्सव 2024

    आज, 12 अक्टूबर 2024, शनिवार को पूरे भारत में विजयदशमी का पर्व, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे हर साल रावण दहन करके मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां की गई हैं।

    प्रदेश के सबसे बड़े दशहरा उत्सव की शुरुआत डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगी, जहां इस साल 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे, जो बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, जहां समाज एकजुट होकर विजय का जश्न मनाता है।

    दूधाधारी मठ से भी बालाजी की पालकी निकाली जाएगी, जिसमें श्रीराम की सेना रावणभाठा मैदान तक पहुंचेगी। इसके बाद, रामलीला के आयोजन के साथ 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भक्तों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्व रखता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम भी है।

    छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा 60 फीट ऊंचे रावण, 35 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाएगा। इसके अलावा, सप्रे शाला, टिकरापारा, चौबे कॉलोनी, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर और पंडरी सहित कई क्षेत्रों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

    दशहरा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे रामलीला, लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं और परिवार व दोस्तों के साथ इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।

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