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  • रायपुर में अवैध हथियार बेचने की कोशिश नाकाम, अपराधी पुलिस की गिरफ्त में

    फाफाडीह में अवैध हथियारों के सौदे पर पुलिस की नज़र, हिस्ट्रीशीटर मो. आमीर गिरफ्तार

    राजधानी रायपुर में अपराधों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 27 अगस्त 2024 को एंटी क्राइम और साइबर यूनिट को यह जानकारी मिली कि फाफाडीह इलाके में स्थित शराब दुकान के पीछे एक व्यक्ति अवैध हथियार बेचने की फिराक में है।

    सूचना की पुष्टि होते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने एंटी क्राइम यूनिट और देवेंद्र नगर पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की, जो उरला थाना का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर मो. आमीर निकला। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक पिस्टल और एक देशी कट्टा बरामद हुआ, जिसे वह बेचने की फिराक में था।

    मो. आमीर, जो पहले से ही विभिन्न गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है, उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ रायपुर के अलावा बिलासपुर और मुंगेली के विभिन्न थानों में भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वह पहले भी जेल जा चुका है। इस बार उसे आर्म्स एक्ट के तहत देवेंद्र नगर थाने में दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

    पुलिस की यह कार्रवाई न केवल अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा कदम है, बल्कि राजधानी में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

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  • पुतिन और मोदी के सामने बिलासपुर के एटीएल छात्रों ने दिखाया अपना कौशल

    पुतिन और मोदी के सामने बिलासपुर के एटीएल छात्रों ने दिखाया अपना कौशल

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर 3डी प्रिंटर प्रेजेंटेशन देकर चमके बिलासपुर के एटीएल छात्र

    बिलासपुर के मल्टीपरपज स्कूल के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) के छात्रों ने नवाचार के क्षेत्र में देशभर में अपनी पहचान बनाई है। यहां के छात्रों ने कृषि मित्र नाम के उपकरण का पेटेंट हासिल किया है, जो उनकी तकनीकी प्रतिभा का प्रमाण है। हाल ही में, तीन छात्रों को स्वतंत्रता दिवस परेड में नीति आयोग द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, जो उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को दर्शाता है। इसके अलावा, यहां के छात्रों ने शिखर सम्मेलन में 85 देशों के प्रतिनिधियों के सामने 3डी प्रिंटर को लेकर अपनी प्रस्तुति दी थी।

    एटीएल मैराथन में बिलासपुर छात्रों की सफलता

    बिलासपुर मल्टीपरपज के छात्रों ने एटीएल मैराथन में भी लगातार टॉप 20 में अपनी जगह बनाई है, जिसमें 2018 और 2022 के विजेता रह चुके हैं। यह प्रतियोगिता नीति आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, जिसमें युवा प्रतिभाओं को सामुदायिक समस्याओं के समाधान के लिए कार्यशील प्रोटोटाइप बनाने का मौका मिलता है।

    राफेल विमान निर्माता कंपनी की प्रतियोगिता में जीत

    राफेल विमान बनाने वाली कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा आयोजित सीड द फ्यूचर आंत्रप्रेन्योरशिप प्रतियोगिता में भी इन छात्रों ने अपनी काबिलियत साबित की है। 2021 में यह उप-विजेता रहे थे, जबकि 2022 में उन्होंने विजेता का खिताब अपने नाम किया।

    अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिलासपुर के छात्रों का प्रदर्शन

    बिलासपुर के एटीएल के छात्रों ने अटल इनोवेशन सीरियस मीट में भी टॉप 10 में जगह बनाई थी, जहां उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सामने अपने मॉडल का प्रेजेंटेशन देने का अवसर मिला। इसके अलावा, प्रगति मैदान में आयोजित नेशनल टेक्नोलॉजी मीट में इन छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने लोकल समस्याओं के समाधान के तरीकों पर अपनी प्रस्तुति दी थी।

    छात्रों को सही मार्गदर्शन और प्लेटफार्म का महत्व

    एटीएल के संचालक धनंजय पांडेय ने कहा कि इन छात्रों में अपार क्षमता है और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन मिलता रहा, तो भारत अपने आविष्कारों के लिए दुनियाभर में पहचान बनाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कौशल विकास पर ध्यान देने के साथ, एटीएल छात्रों के लिए एक बड़ा प्लेटफार्म साबित हो रहा है, जो उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद कर रहा है।

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  • शहर के कोचिंग सेंटरों में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

    शहर के कोचिंग सेंटरों में नियमों की अनदेखी, सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा

    मनमानी फीस और गलत वादों से गुमराह हो रहे छात्र, कोचिंग सेंटरों पर उठे सवाल

    बिलासपुर शहर के कोचिंग सेंटरों में मापदंडों की अनदेखी और मनमानी की खबरें सामने आई हैं। ज्यादातर सेंटर तय नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के नाम पर छात्रों और उनके अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। इसके साथ ही, मनमाना फीस भी वसूला जा रहा है।

    कोचिंग सेंटरों में एक साथ 100 से 150 छात्रों को बंद कमरों में ठूंस-ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। यह स्थिति ऐसी है कि भेड़-बकरी की तरह छात्रों को एक ही हॉल में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है, जिससे सभी पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है। प्रतियोगी परीक्षा पास कराने के नाम पर छात्रों के अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने का सिलसिला जारी है।

    सुरक्षा मापदंडों की बात करें तो लगभग सभी सेंटरों में इनका पालन नहीं हो रहा है। टीचिंग हॉल्स में वेंटिलेशन और हवादार व्यवस्था नहीं है, और आपातकालीन द्वार का भी अभाव है। ऐसे हालात में किसी आपात स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।

    जब मीडिया की टीम ने सीएमडी चौक स्थित वैबरेंट अकादमी का जायजा लिया, तो बाहर से सेंटर मापदंडों के अनुरूप दिखा, लेकिन अंदर हालात बिल्कुल विपरीत पाए गए। हॉल को पूरी तरह से बंद रखा गया था, जहां छात्रों को पढ़ाया जा रहा था। आचार्या अकादमी और तक्षशिला अकादमी में भी सुरक्षा के नियमों की अनदेखी की गई। खासकर तक्षशिला अकादमी में फायर सेफ्टी के इंतजाम न के बराबर थे।

    इन कोचिंग संस्थानों की अनदेखी और सुरक्षा में चूक से गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद भी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इस पर कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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  • अंबिकापुर-बिलासपुर हाईवे पर अनियंत्रित ट्रेलर ने दो युवकों की ली जान

    अंबिकापुर-बिलासपुर हाईवे पर अनियंत्रित ट्रेलर ने दो युवकों की ली जान

    राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोयला लोड ट्रेलर ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर दो लोगों की मौके पर मौत

    अंबिकापुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोहनपुर मोड़ के पास एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने आज दो ज़िंदगियाँ छीन लीं। कोयले से लदा एक ट्रेलर तेज़ रफ़्तार में अनियंत्रित होकर सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टकरा गया। टक्कर इतनी भयानक थी कि मोटरसाइकिल सवारों के शव पहचान से परे हो गए और वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अंबिकापुर की ओर बढ़ता हुआ ट्रेलर मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा और मोटरसाइकिल को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे खेत में जा पलटा। हादसे के बाद ट्रेलर चालक और क्लीनर मौके से भाग निकले। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शवों को मोर्चरी भेज दिया, हालांकि उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

    यह मोड़ पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है, लेकिन अब तक सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सड़क पर साइन बोर्ड और सुरक्षा संकेतक की कमी ने एक और दर्दनाक हादसे को जन्म दिया है ।

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  • सितंबर 2024 के शुभ मुहूर्त: जानिए किन दिनों में कर सकते हैं शुभ कार्य

    सितंबर 2024 के शुभ मुहूर्त: जानिए किन दिनों में कर सकते हैं शुभ कार्य

    सितंबर 2024 के शुभ मुहूर्त: जानिए किन दिनों में कर सकते हैं शुभ कार्य

    सितंबर 2024 का महीना हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस महीने में गणेशोत्सव की शुरुआत होगी, जिसके बाद 16 दिन के श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) शुरू होंगे। श्राद्ध पक्ष में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता, इसलिए सितंबर में शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त काफी सीमित रहेंगे।

    पं. हर्षित मोहन शर्मा के अनुसार, सितंबर 2024 में कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त निम्नलिखित हैं:

    नामकरण संस्कार:

    • 4, 5, 6, 8, 9, 13, 15, 18, 19, 20, 22, 23, 27 सितंबर को नामकरण के कुल 13 शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं।

    अन्नप्राशन संस्कार:

    • 4, 5, 6 और 16 सितंबर को अन्नप्राशन के लिए 4 शुभ मुहूर्त हैं।

    कर्णवेध संस्कार:

    • 5, 6, 15 और 16 सितंबर को कर्णवेध के लिए शुभ मुहूर्त मिलेंगे।

    उपनयन संस्कार:

    • 4, 5, 6, 8, 13, 14 और 15 सितंबर को उपनयन संस्कार के लिए कुल 7 शुभ मुहूर्त हैं।

    वाहन और प्रॉपर्टी क्रय:

    • वाहन खरीदने के लिए 5, 6, 8, 15, 16, 22, 23, 26 और 27 सितंबर को शुभ मुहूर्त हैं।
    • प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 2, 3, 8, 9, 13, 17, 18, 26, 27 और 28 सितंबर को शुभ दिन हैं।

    सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग:

    • 7, 9, 14, 19, 20, 23 और 26 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं।
    • 23 और 26 सितंबर को अमृत सिद्धि योग का विशेष महत्व रहेगा।

    हालांकि, सितंबर 2024 में विवाह, विद्यारम्भ, मुंडन और गृह प्रवेश के लिए कोई शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। यह माह गणेशोत्सव और श्राद्ध पक्ष के कारण धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।

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  • कुश्ती और पैरा जूडो में धमतरी की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

    कुश्ती और पैरा जूडो में धमतरी की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

    कुश्ती और पैरा जूडो में धमतरी की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम

    धमतरी जिले की कुश्ती खिलाड़ी दिव्या भारती और दिव्यांग पैरा जूडो खिलाड़ी रजनी जोशी को इस खेल दिवस पर रायपुर में सम्मानित किया जाएगा, जिससे उन्होंने जिले का गौरव बढ़ाया है। इन दोनों खिलाड़ियों की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है।

    रजनी जोशी: पैरा जूडो में स्वर्ण पदक का सफर

    रजनी जोशी, जो एक दिव्यांग पैरा जूडो खिलाड़ी हैं, ने वर्ष 2016 में अपने गांव में एक्जेक्ट फाउंडेशन दिव्यांग आवासीय प्रशिक्षण केंद्र से अपने सफर की शुरुआत की। इस केंद्र में शिक्षा के दौरान उन्हें पता चला कि दिव्यांगों के लिए भी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती हैं। पहली बार राज्य स्तरीय पैरा जूडो प्रतियोगिता में भाग लेते ही उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी सफलता मिली, जहां उन्होंने एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके पास राष्ट्रीय स्तर पर छह पदक हैं। इस सफर में उन्हें लक्ष्मी सोनी, शशि निर्मलकर, और रूबी कुर्रे जैसी शिक्षिकाओं का विशेष सहयोग मिला। रजनी ने अपने जीवन में मिले समर्थन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया है।

    दिव्या भारती: छत्तीसगढ़ की शेरनी का राष्ट्रीय स्तर पर दबदबा

    दूसरी ओर, ग्राम भानपुरी की दिव्या भारती ने वर्ष 2014 से कुश्ती खेलना शुरू किया। उन्हें इस खेल की प्रेरणा अपनी बड़ी बहन से मिली, जिन्होंने पहले से ही कुश्ती में रुचि दिखाई थी। दिव्या ने अपने खेल सफर की शुरुआत स्कूल गेम्स से की, जहां उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। धमतरी में ही उन्होंने कोच की देखरेख में अभ्यास करना शुरू किया। रोज सुबह चार से सात बजे तक और शाम को छह से साढ़े सात बजे तक वे लगातार अभ्यास करती थीं।

    राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता

    दिव्या ने 2014 से अब तक छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए 17 राष्ट्रीय स्तर के मैच खेले हैं। उन्हें चार बार “छत्तीसगढ़ शेरनी” का खिताब मिला है, और उन्होंने ओपन मिट्टी दंगल राष्ट्रीय प्रतियोगिता में तीन पदक जीते हैं। 2017 से 2024 तक उन्होंने लगातार आठ बार सीनियर नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी इस उपलब्धि के कारण 2023-24 में उन्हें शहीद पंकज विक्रम सम्मान के लिए भी चुना गया है।

    समर्थन और प्रेरणा के लिए आभार

    दिव्या अपने परिवार, कोच और छत्तीसगढ़ राज्य कुश्ती संघ के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करती हैं। उनके पति गोविंद साहू ने भी उन्हें खेल के प्रति प्रेरित किया, जिसके कारण आज उन्हें यह सम्मान मिल रहा है।

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  • छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का प्रकोप

    छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का प्रकोप

    स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों पर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की आपात बैठक

    छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंताएँ बढ़ गई हैं। अब तक स्वाइन फ्लू से सात लोगों की मौत हो चुकी है, और 19 से अधिक मामले सामने आए हैं। मंगलवार को रायपुर में 16 संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई, जिनके स्वाब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।

    प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान, अंबेडकर अस्पताल, के पेइंग वार्ड को स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए विशेष रूप से आरक्षित किया गया है। वर्तमान में यहां चार मरीज भर्ती हैं। वहीं, बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में चार बेड का आइसोलेटेड वार्ड तैयार किया गया है।

    स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इस बैठक में डायरिया और स्वाइन फ्लू के मामलों की वर्तमान स्थिति, रोकथाम और इलाज के लिए की जा रही तैयारियों पर चर्चा की गई। प्रदेश के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन भी इस बैठक में शामिल थे।

    स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षणों में सामान्य सर्दी, खांसी, कफ, सिर और हाथ-पांव में दर्द शामिल हैं। स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है, और खांसी के कारण सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए कोरोना की तरह ही मास्क पहनने और अन्य सावधानियों का पालन करना आवश्यक है।

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  • सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर महीने में धार्मिक त्योहारों और व्रतों की भरपूर विविधता रहेगी, जो आध्यात्मिक और ज्योतिष दृष्टिकोण से खास महत्व रखती है। इस महीने के पहले दिन, 1 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी और मासिक शिवरात्रि के साथ पर्यूषण पर्व की शुरुआत होगी। इसके बाद, 2 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या का आयोजन होगा।

    6 सितंबर को हरतालिका तीज और वाराह जयंती मनाई जाएगी, जबकि 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी और विनायक चतुर्थी का उत्सव होगा। 8 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व होगा, और 9 सितंबर को स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।

    10 सितंबर को ललिता सप्तमी और ज्येष्ठ गौरी आवाहन होंगे, और 11 सितंबर को राधा अष्टमी तथा महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत होगी। 12 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी विसर्जन होगा, और 14 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा।

    15 सितंबर को शुक्ल द्वादशी, वामन जयंती, ओणम और भुवनेश्वरी जयंती का आयोजन होगा। इसके बाद, 16 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति मनाई जाएगी। 17 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, पूर्णिमा श्राद्ध और भाद्रपद पूर्णिमा व्रत होंगे।

    18 सितंबर को पितृपक्ष की शुरुआत होगी, साथ ही आंशिक चंद्रग्रहण भी होगा। 19 सितंबर से आश्विन मास का प्रारंभ होगा।

    21 सितंबर को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी, 24 सितंबर को कालाष्टमी और 25 सितंबर को अश्विन कृष्ण नवमी और जीवित्पुत्रिका व्रत होंगे। 27 और 28 सितंबर को क्रमशः अश्विन कृष्ण एकादशी और इंदिरा एकादशी का व्रत होगा।

    महीने के अंत में, 29 सितंबर को आश्विन कृष्ण द्वादशी, मघा श्राद्ध और प्रदोष व्रत का आयोजन होगा, और 30 सितंबर को अश्विन कृष्ण त्रयोदशी, त्रयोदशी श्राद्ध और मासिक शिवरात्रि होगी।

    इस तरह, सितंबर का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से भरा रहेगा, जो समाज के विभिन्न हिस्सों में उत्साह और श्रद्धा का संचार करेंगे।

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  • इंदौर में कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए विदेशों से आ रहे लोग

    इंदौर में कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए विदेशों से आ रहे लोग

    इंदौर की शासकीय अस्पतालों में कॉस्मेटिक सर्जरी के लिए विदेशों से आ रहे लोग

    दौर में कॉस्मेटिक सर्जरी के क्षेत्र में एक नई लहर देखी जा रही है, जिसमें अब लड़कियों के साथ-साथ लड़के भी शामिल हैं। विशेष रूप से, पुरुषों में बढ़ते स्तन की समस्या जिसे गाइनेकोमेस्टिया कहा जाता है, के इलाज के लिए सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो रही है। इस सर्जरी की मदद से कई पुरुषों ने पुलिस और आर्मी में भर्ती होने का सपना पूरा किया है।

    इंदौर के सरकारी अस्पतालों में कई प्रकार की सर्जरी मुफ्त में की जा रही हैं, जिससे युवाओं को सुंदरता और सेहत का बेहतरीन संयोजन मिल रहा है। इस बदलाव के पीछे मेडिकल साइंस की मदद स्पष्ट है, जो युवाओं को आत्म-विश्वास बढ़ाने में सहायक साबित हो रही है।

    शहर के युवाओं में सुंदरता की इच्छा तेजी से बढ़ रही है। युवतियां गालों पर डिंपल बनवाने के लिए सर्जरी करवा रही हैं, वहीं युवक ब्रेस्ट सर्जरी के माध्यम से अपने लुक को सुधार रहे हैं। निजी और सरकारी अस्पतालों में ये सर्जरी अपेक्षाकृत कम खर्च में की जा रही हैं, जिससे देश के अन्य हिस्सों और विदेशों से भी लोग इंदौर आ रहे हैं।

    BOLLYWOOD ACTERESS : AFTER SURGERY

    इंदौर के एमवाय अस्पताल में डिंपल सर्जरी, सिक्स पैक, चर्बी कम करने, नाक और होंठ की सर्जरी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। कुछ सर्जरी मुफ्त भी की जा रही हैं, और पोस्ट सर्जरी दवाएं भी यहां मुफ्त में मिलती हैं। इस वजह से मध्य प्रदेश के बड़े शहरों और देश के अन्य हिस्सों से लोग इंदौर की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

    इस सर्जरी से न केवल शारीरिक सौंदर्य में सुधार हो रहा है, बल्कि लोगों के आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो रही है। गाइनेकोमेस्टिया जैसी समस्याओं के निदान से पुरुषों को आत्म-विश्वास प्राप्त हो रहा है, जिससे उनकी जिंदगी में नया उत्साह भर गया है।

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  • कोलकाता में ‘नबन्ना प्रोटेस्ट’ के तहत छात्रों का जोरदार विरोध हावड़ा हुआ सील

    कोलकाता में ‘नबन्ना प्रोटेस्ट’ के तहत छात्रों का जोरदार विरोध हावड़ा हुआ सील

    कोलकाता में ‘नबन्ना प्रोटेस्ट’ के तहत छात्रों का जोरदार विरोध, हावड़ा ब्रिज हुआ सील

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में आरजी कर अस्पताल की महिला प्रशिक्षु डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। छात्र संगठनों का आरोप है कि ममता बनर्जी सरकार इस मामले से सही तरीके से निपटने में नाकाम रही है। इसके विरोध में छात्रों ने ममता बनर्जी से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की है।

    प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तिरंगा झंडा और पोस्टर लेकर राज्य सचिवालय, नबन्ना की ओर मार्च किया। पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी, बावजूद इसके बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस प्रदर्शन को भाजपा का समर्थन भी प्राप्त है, और इसे ‘नबन्ना प्रोटेस्ट’ नाम दिया गया है, जो हावड़ा स्थित नबन्ना भवन के सामने हो रहा है।

    स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता के हावड़ा ब्रिज को सील कर दिया गया है और सचिवालय के आसपास के मार्गों को बंद कर दिया गया है। हिंसा की आशंका के चलते इलाके को तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है, जिसमें 6000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। नबन्ना के आसपास 19 जगहों पर बैरिकेड लगाए गए हैं, कुछ स्थानों पर पांच-पांच एल्यूमीनियम बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारियों को रोका जा सके।

    शहर में तनावपूर्ण माहौल है, और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था की है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए और राज्य सरकार को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए I

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