मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य में बढ़ रहे अपराध और अधिकारियों की गैरजिम्मेदारी पर आक्रोश जताया है । सीएम साय ने राज्य में लापरवाही करने वाले एसपी-कलेक्टरों को एक साथ हटाने का सिलसिला शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया बलौदाबाजार हिंसा के बाद शुरू हुई थी। इसके बाद, सितंबर में कबीरधाम की हिंसात्मक घटना के बाद भी कलेक्टर और एसपी को बदलने की कार्रवाई की गई थी। हाल ही में सूरजपुर में प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी के हत्याकांड के बाद, सूरजपुर के कलेक्टर रोहित व्यास और एसपी एमआर आहिरे को हटाया गया है।
सूरजपुर में एस.जयवर्धन को नया कलेक्टर और प्रशांत कुमार ठाकुर को नया एसपी नियुक्त किया गया है। इन कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि लापरवाही बरतने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने अपने नौ महीने के कार्यकाल में कई आइएएस-आइपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की है।

कलेक्टर-एपी कांफ्रेंस में, उन्होंने मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजन कम होने पर बस्तर कलेक्टर पर नाराजगी जताई थी, जिसके बाद उन्हें हटा दिया गया। गोरेला पेंड्रा मरवाही की कलेक्टर प्रियंका ऋषि महोबिया को नायब तहसीलदार रमेश कुमार के साथ विवाद के बाद हटाया गया। बलौदाबाजार में एसपी-कलेक्टर कार्यालय में हुई आगजनी और हिंसा में पहले कलेक्टर कुमार लाल चौहान और एसपी सदानंद कुमार को हटाया गया और बाद में निलंबित कर दिया गया।

बलौदाबाजार हिंसा कांड में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव सहित 185 आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। सितंबर में कवर्धा के लोहारीडीह हिंसा मामले में मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-एसपी को हटाने की बड़ी कार्रवाई की। कवर्धा के कलेक्टर जन्मेजय महोबे की जगह गोपाल वर्मा को नियुक्त किया गया, और पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव को हटाकर राजेश कुमार अग्रवाल को उनकी जगह नियुक्त किया गया।15 सितंबर 2024 को, बस्तर के कलेक्टर विजय दयाराम को हटाकर उन्हें राज्य कौशल अभिकरण भेजा गया। उनकी जगह सुकमा के कलेक्टर हरीश एस को बस्तर का कलेक्टर बनाया गया। इसी दिन मुंगेली के एसपी गिरिजा शंकर जायसवाल को हटाकर भोजराज पटेल को उनकी जगह नियुक्त किया गया।
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