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  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों से की मुलाकात

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को बीजापुर जिले के कुटरू-बेदरे मार्ग पर ग्राम अंबेली में हुए आईईडी ब्लास्ट में शहीद 8 जवानों और वाहन चालक को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। दंतेवाड़ा के कारली पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीदों के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, विधायक चैतराम अटामी, विक्रम मंडावी, और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने शहीद जवान बामन सोढ़ी के पार्थिव शरीर को कंधा देकर उनके गृह ग्राम रवाना किया। अन्य शहीद जवानों और वाहन चालक के पार्थिव शरीर भी उनके गृह स्थानों के लिए रवाना किए गए।

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    मुख्यमंत्री ने घटना को लोकतंत्र और शांति पर प्रहार बताते हुए कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद का पूर्ण खात्मा होगा।

    उल्लेखनीय है कि बीजापुर के कुटरू क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा किए गए इस कायराना हमले में डीआरजी के 8 जवान और एक वाहन चालक शहीद हो गए। मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति स्थापना और विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

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  • छत्तीसगढ़ में सीमेंट-सरिया की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की बढ़ी परेशानी

    छत्तीसगढ़ में सीमेंट-सरिया की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की बढ़ी परेशानी

    छत्तीसगढ़ में सीमेंट और सरिया की कीमतों में बढ़ोतरी सांसद ने जताई चिंता

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में सीमेंट और सरिया की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में सीमेंट कंपनियां स्थानीय संसाधनों का दोहन करने के बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है।

    सीमेंट की कीमतों में वृद्धि का असर
    जानकारी के मुताबिक़, राज्य में हर महीने लगभग 30 लाख टन सीमेंट का उत्पादन होता है। नवंबर में सीमेंट की कीमत प्रति बोरी ₹260 थी, जिसे अब ₹275-₹300 तक बढ़ा दिया गया है। सरकारी और जनहित प्रोजेक्ट्स के लिए सीमेंट की कीमत ₹205-₹210 से बढ़ाकर ₹250 कर दी गई है। सांसद ने बताया कि यह वृद्धि प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, शासकीय योजनाओं और प्रधानमंत्री आवास योजना पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही है।

    सरिया की कीमतों में अस्थिरता
    सरिया की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे आम उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने राज्य सरकार से इन कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।

    जीएसटी विभाग का नया नियम
    टैक्स चोरी रोकने के लिए जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल और ई-इनवाइसिंग सिस्टम में अपडेट किया है। 20 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों पर मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू हो गया है, जबकि 5 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए यह नियम 1अप्रैल से अनिवार्य होगा।

    अधिकारियों के अनुसार, यह कदम फर्जी बिलिंग रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है। ई-वे बिल के बिना पाए जाने पर वाहन और माल जब्त किया जाएगा और 10% या ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है। इन सख्त प्रावधानों से टैक्स चोरों पर प्रभावी लगाम लगने की उम्मीद है।

    ऐसे में अब सरकार से उम्मीद जताई जा रही है कि जनता को राहत प्रदान करने के लिए इन मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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    गरियाबंद में 338 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन

    नक्सली मुठभेड़ में जवान शहीद, AK-47 और SLR जैसे हथियार जब्त

  • गरियाबंद में 338 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन

    गरियाबंद में 338 करोड़ के विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण और भूमिपूजन

    गरियाबंद में 338 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन

    गरियाबंद जिले के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 338 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। ये कार्य जनसुविधाओं के विस्तार और उनकी सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

    विष्णुदेव साय इन परियोजनाओं को जिलेवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूती देंगे और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में गरियाबंद जिले के निवासियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र में विकास की गति तेज होगी और जनसुविधाओं का विस्तार होगा।

    गरियाबंद में इन परियोजनाओं के तहत सड़क निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल आपूर्ति, और अन्य बुनियादी ढांचा सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार समग्र विकास को प्राथमिकता दे रही है और प्रत्येक जिले को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर जिले के प्रमुख अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, और बड़ी संख्या में नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    नक्सली मुठभेड़ में जवान शहीद, AK-47 और SLR जैसे हथियार जब्त

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव नाराजगी जताते हुए कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के राज्य नगरीय विकास अभिकरण ने 40 हजार से अधिक आवास को तीन महीने के अन्दर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है I प्रधानमंत्री आवास योजना को पूरा करने के लिए सरकार ने जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है I बीते मंगलवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक ली, इस बीच उपमुख्यमंत्री ने कार्य पूरा न होने पर नाराजगी जताते हुए कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिए हैं I

    प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत 192 नगरीय निकायों के हितग्राहियों को पक्के मकान के लिए सर्वे कर एक लिस्ट जारी किया गया है I लिस्ट में कुल स्वीकृति 249166, पूर्ण आवास 203654, अपूर्ण आवास 41563 और 3949 अभी शुरू नहीं किया गया है I प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 22 निकायों की बढ़त मिली है I इसके तहत पहले चरण में 170 निकाय शामिल थे जो अब बढ़कर 192 हो गया है I केंद्र सरकार ने पहले चरण में जिनके नाम छुट गए थे उनको दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा I

    राज्य सरकार ने आदेशानुसार सभी पात्र हितग्राहियों को आवास दिया जाना है इसके लिए एक विशेष संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा I इस समिति का उद्देश्य राज्य के विभिन्न इलाकों में जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे कर लोगों को आवास दिलाना है I

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  • 26 जनवरी तक प्रदेश में होंगे 151 जन औषधि केंद्र, सीएम साय ने किया दावा

    26 जनवरी तक प्रदेश में होंगे 151 जन औषधि केंद्र, सीएम साय ने किया दावा

    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि राज्य सरकार “प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना” के तहत 26 जनवरी 2025 तक 151 जन औषधि केंद्रों की स्थापना करेगी। यह कदम प्रदेश के नागरिकों के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल दवाइयों की कीमतों में कमी आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को उनके स्वास्थ्य संबंधी अधिकार दिलाना है, ताकि किसी को भी आर्थिक तंगी के कारण अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं से समझौता न करना पड़े।

    सरकार का मानना है कि इन केंद्रों के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति को और बेहतर बनाया जा सकेगा। इन केंद्रों से आम जनता, विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। सस्ती दवाइयों की उपलब्धता से न केवल मरीजों की आर्थिक समस्याओं में राहत मिलेगी, बल्कि यह पहल राज्य की समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

    सरकार के इस प्रयास को लेकर जनता में काफी सकारात्मकता देखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार न केवल जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, बल्कि इन केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी भी की जाएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जो महंगी दवाइयों के बोझ से जूझ रहे हैं। प्रदेशवासियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे एक दूरदर्शी निर्णय बताया है। जन औषधि केंद्रों की स्थापना के साथ, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया युग शुरू होने की उम्मीद है।

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  • प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने दी जान,क्या थी वजह? पढ़ें पूरी खबर

    प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने दी जान,क्या थी वजह? पढ़ें पूरी खबर

    सुपेला में प्रेमी जोड़े ने ट्रेन से कटकर दी जान, पुलिस जुटी जाँच में

    भिलाई के सुपेला अंडरब्रिज के पास गुरुवार देर रात एक प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह घटना की जानकारी पुलिस को मिली, जिसके बाद दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतकों की पहचान 26 वर्षीय श्रेया फर्नांडिज और 30 वर्षीय राहुल कुमार सिंह के रूप में हुई।

    श्रेया बीएमवाय चरोदा की रहने वाली थी और सुपेला के आकाशगंगा स्थित एक मोबाइल दुकान में काम करती थी। वहीं, राहुल हॉस्पिटल सेक्टर का निवासी था और शेयर ट्रेडिंग का काम करता था। जांच में पता चला कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। श्रेया की दो महीने बाद शादी तय थी, जबकि राहुल पहले से शादीशुदा था।

    परिजनों ने बताया कि श्रेया गुरुवार सुबह स्कूटी लेकर घर से निकली थी। शाम को उसका फोन बंद मिला, जिसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। वहीं, राहुल के परिवार से पुलिस अब तक संपर्क नहीं कर सकी है। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला है कि श्रेया को न्यूड वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर 5.80 लाख रुपए ऐंठे गए थे। हालांकि, यह आत्महत्या का कारण है या नहीं, इस पर अभी स्थिति साफ नहीं है। फिलहाल सुपेला पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों के संबंधों से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही है। इस घटना से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं।

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    राजनांदगांव जिले में गैस सिलेंडर के फटने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत

  • राजनांदगांव जिले में गैस सिलेंडर के फटने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत

    राजनांदगांव जिले में गैस सिलेंडर के फटने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत

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    खाना बनाते समय फटा सिलेंडर , एक ही परिवार के तीन लोगों की हुई मौत

    राजनांदगांव शहर से लगे भंवरमरा गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की जान चली गई। घर में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर फटने से पति, पत्नी और उनकी तीन साल की बेटी की मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान घर में भागवत सिन्हा (38), उनकी पत्नी तामेश्वरी सिन्हा (35), और बेटी भाव्या सिन्हा (3) के शव बरामद हुए। विस्फोट इतना जोरदार था कि मकान का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। भागवत सिन्हा गांव में किराना दुकान चलाते थे, जबकि उनकी पत्नी तामेश्वरी गृहणी थीं। उनकी छोटी बेटी भाव्या परिवार की इकलौती संतान थी। इस हादसे ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। पड़ोसियों ने बताया कि घटना के समय घर में खाना बनाया जा रहा था।

    पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यही सामने आया है कि सिलेंडर लीक होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, फॉरेंसिक टीम विस्फोट के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। घटना से गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना गैस सिलेंडरों के सही उपयोग और उनकी समय-समय पर जांच की जरूरत को फिर से उजागर करती है।

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  • सुरक्षाबलों की मजबूती से घबराए नक्सली, गोमगुड़ा कैंप पर किया हमला

    सुरक्षाबलों की मजबूती से घबराए नक्सली, गोमगुड़ा कैंप पर किया हमला

    सुरक्षाबलों की मजबूती से घबराए नक्सली, गोमगुड़ा कैंप पर किया हमला

    छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित इलाके रायगुडेम में नक्सलियों ने एक बार फिर से हिंसा का सहारा लिया। बीती रात नक्सलियों ने जवानों के कैंप पर हमला किया, जिसमें कोबरा 206 बटालियन के दो जवान घायल हो गए। हालांकि, उनकी हालत खतरे से बाहर है।

    रायगुडेम कभी नक्सलियों का मुख्य गढ़ हुआ करता था। यहां उनकी बटालियन सक्रिय थी, लेकिन हाल के महीनों में सुरक्षा बलों ने लगातार अभियान चलाकर नक्सलियों की कमर तोड़ दी है। सुरक्षाबलों ने इलाके में दबदबा कायम रखते हुए रायगुडेम और गोमगुड़ा नदी के पार नए कैंप स्थापित किए हैं। इन कैंपों ने नक्सलियों की रणनीति को कमजोर किया है, जिससे परेशान होकर उन्होंने यह हमला किया।

    सूत्रों के अनुसार, चिंतलनार थाना क्षेत्र स्थित गोमगुड़ा में स्थापित नए कैंप को निशाना बनाकर नक्सलियों ने हमला किया। उन्होंने बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) से हमला किया, जिसके कारण कैंप के बाहरी सुरक्षा घेरे पर तैनात दो जवान घायल हो गए। लेकिन सुरक्षाबलों ने तुरंत मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली भागने पर मजबूर हो गए।

    घटना के बाद घायल जवानों का प्राथमिक उपचार किया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के चलते नक्सलियों का हमला विफल रहा। यह घटना नक्सलियों की घटती ताकत और सुरक्षाबलों की मजबूती को स्पष्ट करती है।

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    मुख्यमंत्री सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार मुकेश कुमार बंसल को सौंपा गया

  • मुख्यमंत्री सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार मुकेश कुमार बंसल को सौंपा गया

    मुख्यमंत्री सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार मुकेश कुमार बंसल को सौंपा गया

    मुकेश कुमार बंसल और अमित कटारिया को नई जिम्मेदारियां

    भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 2005 बैच के अधिकारी मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री के सचिव पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बंसल, जो फरवरी 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से छत्तीसगढ़ लौटे थे, पहले से प्रदेश में वित्त विभाग और वाणिज्य कर विभाग (आबकारी और पंजीयन को छोड़कर) के सचिव और पेंशन निराकरण समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। अब उन्हें मुख्यमंत्री सचिव पद का दायित्व भी सौंपा गया है, जो उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    वहीं, 2004 बैच के IAS अधिकारी अमित कटारिया को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने 22 दिसंबर को इस नियुक्ति का आदेश जारी किया। अमित कटारिया, जो 2017 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे, ने सितंबर 2024 में प्रदेश में जॉइनिंग दी थी, लेकिन उन्हें अब तक कोई विभाग नहीं मिला था। अब उन्हें यह महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया है। उनके पदभार ग्रहण के बाद, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ इस पद से मुक्त हो जाएंगे।

    इसके अलावा, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे सुबोध कुमार सिंह को मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया था। यह प्रशासनिक बदलाव राज्य सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने के लिए किए गए हैं। यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं, जो छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों में नया दिशा देने का संकेत देते हैं।

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    छत्तीसगढ़ में 63.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का बना रिकॉर्ड

    बीजापुर में नक्सलियों के स्पाइक होल से जवान घायल, सुरक्षा अभियान जारी

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    छत्तीसगढ़ में 63.14 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का बना रिकॉर्ड

    छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक धान खरीदी: 63.14 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है कि उनकी सरकार ने 63.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है, जिससे 13 लाख से अधिक किसानों को 14,058 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि “अन्नदाताओं का सम्मान, हमारा अभिमान।”

    धान खरीदी की प्रक्रिया को और सरल और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीदी केंद्रों पर समयबद्ध और सुव्यवस्थित प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को अपनी उपज का सही मूल्य बिना किसी देरी के मिल रहा है। राज्य सरकार ने ऑनलाइन पंजीकरण और डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल किया है, जिससे किसानों को सुविधा और पारदर्शिता मिल रही है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी सहायता, उन्नत बीज, और सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य राज्य को कृषि क्षेत्र में अग्रणी बनाना है और किसानों को अधिक लाभ पहुंचाना है। इन सुधारों से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है और उनकी मेहनत का सही मूल्य दिलवाना है।

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