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  • एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में

    एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में

    एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में छत्तीसगढ़ के कारीगर भाग लेंगे

    एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन बेंगलुरु में I ग्रामीण कारीगरों के लिए हस्तशिल्प, कृषि और हथकरघा उत्पादों को बेचने के लिए एक मंच ‘ग्रामीना हब्बा’ का आयोजन 14 मार्च तक बेंगलुरु में नाबार्ड के कर्नाटक क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा किया जा रहा है।

    इस कार्यक्रम में कर्नाटक और पूरे भारत के कई जिलों के बुनकरों, ग्रामीण कारीगरों, किसानों और जनजातियों के हथकरघा साड़ी, हस्तनिर्मित कला, घरेलू सज्जा, हाथ से बुने कपड़े सामग्री, प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद, आदिवासी उत्पाद, आभूषण, जैविक खाद्य उत्पाद और सहायक उपकरण शामिल हैं।
    इन वस्तुओं की बिक्री से होने वाली आय सीधे कारीगरों के पास जाएगी।
    प्रतिभागी –
    इस आयोजन में कर्नाटक के विभिन्न जिलों के 25 से अधिक कारीगरों के साथ-साथ तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कारीगर भाग ले रहे हैं।

    उत्पाद जो प्रदर्शित किए जा रहे हैं
    कसुती वर्क, उडुपी साड़ी, चन्नापटना खिलौने, आरी कढ़ाई वाले कपड़े, कोल्हापुरी चप्पल, मैसूर की अनूठी शीशम जड़ना, जैविक खाद्य उत्पाद, तैयार किए गए घरेलू सज्जा, और लाख चूड़ियों जैसे भारत के विभिन्न हिस्सों के उत्पादों सहित जीआई उत्पादों सहित अनन्य कर्नाटक उत्पाद। भोपाल की जयपुरी रजाई, तमिलनाडु की आरनी रेशम, मध्य प्रदेश की माहेश्वरी रेशम, छत्तीसगढ़ की कोसा रेशम की साड़ियाँ, तेलंगाना की इकत साड़ी, ओडिशा के आभूषण, केरल के मसाले और मंदिर शिल्प और उत्तर प्रदेश की चादरें उपलब्ध हैं।

    इस तरह के आयोजन का कारण
    नाबार्ड के अनुसार, वर्तमान COVID-19 संकट ने पूरी अर्थव्यवस्था पर, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में कहर बरपा रखा है। इसलिए, देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए इस प्रकार की प्रदर्शनियां आवश्यक हैं।

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  • आज माननीय भुपेश जी ने गोरखपीठ में की पूजा ..

    देश के सुख समृद्धि और भाईचारे के लिय की कामना

    आज माननीय भुपेश जी ने गोरखपीठ में की पूजा | गुरु गोरखनाथ द्वारा जलाई गई धूनी गोरखनाथ मंदिर में आज भी जलती है। उसमें मंदिर के पुजारी लकड़ी और गाय का कंडा डालते हैं। उस धूनी की भभूत ही गोरखनाथ मंदिर का प्रमुख प्रसाद है। उसकी भभूत मंदिर में आए हर भक्तों को दी जाती है।

    वही आज श्री भूपेश बघेल जी भी दर्शन के लिए पाहुचे, और गोरखनाथ मंदिर में जाकर उनके दर्शन किए, पूजा अर्चना की और सभी के लिए सुख शांति के लिए प्रार्थना की। समरसता और भाईचारे की भारतीय परंपरा और संस्कृति के ध्वजवाहक‌ रहे गोरखपीठ में आज पूजा अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान गोरखनाथ से देश भर में सुख समृद्धि की कामना की।

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  • महँगी हुई बिजली के लिए आज होगी जनसुनवाई..

    महँगी हुई बिजली के लिए आज होगी जनसुनवाई..

    छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई का दिया है प्रस्ताव, आपत्तियां सुनेगा नियामक आयोग |

    महंगी हुई बिजली के लिए आज होगी जनसुनवाई | आपको बता दें की छत्तीसगढ़ की बिजली कंपनियों ने घाटे की भरपाई का दिया है प्रस्ताव, आपत्तियां सुनेगा नियामक आयोग | छत्तीसगढ़ में बिजली की दर महंगी करने के प्रस्ताव पर गरुवार को जनसुनवाई होनी है।

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग इस प्रस्ताव पर आपत्तियों की सुनवाई करेगा। इसमें सभी पक्षकार शामिल हो रहे हैं। इसी सुनवाई के आधार पर तय होगा कि इस साल बिजली के टैरिफ में वृद्धि हाेगी कि नहीं।

    रायपुर के शांति नगर स्थित विद्युत नियामक आयोग के कार्यालय में जनसुनवाई गुरुवार सुबह 11 बजे से शुरू होनी है। सबसे पहले कृषि और संबद्ध सेवाओं के उपभोक्ताओं की आपत्तियां सुनी जानी हैं।

    दोपहर बाद 2.30 बजे से 3.30 बजे गैर घरेलू उपभोक्ता और 3.30 से 5.30 बजे तक घरेलू उपभोक्ता अपनी आपत्तियों पर चर्चा कर सकेंगे। जनसुनवाई अगले दिन भी जारी रहेगी। 25 फरवरी को 11 बजे से 1.30 बजे तक सभी उच्च दाब उपभोक्ता, दोपहर 2.30 से 4.30 बजे तक निम्न दाब उपभोक्ता और 4.30 से 5.30 बजे तक स्थानीय निकाय, नगर निगम और ट्रेड यूनिअन जैसे संगठन अपनी आपत्ति रख पाएंगे।

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग को दी गई याचिकाओं में कंपनियों ने नए पूंजी निवेश व्यय और आय का पूरा लेखाजोखा दिया है। बताया गया है कि चालू सत्र में कंपनी ने 3 हजार 642 करोड़ रुपए लाभ का अनुमान लगाया है। लेकिन पिछले वित्तीय वर्षों में हुए 4 हजार 388 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई कंपनी करना चाहती है। यह घाटा पाटने के लिए कंपनी को 745 करोड़ के अतिरिक्त राजस्व की जरूरत होगी।

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