Tag: GOLDEN CHHATTISGARH

  • देशभर में सब्जियों के दामों में उछाल, महंगाई से परेशान जनता

    MARKET

    देशभर में सब्जियों के दामों में उछाल, महंगाई से परेशान जनता

    देशभर में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान और हताश है। बढ़ती महंगाई ने लोगों के घरेलू बजट पर भारी असर डाला है, जबकि दूसरी ओर व्यापारियों के लिए यह स्थिति मुनाफे का अवसर बन गई है। खासतौर पर पश्चिमी भारत के गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भारी बारिश के चलते छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में सब्जियों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। टमाटर, गोभी और करेला जैसी सब्जियों के दाम 70 से 90 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं, जिससे लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    रायपुर में सब्जियों की कीमतों में उछाल

    रायपुर के थोक सब्जी बाजार में इस समय 70% सब्जियां अन्य राज्यों से आयात की जा रही हैं, जबकि केवल 30% स्थानीय सब्जियों की आपूर्ति हो रही है। बाढ़ प्रभावित राज्यों से छत्तीसगढ़ में सब्जियों की सप्लाई बढ़ने से कीमतों में भारी उछाल आया है। डूमरतराई थोक सब्जी बाजार के अध्यक्ष टी. श्रीनिवास ने जानकारी दी है कि निकट भविष्य में सब्जियों की कीमतों में किसी भी प्रकार की राहत मिलने की संभावना नहीं है।

    बारिश का सब्जियों पर असर

    लगातार बारिश और बाढ़ के चलते कई राज्यों में सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। विशेष रूप से टमाटर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण टमाटर की आपूर्ति में भारी कमी आई है। यही स्थिति अन्य सब्जियों की फसलों के साथ भी है, जिसके चलते किसान अब दूसरी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सब्जियों की कीमतों में कुछ राहत दीपावली के समय देखने को मिल सकती है, जब नए फसल चक्र की शुरुआत होगी।

    फिलहाल रायपुर के बाजारों में टमाटर 40 से 50 रुपये प्रति किलो, मुनगा 60 से 70 रुपये, करेला 70 से 80 रुपये, सेमी 80 से 90 रुपये, भिंडी 60 से 70 रुपये, परवल 50 से 60 रुपये, गोभी 80 से 90 रुपये, पत्ता गोभी 30 से 40 रुपये, बरबट्टी 60 रुपये और बैंगन 40 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। इन दामों में फिलहाल किसी भी तरह की गिरावट की उम्मीद नहीं की जा रही है।

    हालांकि, हाल ही में कुछ समय के लिए सब्जियों के दामों में थोड़ी राहत आई थी, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने फिर से बाजार में कीमतों को बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में सब्जियों के दामों में स्थिरता बनी रहने की संभावना है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय बन सकता है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7257

    https://golden36garh.com/?p=7262

  • 1 अक्टूबर से बदलेगा निवेश और टैक्स का गणित, जानिए क्या हैं नए नियम

    1 अक्टूबर से बदलेगा निवेश और टैक्स का गणित, जानिए क्या हैं नए नियम

    फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर बढ़ा टैक्स, 1 अक्टूबर से होंगे नए नियम लागू

    केंद्र सरकार द्वारा 23 जुलाई को पेश किए गए बजट में कई नए नियमों की घोषणा की गई थी, जो 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी होंगे। इन नियमों के तहत फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेड्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया जाएगा। ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी बढ़कर 0.1% और फ्यूचर्स पर 0.02% हो जाएगा। यह बदलाव वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय घोषित किया था।

    इसके अलावा, सरकार ने कुछ बॉन्ड्स के ब्याज पर 10% टीडीएस लागू करने का फैसला किया है, जिसमें फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स भी शामिल होंगे। हालांकि, टीडीएस सिर्फ तब लगेगा जब बॉन्ड्स से एक साल में 10,000 रुपये से अधिक ब्याज प्राप्त हो।

    शेयर बायबैक के नियमों में भी बदलाव होगा, जिससे कैपिटल गेंस पर टैक्स लागू किया जाएगा। पहले इस पर कोई टैक्स नहीं लगता था, लेकिन अब निवेशकों को कैपिटल गेंस पर टैक्स देना होगा।

    इसके अलावा, पैन कार्ड के लिए आवेदन या आरटीआर दाखिल करने के लिए अब आधार एनरोलमेंट आईटी की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

    साथ ही, ‘विवाद से विश्वास’ स्कीम 1 अक्टूबर से खुलेगी, जिसके तहत टैक्स के लंबित मामलों का निपटारा कम पेनाल्टी के साथ किया जा सकेगा।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7276

    https://golden36garh.com/?p=7267

  • रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे की परियोजनाओं से नवरात्र में श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित, कई ट्रेनें रद्द

    रेलवे ने निर्माण और सुधार कार्यों के चलते नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा पर असर डालते हुए 30 सितंबर से 11 अक्टूबर के बीच 26 ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसमें उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। खासकर उन यात्रियों के लिए यह झटका है जो नवरात्र के दौरान मैहर की मां शारदा के दर्शन की योजना बना रहे थे।

    रद्द की गई ट्रेनों में गरीब रथ और नौतनवा जैसी बड़ी ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को 2 से 10 अक्टूबर तक परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला किया गया है। यह ट्रेन बरौनी-कटनी-जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया होकर चलेगी, जबकि गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस भी इसी मार्ग से वापसी करेगी।

    दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, कटनी रेलखंड के बिरसिंहपुर स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने और अन्य परियोजनाओं के कार्यों के चलते यह निर्णय लिया गया है। बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग अत्यधिक व्यस्त है और इसे उत्तर भारत से जोड़ने का मुख्य मार्ग माना जाता है।

    प्रभावित ट्रेनें और मार्ग परिवर्तन

    रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों में शामिल हैं:

    1. नर्मदा एक्सप्रेस (बिलासपुर-इंदौर): 30 सितंबर से 11 अक्टूबर तक।
    2. भोपाल एक्सप्रेस (बिलासपुर-भोपाल): 1 से 12 अक्टूबर तक।
    3. गरीब रथ एक्सप्रेस (लखनऊ-रायपुर): 3, 7, 10 अक्टूबर को।
    4. निजामुद्दीन एक्सप्रेस (दुर्ग-निजामुद्दीन): 4, 8, 11 अक्टूबर को।
    5. नौतनवा एक्सप्रेस (दुर्ग-नौतनवा): 3, 10 अक्टूबर को।

    बरौनी-गोंदिया और गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस को 2 से 10 अक्टूबर तक बरौनी-कटनी-जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-गोंदिया होकर चलाया जाएगा। जो यात्री नवरात्र के दौरान मैहर या अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बना रहे थे, उन्हें अब अपनी यात्रा की योजना पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता होगी।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7267

    https://golden36garh.com/?p=7262

  • अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

    अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

    कोसमाही बांध के लिए अधिग्रहित जमीन का मुआवजा न मिलने से किसान परेशान

    बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत गिरवानी में किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। वर्ष 2012 में कोसमाही बांध के निर्माण के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन आज तक मुआवजा भुगतान नहीं हुआ है। पूर्व कांग्रेस शासनकाल के दौरान 2 अप्रैल 2023 को तत्कालीन मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह द्वारा प्रभावित किसानों को प्रतीकात्मक चेक दिए गए थे। इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने खुद को किसान हितैषी बताने की कोशिश की, लेकिन इन चेकों का अब तक कोई वास्तविक भुगतान नहीं हुआ है।

    किसानों की परेशानी और अधिकारियों के चक्कर

    कई किसान, जिनमें मनबोध सिंह और सुखदेव राम शामिल हैं, का कहना है कि उन्हें बुलाकर कार्यक्रम में डमी चेक दिए गए थे, लेकिन आज तक मुआवजे की राशि उनके खातों में नहीं आई। 22 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन बहुत से किसान अभी भी भुगतान के लिए भटक रहे हैं। किसानों के चेकों में 28 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपए तक की राशि दर्ज है, लेकिन वे अब भी अधिकारियों से सवाल कर रहे हैं कि उन्हें यह पैसा कब मिलेगा।

    कलेक्टर की जांच का आश्वासन

    बलरामपुर के कलेक्टर आर. एक्का ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यह शिकायत उनके संज्ञान में है और इस मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जमीन अधिग्रहित की गई है, तो मुआवजे का भुगतान शासन के नियमों के तहत किया जाएगा।

    किसानों की आजीविका पर संकट

    प्रतीकात्मक चेक मिलने के बाद भी मुआवजे की राशि न मिलने से किसान काफी परेशान हैं। उनकी जमीन तो चली गई है, लेकिन मुआवजे के अभाव में उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। किसानों की आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन खराब हो रही है और वे जल्द से जल्द मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7262

    https://golden36garh.com/?p=7257

  • छत्तीसगढ़ के CM ने पीएम मोदी का आभार जताया

    छत्तीसगढ़ के CM ने पीएम मोदी का आभार जताया

    छत्तीसगढ़ के CM ने पीएम मोदी का आभार जताया

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा लिए गए कुछ अहम फैसलों के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। इन फैसलों में जनजातीय समुदाय के उत्थान और किसानों की भलाई के साथ-साथ उपभोक्ता कल्याण से जुड़े कई निर्णय शामिल हैं, जो छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए लाभकारी साबित होंगे।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ‘प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृति मिलना ऐतिहासिक कदम है। इस अभियान से देश के 63,000 से अधिक आदिवासी बहुल गांवों के साथ-साथ आकांक्षी जिलों के आदिवासी गांवों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ के जनजातीय भाई-बहनों के जीवन स्तर में सुधार होगा और वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।

    कृषि और उपभोक्ता हितों की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय

    मुख्यमंत्री साय ने ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा)’ योजना को 2025-26 तक जारी रखने के निर्णय का स्वागत किया। इस योजना के तहत 35,000 करोड़ रुपए के वित्तीय पैकेज से किसानों को लाभकारी मूल्य प्राप्त होंगे और उपभोक्ताओं को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता मिलेगी। उन्होंने इसे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी कदम बताया।

    इसके अलावा, पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों के तहत रबी सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों की सस्ती दरों पर आपूर्ति के लिए केंद्रीय कैबिनेट द्वारा उठाए गए कदम की भी सराहना की। इससे प्रदेश के अन्नदाताओं को उचित मूल्य पर उर्वरक मिलेंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

    अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की बड़ी छलांग

    मुख्यमंत्री ने अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में कैबिनेट के फैसलों की भी सराहना की। चंद्रयान-4 मिशन, वीनस ऑर्बिटर मिशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना और गगनयान फॉलो-ऑन मिशन को स्वीकृति देने के निर्णय से भारत की अंतरिक्ष शक्ति को नया आयाम मिलेगा। साय ने इसे देश के वैज्ञानिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

    एक देश एक चुनाव का स्वागत

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक देश, एक चुनाव’ प्रस्ताव को स्वीकृति दिए जाने पर भी प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से देश में चुनावी खर्च कम होगा, राजनीतिक स्थिरता आएगी, और संसाधनों का राष्ट्रहित में बेहतर उपयोग हो सकेगा। यह निर्णय भारत के लोकतांत्रिक ताने-बाने को और मजबूत करेगा और सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7253

    https://golden36garh.com/?p=7244

  • रतनपुर में घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या, पुलिस कर रही मामले की जांच

    रतनपुर में घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या, पुलिस कर रही मामले की जांच

    बिलासपुर शहर से लगे रतनपुर क्षेत्र के ग्राम कर्रा में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां 75 वर्षीय घासीदास यादव ने अपनी पत्नी पुनीता (55) की गला दबाकर हत्या कर दी। बुधवार रात दोनों ने साथ में भोजन किया और अपने कमरे में सोने चले गए। अगली सुबह जब बेटा कृष्ण कुमार जागा, तो उसकी मां पुनीता ने रोज की तरह दरवाजा नहीं खोला। बेटे ने आवाज दी, तो पिता घासीदास ने अंदर से ही कहा कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है और पुलिस को बुलाने के लिए कहा।

    कृष्ण ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की टीम ने काफी समझाने के बाद वृद्ध को दरवाजा खोलने पर मजबूर किया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि घासीदास ने पारिवारिक विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया। रात में क्या हुआ, यह किसी को पता नहीं चला, लेकिन सुबह जब दरवाजा बंद मिला और मां की हत्या की खबर मिली, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

    घासीदास ने रातभर पत्नी के शव के साथ कमरे में बंद होकर बिताया और सुबह तक दरवाजा नहीं खोला। बेटे ने पुलिस को बुलाकर स्थिति की जानकारी दी। पुलिस अब हत्या के कारणों की जांच कर रही है। घासीदास को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख है, और वे घटना के पीछे के कारणों को जानने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।  

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7249

    https://golden36garh.com/?p=7203

  • बिलासपुर में पटाखा गोदाम में आग लगने से स्थानीय निवासियों में भय का माहोल

    बिलासपुर में पटाखा गोदाम में आग लगने से स्थानीय निवासियों में भय का माहोल

    पटाखा गोदाम में आग लगने से स्थानीय निवासियों में भय, कड़े नियमों की मांग

    बिलासपुर में मंगलवार की सुबह पटाखा गोदाम में आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गया था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने समय पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गोदाम में रखा सारा माल जलकर खाक हो गया।

    इस घटना के बाद प्रशासन ने पटाखा व्यवसायियों की सुरक्षा मानकों की जांच करने का निर्णय लिया है। जिले के चार एसडीएम 16 बिंदुओं पर गोदाम और दुकानों की जांच करेंगे। आग लगने की वजह चायनीज पापअप पटाखे के डिब्बे के गिरने को बताया गया है, जिसके बाद विस्फोट और आग की लपटें फैलीं।

    प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गोदाम में सुरक्षा मानकों की कमी थी, और आग बुझाने के साधनों का अभाव था। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों रुपये के पटाखे जलकर राख हो गए। गोदाम का मालिक संदीप सिंह तलरेजा अब तक थाने नहीं पहुंचा है, और पुलिस उसे नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज मांगने की तैयारी कर रही है।

    एएसपी कश्यप ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में पटाखों का भंडारण नियमों का उल्लंघन है और यह आम जनता के लिए खतरा पैदा कर सकता है। प्रशासन अब उन सभी लाइसेंसी पटाखा विक्रेताओं पर निगरानी रखेगा, जिनके गोदामों और दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया जाएगा।

    स्थानीय निवासियों की चिंता

    घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भय का माहौल है। उन्होंने लंबे समय से इस गोदाम को लेकर चिंता जताई थी और प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। अब वे उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7244

    https://golden36garh.com/?p=7235

  • मशरूम की बढ़ती मांग से व्यापारियों को फायदा, लेकिन खाने में बरतें सावधानी

    मशरूम की बढ़ती मांग से व्यापारियों को फायदा, लेकिन खाने में बरतें सावधानी

    बिलासपुर शहर में मशरूम के शौकीनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इसके चलते मशरूम की मांग भी तेजी से बढ़ी है। स्थानीय बाजारों से लेकर महंगे रेस्तरां तक, हर जगह मशरूम की खपत देखी जा रही है। मुख्य रूप से पैरा और डिलवा मशरूम की डिमांड ने व्यापारियों को भी अच्छा मुनाफा दिलाया है।

    Mushrooms

    मशरूम विक्रेता दिलीप गोरे का कहना है कि देसी पैरा और डिलवा मशरूम विशेष रूप से अगस्त से नवंबर तक ही बाजार में उपलब्ध होते हैं। इनके सीजनल होने के कारण लोग इन्हें खाना अधिक पसंद करते हैं। वहीं, ऑर्गेनिक मशरूम की मांग में भी इजाफा हो रहा है, जिसे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से लाया जा रहा है। सारंगढ़, कोटा और जांजगीर-चांपा जैसे क्षेत्रों से हर दिन सैकड़ों किलो मशरूम बिलासपुर पहुंच रहे हैं।

    फायदे के साथ खतरा भी

    मशरूम को सुपर फूड के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। लेकिन इसका सेवन करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। गलत तरीके से पहचाने गए मशरूम से फूड पाइजनिंग हो सकती है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। मशरूम का हरा या पर्पल रंग, चिपचिपापन, या खराब गंध संकेत हो सकते हैं कि इसे खाने से बचना चाहिए।

    टिप्स फॉर सेफ्टी

    हमेशा ताजा मशरूम खरीदने की सलाह दी जाती है, और विक्रेताओं से मशरूम की पहचान के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जानी चाहिए। मशरूम के शौकीनों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे सुरक्षित और ताजे मशरूम का ही सेवन करें।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7239

    https://golden36garh.com/?p=7235

  • बिलासपुर के बोइरपड़ाव में वन्यजीवों की चिंताओं के चलते नेचर कैंप बंद

    बिलासपुर के बोइरपड़ाव में वन्यजीवों की चिंताओं के चलते नेचर कैंप बंद

    बिलासपुर के बोइरपड़ाव में वन्यजीवों की चिंताओं के चलते नेचर कैंप बंद

    बिलासपुर वन मंडल के बोइरपड़ाव क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर नेचर कैंप को बंद कर दिया गया है। वन विभाग ने यह निर्णय लिया है क्योंकि हाल ही में जंगल में वन्य प्राणियों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। विशेषकर चीतल, मोर, जंगली सूअर और तेंदुआ जैसी प्रजातियों के मूवमेंट ने विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

    जंगल में बढ़ी वन्य प्राणियों की गतिविधि

    बोइरपड़ाव में छह टेंट का नेचर कैंप बनाया गया था, जिसमें पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। लेकिन वन्य प्राणियों की लगातार मौजूदगी ने पर्यटकों के ठहरने पर पाबंदी लगा दी है। विभाग का मानना है कि मानव दखल कम करने से जंगल में जानवरों की संख्या बढ़ेगी और उनका जीवन बेहतर होगा।

    विभाग की रणनीति

    विभाग ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां वन्य प्राणी देखे गए हैं, वहां “वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र” के बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोग इन क्षेत्रों में जाने से बचें। इसके साथ ही, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैंप को सामान्य तार से घेर दिया गया है, लेकिन इससे भी वन्य प्राणियों का कैंप के अंदर पहुंचना संभव है।

    जल स्त्रोत और पर्यावरण संरक्षण

    बिलासपुर वन मंडल में ग्रीन इंडिया मिशन और राज्य सरकार की नरवा, घुरुवा व बाड़ी योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिसके चलते जंगल घना हुआ है और जल स्त्रोतों की संख्या बढ़ी है। इससे वन्य प्राणियों को जल की तलाश में भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

    अभिनव कुमार का बयान

    उपवनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने कहा कि “पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वन्य प्राणियों की बढ़ती गतिविधियां चिंताजनक हैं, और हमें सुनिश्चित करना है कि वे अपनी प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद विचरण कर सकें।”

    बोइरपड़ाव में नेचर कैंप को फिलहाल बंद करने का निर्णय पर्यटकों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7235

    https://golden36garh.com/?p=7230

  • बिलासपुर में महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों से 1.3 लाख रुपये की ठगी

    बिलासपुर में महिला स्व सहायता समूह के सदस्यों से 1.3 लाख रुपये की ठगी

    बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में महिला स्व सहायता समूह को एक लाख 30 हजार रुपये की धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है। यह मामला तब सामने आया जब मंजू पठारी, जो कि इस समूह की अध्यक्ष हैं, उन्होंने चकरभाठा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

    मंजू की पहचान एक साल पहले शैलेंद्र कुमार रजक से हुई थी, जिसने खुद को भारती महिला शक्ति फाउंडेशन का संस्थापक बताया। उसने अपने अभिकर्ता मनोज मरावी और उसकी पत्नी डिण्डेश्वरी मरावी के माध्यम से महिलाओं से संपर्क किया।

    शैलेंद्र ने झाडू बनाने का काम करने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशिक्षण के बाद महिलाएं कच्चा माल लेकर झाडू बनाएंगी, जिसके लिए उन्हें मेहनताना मिलेगा। महिलाओं ने उसके कहने पर एक लाख रुपये शैलेंद्र को हाई कोर्ट के पास दे दिए, जबकि एक अन्य समूह ने 30 हजार रुपये और दिए।

    धोखाधड़ी का खुलासा

    परंतु, रुपये मिलने के बाद शैलेंद्र गायब हो गया। एक साल बीत जाने के बाद भी न तो महिलाओं को काम मिला और न ही उनका पैसा वापस किया गया। महिलाओं ने चकरभाठा थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह देखना बाकी है कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और महिलाओं को न्याय मिलता है या नहीं।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7230

    https://golden36garh.com/?p=7226