दशहरा महोत्सव 2024

आज, 12 अक्टूबर 2024, शनिवार को पूरे भारत में विजयदशमी का पर्व, जिसे दशहरा के नाम से भी जाना जाता है, धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, जिसे हर साल रावण दहन करके मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाने की तैयारियां की गई हैं।
प्रदेश के सबसे बड़े दशहरा उत्सव की शुरुआत डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में होगी, जहां इस साल 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण किया गया है। इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहेंगे, जो बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, जहां समाज एकजुट होकर विजय का जश्न मनाता है।
दूधाधारी मठ से भी बालाजी की पालकी निकाली जाएगी, जिसमें श्रीराम की सेना रावणभाठा मैदान तक पहुंचेगी। इसके बाद, रामलीला के आयोजन के साथ 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भक्तों के लिए यह अवसर विशेष रूप से महत्व रखता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का संगम भी है।
छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति द्वारा 60 फीट ऊंचे रावण, 35 फीट ऊंचे कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाएगा। इसके अलावा, सप्रे शाला, टिकरापारा, चौबे कॉलोनी, बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर और पंडरी सहित कई क्षेत्रों में रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
दशहरा के अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे रामलीला, लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियाँ भी इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होंगी। लोग मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए जुट रहे हैं और परिवार व दोस्तों के साथ इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।
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