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  • छत्तीसगढ़ में विजयादशमी पर धूमधाम से रावण दहन की तैयारी

    छत्तीसगढ़ में विजयादशमी पर धूमधाम से रावण दहन की तैयारी

    रायपुर में 101 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में शनिवार को विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर रावण दहन का आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया जाएगा, और इस बार आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। राजधानी रायपुर में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में सबसे ऊंचा, 101 फीट का रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है। वहीं मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों की ऊंचाई 85-85 फीट होगी।

    रावणभाठा मैदान (भाठागांव) में 60 फीट ऊंचा रावण और 55-55 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले बनाए गए हैं। इन पुतलों को बनाने के लिए कोलकाता और आंध्रप्रदेश के कारीगर विशेष रूप से बुलाए गए हैं, जो दिन-रात इन पर काम कर रहे हैं। विभिन्न समितियों द्वारा आयोजन में जबलपुर, भिलाई और बलौदाबाजार से आतिशबाजी के विशेषज्ञ बुलाए गए हैं, ताकि कार्यक्रम को खास बनाया जा सके।

    डब्ल्यूआरएस कॉलोनी के अलावा छत्तीसगढ़ नगर, बोरियाखुर्द, बीटीआई ग्राउंड और रावांभाठा में भी रावण दहन के बड़े आयोजन किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ नगर दशहरा उत्सव समिति ने 45 फीट ऊंचा रावण और 30 फीट ऊंचे मेघनाथ-कुंभकरण के पुतलों का निर्माण किया है। यहां पर कोलकाता से आए कलाकार आतिशबाजी में विशेष इफेक्ट्स का इस्तेमाल करेंगे, और सांस्कृतिक कार्यक्रम “रंग झरोखा” की प्रस्तुति होगी।

    शहर में रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों की बाजार में भी अच्छी खासी रौनक है। बांसटाल, राठौर चौक और आमापारा जैसी जगहों पर पुतले बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, जिनकी ऊंचाई 3 फीट से लेकर 30 फीट तक है। इस साल पुतलों की कीमतों में भी 500 से 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।

    रावण दहन के अलावा रामलीला का मंचन भी हर साल की तरह इस बार भी होगा। कई समितियों ने भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिसमें छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

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  • यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    यात्रियों की कमी से जूझ रही दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन

    दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन के किराए ने घटाई यात्रियों की संख्या

    छत्तीसगढ़ में पिछले महीने दुर्ग-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत की गई है लेकिन रेलवे में लगातार यात्रियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रेलवे चिंतित है। 1128 सीटों वाली इस ट्रेन में औसतन सिर्फ 150 से 170 यात्री ही सफर कर रहे हैं। मुख्य रूप से इसका कारण महंगा किराया बताया जा रहा है, जिससे यात्रियों में खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

    सितंबर से शुरू हुई इस नई वंदे भारत ट्रेन को लेकर रेलवे को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यात्रियों की कमी रेलवे के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई है। रेलवे अब नुकसान से बचने के लिए जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

    दूसरी ओर, समता एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखी जा रही है, जहां रायपुर स्टेशन पर स्लीपर से लेकर एसी कोच तक पूरी तरह से भरे होते हैं। जबकि 16 कोच की वंदे भारत ट्रेन में आधे से अधिक सीटें खाली जा रही हैं। यह स्थिति वापसी के दौरान भी देखी जा रही है।

    रेलवे सूत्रों के अनुसार, दशहरा और दिवाली पर्व तक यात्रियों की संख्या का आकलन किया जाएगा। अगर सीटें इसी तरह खाली रहीं, तो इस ट्रेन के कोचों की संख्या कम की जा सकती है, जैसा कि बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेन में किया गया था।

    महंगे किराए की तुलना में समता एक्सप्रेस सस्ती:

    • एग्ज़ीक्यूटिव क्लास में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 2,825 रुपये।
    • बिना नाश्ते के एग्ज़ीक्यूटिव क्लास का किराया 2,410 रुपये।
    • चेयर कार में ब्रेकफ़ास्ट, चाय और लंच के साथ किराया 1,565 रुपये।
    • बिना नाश्ते के चेयर कार का किराया 1,205 रुपये।

    समता एक्सप्रेस में फ़र्स्ट एसी का किराया 2,100 रुपये, सेकेंड एसी का किराया 1,265 रुपये और थर्ड एसी का किराया 905 रुपये है।

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  • सोने और चांदी की कीमतों में कमी: 10 अक्टूबर 2024 की ताजा जानकारी

    सोने और चांदी की कीमतों में कमी: 10 अक्टूबर 2024 की ताजा जानकारी

    सोने में निवेश लॉन्गटर्म के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह सुरक्षित रिटर्न की गारंटी देता है। विशेषकर भारत में त्योहारों के दौरान सोने की मांग बढ़ जाती है, जिससे इसकी कीमतें भी ऊंची हो जाती हैं।

    सोने और चांदी के दाम में कमी

    10 अक्टूबर 2024 को, सोने के दाम में गिरावट आई है। 24 कैरेट सोने की कीमत 74,830 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि 9 अक्टूबर 2024 की तुलना में 179 रुपये कम है। इसी प्रकार, चांदी की कीमत भी घटकर 88,311 रुपये प्रति किलो हो गई है, जो कि 9 अक्टूबर से 350 रुपये की कमी दर्शाता है।

    कीमतों का तुलनात्मक अध्ययन

    इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स के अनुसार, 9 अक्टूबर की शाम को 999 शुद्धता वाले 24 कैरेट सोने की कीमत 75,009 रुपये थी, जो आज घटकर 74,830 रुपये हो गई। चांदी की कीमत 9 अक्टूबर को 88,661 रुपये थी, और आज यह 88,311 रुपये हो गई है।

    अन्य शुद्धता के सोने के दाम

    10 अक्टूबर को विभिन्न शुद्धताओं वाले सोने के दाम इस प्रकार हैं:

    1. 995 शुद्धता वाला सोना: 74,530 रुपये
    2. 916 शुद्धता वाला सोना: 68,544 रुपये
    3. 750 शुद्धता वाला सोना: 56,123 रुपये
    4. 585 शुद्धता वाला सोना: 43,776 रुपये

    शहरों में सोने के दाम

    लखनऊ: 74,810 रुपये

    इंदौर: 74,710 रुपये

    मुंबई: 74,710 रुपये

    दिल्ली: 74,810 रुपये

    जयपुर: 74,850 रुपये

    कानपुर: 74,810 रुपये

    मेरठ: 74,810 रुपये

    IBJA (इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन) की ओर से, केंद्र सरकार की छुट्टियों और सप्ताहांत पर रेट जारी नहीं किए जाते हैं। यदि आप 22 कैरेट या 18 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी के दाम जानना चाहते हैं, तो 8955664433 पर मिस्ड कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, गोल्ड या सिल्वर के दाम जानने के लिए आप www.ibja.co या ibjarates.com पर भी जा सकते हैं।

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  • मक्का के खेत में गांजा की खेती करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया

    मक्का के खेत में गांजा की खेती करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया

    गांजे की खेती करने वाले बुधराम सागर की गिरफ्तारी

    कोण्डागांव जिले के अनंतपुर थाना पुलिस ने एक विशेष अभियान के दौरान मक्का की फसल के बीच अवैध गांजा की खेती करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी अखिलेश धीवर के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई, जिसमें मुखबिर से मिली सूचना का आधार बना।

    8 अक्टूबर 2024 को पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम बड़े घोड़सोड़ा निवासी बुधराम सागर ने अपने मक्का के खेत में गांजे के पौधे उगाए हैं। इस सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बुधराम के खेत की तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस को वहां से 43 गांजे के पौधे मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया।

    जब्त किए गए गांजे का कुल वजन 1.565 किलोग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15,000 रुपये है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी बुधराम सागर (उम्र 44 वर्ष) को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

    बुधराम सागर के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट की धारा 20(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    इस प्रकार की कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि पुलिस अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की दिशा में कदम उठा रही है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सूचना देने में सहयोग करें ताकि समाज से नशे की समस्या को समाप्त किया जा सके।

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  • सरगुजा अंचल में लोकनृत्य प्रतियोगिता का सफल आयोजन

    सरगुजा अंचल में लोकनृत्य प्रतियोगिता का सफल आयोजन

    सरगुजा अंचल में आयोजित विजयादशमी महोत्सव के तहत लोकनृत्य प्रतियोगिता में 36 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के परिणाम में शैला वर्ग में माँ महामाया शैला समिति, जमदेई ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शैला पार्टी, सोनगरा ने द्वितीय और रामदल कर्मा नृत्य, भकुरा ने तृतीय स्थान हासिल किया। सुगा वर्ग में विश्वास सुगा नृत्य, नर्मदापारा ने प्रथम स्थान पाया, जबकि माँ महामाया सुगा दल, परसा भकुरा ने द्वितीय और शिवशक्ति सुगा दल, भकुरा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

    प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागी टीमों को सम्मान स्वरूप दो-दो हजार रुपये की धनराशि भेंट की गई। इसके अलावा, हेल्पिंग हैण्ड सोसायटी ने सभी प्रतिभागियों को जूट के बैग दिए, जो प्लास्टिक मुक्त वातावरण को बढ़ावा देने के लिए थे।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने उपस्थित जनसमुदाय को दशहरा और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसकी कला और संस्कृति से होती है, और सरगुजा जिला इस मामले में समृद्ध है। सिंहदेव ने सरगुजा के लोकनृत्यों की सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना की।

    सरगुजा सेवा समिति की अध्यक्ष रजनी रविशंकर त्रिपाठी ने कहा कि प्रतियोगिताओं की लोकप्रियता हर वर्ष बढ़ती जा रही है, जो इस परंपरा के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। नागरिक समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि विजयादशमी पर्व पर आयोजित कार्यक्रमों में सभी वर्गों के लोगों की सहभागिता रहती है, जो सरगुजा की लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोता है।

    कार्यक्रम का संचालन नरेन्द्र सिंह टूटेजा और वीर सोनी ने किया। आभार प्रदर्शन मधुसूदन शुक्ला ने किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका में रंजीत सारथी, देवेन्द्र दास सोनवानी, और विनितेश गुप्त शामिल रहे। कार्यक्रम में महापौर डॉ. अजय तिर्की, भाजपा जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, पूर्व सांसद कमलभान सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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  • राजमार्ग 43 पर टियागो कार और ट्रक की टक्कर में बड़ा हादसा

    राजमार्ग 43 पर टियागो कार और ट्रक की टक्कर में बड़ा हादसा

    अम्बिकापुर-पत्थलगांव राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर गुरुवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों और दो युवतियों की टियागो कार ट्रक से भिड़ गई। घटना बतौली कुनकुरी के पास हुई, जब कार (क्रमांक सीजी 15डीपी 3420) तेज़ रफ़्तार में थी और सामने से आ रहे ट्रक (क्रमांक ओडी 16 डीएम 3138) से टकरा गई।

    हादसे में 19 वर्षीय दुष्यंत तिग्गा, जो कार चला रहा था, और 17 वर्षीय पूर्णिमा एक्का, जो कार की अगली सीट पर बैठी थी, दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे बैठी रेनूका तिर्की (18 वर्ष) और अनुज तिर्की (19 वर्ष) कार में फंस गए थे, जिनका पैर दब गया था। 112 की टीम और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से कार का गेट तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बतौली में भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर स्थिति के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    हादसे के बाद ट्रक चालक ट्रक को बीच सड़क में लॉक कर मौके से फरार हो गया। कार में पेंट रखा हुआ था, जिसके कारण सभी मृतक और घायल पेंट से रंगे हुए मिले। घटना के बाद कार को बाहर निकालना भी मुश्किल हो गया।

    यह कार खड़धोवा निवासी शिक्षक सुखसाय पैकरा की थी, जिसे दुष्यंत ने अपने दोस्त अनुज को सिलमा छोड़ने के लिए मांगी थी। सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान यह हादसा हो गया, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रक चालक की तलाश जारी है।

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  • गोकने नाले के पास एक युवक की रहस्यमयी मौत, पुलिस कर रही जांच

    गोकने नाले के पास एक युवक की रहस्यमयी मौत, पुलिस कर रही जांच

    बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के यदुनंदन नगर में गोकने नाले के पास एक युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अज्जू साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से सब्जी विक्रेता था। सुबह के समय स्थानीय लोग जब नाले के पास से गुजर रहे थे, तो झोपड़ी के बाहर पड़े युवक का शव देखा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही सिरगिट्टी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि शव पर किसी तरह के बाहरी चोट के निशान नहीं थे, जिससे मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए और शव का पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।

    मृतक अज्जू साहू का यदुनंदन नगर में सब्जी बेचने का काम था और वह इलाके में काफी जाना-पहचाना चेहरा था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वह एक सरल और मेहनती व्यक्ति था। अज्जू की अचानक हुई इस रहस्यमयी मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना दिया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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  • रायपुर में 928 किलो अवैध चांदी जब्त, 12 व्यापारी जांच के घेरे में

    रायपुर में 928 किलो अवैध चांदी जब्त, 12 व्यापारी जांच के घेरे में

    राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 928 किलो चांदी का अवैध जखीरा बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक, यह चांदी आगरा से दिल्ली होते हुए रायपुर पहुंची थी और इसे अवैध रूप से इंडिगो एयरलाइंस के कार्गो से लाया गया था। इस मामले में 12 व्यापारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने इस चांदी की मांग की थी।

    पुलिस की एंटी क्राइम एंड कर्वेशन यूनिट (ACCU) ने सात अक्टूबर को डीडी नगर निवासी सन्नी कुमार सिंह को गिरफ्तार किया, जो एयरपोर्ट से अशोक ले-लैंड वाहन के जरिए अवैध चांदी को ठिकाने लगाने के लिए ला रहा था। जयस्तंभ चौक के पास वाहन चेकिंग के दौरान 51 कार्टूनों में छिपाकर रखी गई 928 किलो चांदी को जब्त किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सन्नी के पास चांदी के वैध दस्तावेज नहीं थे, जिससे इसका अवैध होना स्पष्ट हो गया।

    जीएसटी नियमों का उल्लंघन

    जीएसटी विभाग ने इस मामले में धारा 122 के तहत कार्रवाई करते हुए 22 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ राज्य में अवैध कारोबार पर सख्ती से नकेल कसी जा रही है। बरामद की गई चांदी की कीमत बाजार में काफी अधिक आंकी जा रही है, और इसकी जब्ती से वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा I सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई चांदी रायपुर के एक प्रमुख सराफा कारोबारी से जुड़ी हुई थी, जो इसे कच्चे रूप में दिवाली त्योहार के मौके पर बेचने की योजना बना रहा था। त्योहार के दौरान चांदी और आभूषणों की मांग बढ़ने के कारण इसे छिपाकर रखा गया था।

    सख्त कार्रवाई की चेतावनी

    जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना देकर प्रशासन की मदद करें, ताकि इस प्रकार के अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके। फिलहाल, सन्नी कुमार सिंह से पूछताछ जारी है और जांच की जा रही है कि इस चांदी का संबंध किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों से तो नहीं है।

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  • भिलाई इस्पात संयंत्र में दो क्रेन के टकराने से हुआ बड़ा हादसा

    भिलाई इस्पात संयंत्र में दो क्रेन के टकराने से हुआ बड़ा हादसा

    छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के एसएमएस-3 (स्टील मेल्टिंग शॉप) में गुरुवार सुबह एक गंभीर हादसा हुआ। इस दुर्घटना में एक ठेका श्रमिक, बसंत कुमार कुर्रे की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 10 बजे तब हुआ जब संयंत्र में दो भारी क्रेन आपस में टकरा गईं। यह हादसा तब हुआ जब एसएमएस-3 में क्रेन क्रमांक 31 ने क्रेन क्रमांक 29 को टक्कर मार दी, जिससे क्रेन क्रमांक 29 का स्टॉपर टूट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह स्टॉपर करीब 150 किलो का था और नीचे खड़े बसंत कुमार पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    दुर्घटना के बाद संयंत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत उच्च अधिकारियों और पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने तुरंत घटना स्थल को सील कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन में हड़कंप मच गया है, क्योंकि इस्पात संयंत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। दुर्घटना की जांच के लिए संयंत्र की सुरक्षा इकाई और पुलिस दोनों मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि हादसे के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।

    स्थानीय पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच चल रही है और दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही, संयंत्र के कर्मचारियों और अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई थी। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों क्रेन के ऑपरेटरों के बीच तालमेल की कमी के चलते यह हादसा हुआ हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    यह हादसा संयंत्र के सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़ा करता है, क्योंकि इस तरह की दुर्घटनाएं श्रमिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं।

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  • रतन टाटा की जीवन यात्रा: सफलता, सेवा, और सादगी की मिसाल

    रतन टाटा की जीवन यात्रा: सफलता, सेवा, और सादगी की मिसाल

    प्रारंभिक जीवन और संघर्ष

    रतन नवल टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई के प्रतिष्ठित पारसी परिवार में हुआ था। उनकी परवरिश एक समृद्ध पारिवारिक माहौल में हुई, लेकिन जब वे 10 साल के थे, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया। इसके बाद उनका लालन-पालन उनकी दादी लेडी नवाजबाई टाटा ने किया। दादी के साथ बिताए उनके बचपन ने उन्हें जीवन के मूल्य, सादगी और आदर्श सिखाए, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया।

    शिक्षा और प्रारंभिक करियर

    रतन टाटा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद अमेरिका में रिवरडेल कंट्री स्कूल और कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर में डिग्री हासिल की। हालाँकि, परिवार की इच्छा के चलते उन्होंने टाटा समूह में काम करने का निर्णय लिया और 1962 में भारत लौटे। 

    टाटा समूह में योगदान

    रतन टाटा ने अपने करियर की शुरुआत टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में मजदूरों के साथ काम करते हुए की। 1991 में, उन्हें टाटा समूह का अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने *कोरस स्टील* और *जगुआर लैंड रोवर* जैसे वैश्विक अधिग्रहण किए। इन कदमों ने टाटा समूह को एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर खड़ा किया।

    समाज सेवा और परोपकार

    रतन टाटा ने समाज सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाया। *टाटा ट्रस्ट्स* के माध्यम से वे शिक्षा, स्वास्थ्य, और ग्रामीण विकास के लिए कई योजनाओं का संचालन करते रहे। उनका मानना था कि व्यवसाय का असली उद्देश्य समाज की सेवा है, और उन्होंने इसे अपने कार्यों में सिद्ध किया। रतन टाटा को 2000 में *पद्म भूषण* और 2008 में *पद्म विभूषण* जैसे सम्मान मिले। उनकी सामाजिक और व्यावसायिक उपलब्धियों के लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर भी सराहा गया। 

    निधन और विरासत

    9 अक्टूबर 2024 को, 86 वर्ष की आयु में रतन टाटा का निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर दौड़ गई है। वे सिर्फ एक उद्योगपति नहीं थे, बल्कि एक प्रेरणास्त्रोत भी थे, जिनकी सादगी और सेवा भाव हमेशा याद किए जाएंगे। उनके द्वारा स्थापित उच्च मानक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।

    “रतन टाटा हम सबके दिलों में सदैव जीवित रहेंगे।”

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