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  • नगरनार स्टील प्लांट के पास मालगाड़ी हुआ दुर्घटनाग्रस्त

    नगरनार स्टील प्लांट के पास मालगाड़ी हुआ दुर्घटनाग्रस्त

    छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से लगभग 16 किलोमीटर दूर आमागुड़ा स्टेशन के पास एक मालगाड़ी के दो वैगन पटरी से उतरने की घटना सामने आई है। यह हादसा कल देर रात हुआ जब नगरनार स्टील प्लांट से क्वाइल लेकर विशाखापत्तनम जा रही मालगाड़ी के दो वैगन लूप लाइन पर अचानक पटरी से उतर गए। राहत की बात यह रही कि यह दुर्घटना मुख्य रेल मार्ग पर नहीं हुई, जिससे यात्रियों की रेल सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

    रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि दुर्घटना के तुरंत बाद रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। वर्तमान में पटरी से उतरे वैगनों को हटाने और लूप लाइन की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ ही समय में लूप लाइन को पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा ताकि मालगाड़ियों का संचालन भी सुचारू रूप से शुरू हो सके।

    दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है, और प्रारंभिक जांच से तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है। रेलवे विभाग ने कहा है कि इस घटना को गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। रेलवे की तकनीकी टीम यह सुनिश्चित कर रही है कि इस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच हो ताकि सुरक्षा मानकों में सुधार किया जा सके और रेल संचालन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।

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  • जीपीएस फेल होने पर रेगिस्तान में भटके भारतीय इंजीनियर की दर्दनाक मौत

    जीपीएस फेल होने पर रेगिस्तान में भटके भारतीय इंजीनियर की दर्दनाक मौत

    सऊदी अरब के रुब अल-खाली रेगिस्तान में भटकने से भारतीय इंजीनियर शहजाद खान और उनके सहकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। शहजाद खान, जो हैदराबाद के मूल निवासी थे और भिलाई के सेक्टर-7 में भी उनका परिवार रहता है, पिछले सात सालों से सऊदी अरब में एक टेलीकम्युनिकेशन कंपनी में इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे। 19 अगस्त को कंपनी ने शहजाद खान को एक सर्वे के लिए दम्माम से आगे अलफूपुफ नामक स्थान पर भेजा था, जो चारों ओर से दुनिया के सबसे खतरनाक रेगिस्तान, रुब अल-खाली से घिरा हुआ है। इस इलाके को बेहद कठिन और खतरनाक माना जाता है, जहां अचानक तूफान और भयंकर मौसम की स्थितियां आम बात हैं। शहजाद के साथ उनके एक सहकर्मी भी इस सर्वे कार्य में शामिल थे।

    जीपीएस सिस्टम और मोबाइल नेटवर्क फेल होने से संपर्क टूटा

    सर्वे के दौरान अचानक आए तूफान में शहजाद और उनके सहकर्मी भटक गए। उनकी गाड़ी का जीपीएस सिस्टम खराब हो गया, और मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो गया। इस कठिन परिस्थिति में वे किसी से संपर्क नहीं कर पाए और रेगिस्तान के बीच फंस गए। जब 20 अगस्त तक उनका कोई पता नहीं चला, तो कंपनी ने सऊदी सरकार से मदद मांगी।

    हेलीकॉप्टर की मदद से तीन दिन बाद मिली लाशें

    सऊदी सरकार ने हेलीकॉप्टर की मदद से शहजाद और उनके सहकर्मी की खोज शुरू की। तीन दिन की तलाश के बाद, दोनों की लाशें रेगिस्तान के बीच मिलीं। माना जा रहा है कि तीन दिन तक तेज धूप में भूख और प्यास से जूझने के कारण उनकी मौत हुई।

    परिवार में शोक, अंतिम संस्कार हैदराबाद में किया गया

    शहजाद खान के परिवार और दोस्तों को उनकी मौत की खबर से गहरा आघात लगा है। उनका परिवार भिलाई के सेक्टर-7 में रहता है। शहजाद का शव सऊदी सरकार ने भारत भेज दिया, जहां उनका अंतिम संस्कार हैदराबाद के करीम नगर में किया गया। परिवार अब कंपनी से मामले की जांच और उचित मुआवजे की मांग कर रहा है। इस घटना ने सऊदी अरब में कामकाजी स्थितियों और सुरक्षा उपायों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, विशेषकर ऐसे खतरनाक इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर।

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  • नई वंदे भारत ट्रेन पर महासमुंद के पास पथराव, पांच आरोपी हिरासत में

    नई वंदे भारत ट्रेन पर महासमुंद के पास पथराव, पांच आरोपी हिरासत में

    नई वंदे भारत ट्रेन पर महासमुंद के पास पथराव, पांच आरोपी हिरासत में

    दुर्ग से विशाखापत्तनम के बीच चलाई जाने वाली नई वंदे भारत ट्रेन के ट्रायल रन के दौरान पथराव की घटना हुई। शुक्रवार रात महासमुंद के बागबाहरा के पास ट्रेन पर पथराव किया गया, जिससे कोच सी-2, सी-4, और सी-9 की खिड़कियों में दरारें आ गईं। घटना के तुरंत बाद, रेलवे सुरक्षा बल को सूचित किया गया और रेलवे पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में ले लिया।

    पथराव करने वाले आरोपियों की पहचान लेखराज सोनवानी, देवेंद्र चंद्राकर, अर्जुन यादव, जीतू तांडी, और शिव कुमार के रूप में की गई है। शनिवार को इन्हें रायपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां इन सभी ने खुद को कांग्रेस कार्यकर्ता बताया। आरोपियों में से एक बागबाहरा की कांग्रेस पार्षद का देवर भी है।

    नई वंदे भारत ट्रेन को 16 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाए जाने की योजना है। शुक्रवार सुबह 5:45 बजे ट्रायल रन के तहत यह ट्रेन दुर्ग से विशाखापत्तनम के लिए रवाना हुई थी। वापसी के दौरान, रात 9:45 बजे ट्रेन पर पथराव किया गया। रात 11 बजे ट्रेन दुर्ग पहुंची और यार्ड में ले जाकर इसकी जांच की गई।

    वंदे भारत ट्रेन छतीसगढ़ की दूसरी ट्रेन होगी। पहली बार 11 दिसंबर 2022 को बिलासपुर-नागपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू किया गया था।

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  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा किया

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा किया

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा किया

    छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हाल ही में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में स्थित संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्यालय का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को समझने के उद्देश्य से सामान्य सभा कक्ष, सुरक्षा समिति कक्ष और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का भ्रमण किया। यह दौरा विशेष रूप से महत्वपूर्ण था क्योंकि उन्होंने मुख्य वित्त अधिकारी आनंद पांडेय के आमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय की यात्रा की। आनंद पांडेय मूलतः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बेलसरी (तखतपुर) के निवासी हैं।

    अपने दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने न्यूयॉर्क के भारतीय मूल के लोगों के साथ एक कार्यक्रम में भी भाग लिया। रॉयल एल्बर्ट्स पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में साव ने छत्तीसगढ़ और भारत के विकास के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। साव ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पर्यटन, पौराणिक मान्यताओं और संसाधनों के बारे में भी जानकारी दी और राज्य के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा किया।

    साव के साथ लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी इस अध्ययन दौरे पर शामिल थे। उनके दौरे ने न केवल संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को समझने में मदद की, बल्कि भारत और छत्तीसगढ़ के वैश्विक प्रभाव को भी उजागर किया।

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  • सिम्स की लापरवाही से हार्ट अटैक मरीज की मौत

    सिम्स की लापरवाही से हार्ट अटैक मरीज की मौत

    बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में लापरवाही के कारण 59 वर्षीय शमसाद हुसैन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह शमसाद को सीने में तेज दर्द और घबराहट होने लगी, जो हार्ट अटैक के लक्षण थे। वह तुरंत अपने बेटे के साथ सिम्स अस्पताल पहुंचे और सीधे आपातकालीन कक्ष में गए, जहां मौजूद डॉक्टर ने बिना जांच के उन्हें ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए भेज दिया।

    शमसाद का दर्द लगातार बढ़ रहा था, लेकिन उन्हें इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। वह लाइन में लगकर पर्ची कटवाते रहे और फिर ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करने लगे। डॉक्टर ने जांच के बाद ईसीजी कराने का निर्देश दिया, लेकिन ईसीजी के लिए भी उन्हें पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। इस दौरान उनका दर्द असहनीय हो गया, और आखिरकार वह फर्श पर गिर पड़े। तब अस्पताल के कर्मचारी उन्हें आपातकालीन कक्ष ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ईसीजी के दौरान ही उनका दिल काम करना बंद कर चुका था, और उनकी मौत हो गई।

    यह घटना सिम्स की लापरवाही को उजागर करती है। अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बनी ट्राइएज यूनिट का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। सिम्स में आपातकालीन व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों को इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए भटकाया जा रहा है। शमसाद की मौत इस लापरवाही का सीधा परिणाम है, और अगर उन्हें समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद सिम्स अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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  • आवारा कुत्तों के हमलों से उज्जैन में भय और नाराजगी का माहौल

    आवारा कुत्तों के हमलों से उज्जैन में भय और नाराजगी का माहौल

    कुत्तों के हमले के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश, प्रशासन से समाधान की मांग

    उज्जैन शहर में आवारा कुत्तों के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला गणेश नगर में रहने वाले 17 वर्षीय सोनू शर्मा की दुखद मौत का है। 20 दिन पहले सोनू को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था, जिसके बाद उसका उपचार जिला अस्पताल और पुष्पा मिशन अस्पताल में चला। बाद में, गंभीर स्थिति के कारण उसे इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इलाज के बावजूद सोनू की तबीयत बिगड़ती गई, और 6 सितंबर 2024 को उसकी मौत हो गई। सोनू, जो अपने परिवार की आर्थिक मदद करता था, अब इस घटना का शिकार बन गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुख और गुस्सा व्याप्त है।

    उज्जैन में बढ़ती डॉग बाइट घटनाएं

    यह घटना उज्जैन में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं का एक और उदाहरण है। पिछले कुछ महीनों में कई लोग आवारा कुत्तों के हमलों का शिकार हुए हैं, जिनमें महाकाल के दर्शन करने आए श्रद्धालु भी शामिल हैं। यह मुद्दा इतना गंभीर हो चुका है कि विधानसभा में भी इस पर चर्चा हो चुकी है। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए सरकारी प्रयास किए गए हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि समस्या जस की तस बनी हुई है।

    उज्जैन नगर निगम के अनुसार, पिछले पांच सालों में 15,235 कुत्तों की नसबंदी की गई है, और इस दौरान 24,901 डॉग बाइट के मामले सामने आए हैं। नसबंदी और टीकाकरण पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आवारा कुत्तों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य अधिकारी संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि एक कुत्ते की नसबंदी पर 1200 रुपये से अधिक खर्च आता है। नसबंदी के बाद कुत्तों को उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था, जिससे कुत्तों की संख्या में स्थायी कमी नहीं हो पा रही है।

    स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश

    सोनू शर्मा की मौत के बाद से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कुत्तों के हमलों के डर से वे बाहर निकलने से कतराते हैं, खासकर बच्चे और बुजुर्ग। लोग नगर निगम से इस समस्या का जल्द समाधान करने की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

    उज्जैन में आवारा कुत्तों के हमलों से निपटने के लिए जरूरी है कि सरकार और प्रशासन इस दिशा में और ठोस कदम उठाए।

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  • हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    हिंदी दिवस 2024: शिक्षा, विज्ञान और तकनीक में हिंदी की भूमिका

    आज, 14 सितंबर 2024 को, पूरे भारत में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन विशेष रूप से 1949 में संविधान सभा द्वारा हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार करने की याद में मनाया जाता है। हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को बढ़ावा देना और इसके व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करना है, ताकि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त भाषा के रूप में स्थापित किया जा सके।

    इस अवसर पर देशभर के सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, और विश्वविद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इनमें हिंदी भाषा की समृद्धि और साहित्य पर केंद्रित संगोष्ठियां, भाषण प्रतियोगिताएं, और लेखन कार्यशालाएं शामिल हैं। सरकारी अधिकारियों ने इस दिन हिंदी के महत्व पर बल दिया है और इसे अपने दैनिक कार्यों में और अधिक अपनाने का आह्वान किया है।

    प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने अपने संदेशों में हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए है, बल्कि यह विज्ञान, व्यापार, और तकनीकी क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने देशवासियों से हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने और इसे अपनी दैनिक जीवन में अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

    इसके साथ ही, **#HindiDiwas** सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग हिंदी भाषा से जुड़े अपने अनुभव और विचार साझा कर रहे हैं। भाषाविद और साहित्यकार हिंदी के विकास और इसके वैश्विक प्रभाव पर अपने दृष्टिकोण रख रहे हैं, जबकि युवा पीढ़ी इसे सोशल मीडिया के माध्यम से एक नई दिशा दे रही है।

    इस हिंदी दिवस पर, देश भर में भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ हिंदी को और सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह राष्ट्रीय एकता का एक प्रमुख प्रतीक बनी रहे।

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  • iPhone 16 सीरीज की आज से प्री-ऑर्डर शुरू

    iPhone 16 सीरीज की आज से प्री-ऑर्डर शुरू

    iPhone 16 सीरीज की आज से प्री-ऑर्डर शुरू

    Apple की iPhone 16 सीरीज के स्मार्टफोन्स के प्री-ऑर्डर आज शाम 5:30 बजे से शुरू हो रहे हैं। इस सीरीज में iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro, और iPhone 16 Pro Max शामिल हैं। ग्राहक इन्हें Apple Store, Amazon, Flipkart, और Croma से प्री-ऑर्डर कर सकते हैं।

    ऑफर्स के तहत, American Express, Axis Bank, और ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने पर ₹5,000 का कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI मिलेगी। पुराने फोन के एक्सचेंज पर ₹4,000 से ₹67,500 तक का डिस्काउंट भी मिलेगा। साथ ही, तीन महीने के लिए Apple Music, TV+, और Arcade का फ्री सब्सक्रिप्शन भी मिलेगा।

    iPhone 16 की कीमत ₹79,900 से शुरू होती है, जबकि iPhone 16 Plus ₹89,900 से। iPhone 16 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,19,900 और iPhone 16 Pro Max ₹1,49,900 से शुरू होती है।

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  • रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही से महिला की मौत

    रायपुर में एक निजी अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी की कथित लापरवाही से एक महिला की मौत हो गई है। यह घटना अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म *गब्बर इज़ बैक* की याद दिला रही है, जहां सिस्टम की खामियों को दिखाया गया था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक ने अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओम खेमानी नामक युवक रोते हुए बता रहे हैं कि उनकी मां, भारती देवी, को दो सितंबर को रायपुर के प्रतिष्ठित एमएमआई अस्पताल में भर्ती किया गया था। 10 दिन के इलाज के बाद अस्पताल ने कहा कि उनकी मां का इलाज अब संभव नहीं है और उन्हें हैदराबाद ले जाने की सलाह दी। इस दौरान अस्पताल ने इलाज के लिए 10 लाख रुपये भी लिए।

    जब ओम ने एयर एंबुलेंस कंपनी से संपर्क किया, तो उन्होंने 6 लाख रुपये की मांग की। पैसे चुकाने के बाद, एयर एंबुलेंस आई, लेकिन उसमें न तो कोई डॉक्टर था और न ही आवश्यक उपकरण काम कर रहे थे। जब परिवार एयरपोर्ट पहुंचे, तो कंपनी ने कहा कि केवल एक परिजन ही मरीज के साथ जा सकता है, जबकि पहले यह वादा किया गया था कि दो लोग जा सकते हैं।

    एयर एंबुलेंस और अस्पताल की लापरवाही

    हवाई यात्रा के दौरान, एयर एंबुलेंस ने 15 मिनट के भीतर रायपुर लौटने का निर्णय लिया, और बीच रास्ते में ही महिला की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें वापस अस्पताल लाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। ओम खेमानी का आरोप है कि ऑक्सीजन मशीन की खराबी के कारण उनकी मां को आवश्यक ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिल पाई, जिससे उनकी मौत हो गई।

    परिजनों ने अस्पताल और एयर एंबुलेंस कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है और न्याय की अपील की है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा किया है और लोगों को व्यवस्था की खामियों के प्रति जागरूक किया है।

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  • फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा?

    फैक्ट्री कर्मचारी का शव रेलवे ट्रैक पर मिला, हत्या या हादसा? पुलिस जांच में जुटी

    सिरगिट्टी स्थित पुष्पा इंडस्ट्रीज में काम करने वाले संजय सिंह की लाश गुरुवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास लहूलुहान अवस्था में मिली। संजय उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के सुल्तान नगर निवासी थे और फैक्ट्री में मशीन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार रात संजय अपने दोस्त के साथ रेलवे ट्रैक के पास टहल रहे थे और मोबाइल पर बात कर रहे थे। दोस्त के घर जाने के बाद संजय अपने कमरे में नहीं लौटे, और गुरुवार सुबह उनकी लाश गंभीर चोटों के साथ मिली।

    स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताई है, क्योंकि संजय के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर चीरघर भेजा है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करेगा। फिलहाल, पुलिस ने प्रारंभिक पूछताछ की है और संजय के दोस्त से भी पूछताछ की जा रही है।

    स्वजन के आने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इस घटना ने सिरगिट्टी के फैक्ट्री क्षेत्र में दहशत फैला दी है और पुलिस ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है। फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी भी इस मामले में सच्चाई सामने लाने की अपील कर रहे हैं।

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