रायपुर रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट खराब होने से मचा हड़कंप
रायपुर रेलवे स्टेशन पर आज सुबह एक बड़ी घटना हुई जब प्लेटफार्म नंबर एक पर लगी लिफ्ट अचानक बंद हो गई, जिससे उसमें सवार पांच लोग, जिसमें एक बच्चा भी शामिल था, फंस गए। स्टेशन पर हड़कंप मच गया और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया।
स्टेशन प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए लिफ्ट का दरवाजा तोड़ा और सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेलवे अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और लिफ्ट की नियमित जांच और रखरखाव के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद लिफ्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से इस असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए उनकी सुरक्षा को सर्वोपरि बताया है।
विदिशा की क्राइम मिस्ट्री सुलझी, मुख्य आरोपित मुस्कान गिरफ्तार
पिछले दो महीने से चर्चा में रही गुनगुन रजक प्रकरण की मुख्य आरोपित मुस्कान राजपूत को पुलिस ने बीना में गिरफ्तार कर लिया है। 55 दिनों तक पुलिस को चकमा देने के बाद मुस्कान को सोमवार को पकड़ा गया। पुलिस ने मुस्कान की गिरफ्तारी पर दस हजार रूपये का इनाम घोषित किया था।
10 जून को कॉलेज की छात्रा गुनगुन रजक घायल अवस्था में रेलवे पटरी पर मिली थी। प्रारंभ में सभी ने सोचा कि वह ट्रेन से टकराकर घायल हुई है। लेकिन जब गुनगुन को होश आया, तो उसने बताया कि उसकी सहेली मुस्कान ने उसे पटरी पर ले जाकर उसके सिर पर हमला किया था और उसे मृत समझकर छोड़ दिया था।
मुस्कान ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह हरिओम सेन से प्रेम करती है, लेकिन उसके परिवार वाले हरिओम से संबंध नहीं चाहते थे। हरिओम ने मुस्कान को सुझाव दिया कि वह किसी अपनी कद-काठी की लड़की को मारकर उसकी लाश पटरी पर फेंक दे, ताकि लोग उसे मरा समझें और वे दोनों शहर छोड़कर भाग जाएं।
मुस्कान ने अपने कपड़े पहनाकर गुनगुन को फोटो शूट के बहाने रेलवे पटरी पर ले जाकर हमला किया। उसने अपना बैग और सुसाइड नोट वहीं छोड़ दिया ताकि गुनगुन को मुस्कान समझा जाए। मुस्कान ने बताया कि वह हरिओम के संपर्क में ही रही और उसने किसी और से बात नहीं की। हरिओम और मुस्कान दोनों एथलेटिक्स के खिलाड़ी हैं और नियमित खेल स्टेडियम जाते थे, वहीं उनकी दोस्ती और प्रेम हुआ।
पुलिस अब हरिओम को गिरफ्तार करने के लिए तलाश कर रही है। गुनगुन के स्वजन और समाजजनों ने पहले ही हरिओम के शामिल होने की आशंका जताई थी। मुस्कान को फरारी के दौरान पैसे हरिओम ही भेज रहा था, जिसे ट्रांजेक्शन के आधार पर ट्रेस करके मुस्कान की गिरफ्तारी हो पाई।
मुंबई के आर्ट रॉक बैंड ने ‘जादू बस्तर’ डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से बस्तर के संगीत को किया उजागर
मुंबई के आर्ट रॉक बैंड ने बस्तर के संगीत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘जादू बस्तर’ की स्क्रीनिंग पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में की। लगभग 55 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में आदिवासी गीत-संगीत, कलाकारों के लघु साक्षात्कार और बस्तर के सुंदर दृश्यों को दिखाया गया है।
बैंड के सिंगर पीयूष ने बताया कि डॉक्यूमेंट्री बनाने के दौरान बस्तर प्रशासन को संदेह था कि वे काम पूरा नहीं कर पाएंगे, लेकिन उन्होंने चुनौती को अवसर में बदलते हुए इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। डॉक्यूमेंट्री 9 अगस्त को आदिवासी दिवस पर लॉन्च की जाएगी और यूट्यूब पर अपलोड की जाएगी।
पीयूष ने बताया कि बस्तर के आदिवासी कलाकारों के साथ काम करना एक अद्भुत अनुभव रहा, क्योंकि वे भले रॉक कल्चर को न जानते हों, लेकिन विश्व संगीत की गहरी समझ रखते हैं। बैंड की टीम ने आदिवासी गीत-संगीत से प्रेरित होकर अपने गाने तैयार किए हैं, जिनमें बस्तर के लोक कलाकार लाखेश्वर खुदराम की आवाज भी शामिल है।
बैंड ने इस अवसर पर ‘कैसा जादू है तेरे बस्तर में’ गाया, जिसे सुनकर सभागार तालियों से गूंज उठा। पीयूष ने कहा कि बस्तर की वास्तविकता को दिखाना उनके लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव था और उन्होंने अफसोस जताया कि वे केवल पांच प्रतिशत ही दिखा पाए।
बैंड की प्रेरणा अफ्रीका के आर्टिस्ट रिचर्ड बोना और माली के कलाकारों से मिली है, जिन्होंने संगीत के प्रति अपने जुनून को पूरा करने के लिए अमेरिका का रुख किया था।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बार फिर रेल टिकट दलालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर और आसपास के स्टेशनों पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत 14 टिकट दलालों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 3,08,617 रुपये मूल्य के टिकट बरामद किए गए हैं।
आरपीएफ ने रायपुर के अलावा बिलासपुर और नागपुर मंडल के स्टेशनों और आसपास के क्षेत्रों में भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कार्रवाई के दौरान, टिकट दलालों की लगातार निगरानी की जा रही है और 12-15 प्रमुख दलालों की सूची भी तैयार की गई है।
हाल ही में, टिकरापारा और भिलाई के रिसाली से 23 ई-टिकटों के साथ दो दलालों को रंगे हाथ पकड़ा गया था। अब गुढ़ियारी, खमतराई, गंज, संतोषीनगर, शंकरनगर और पंडरी क्षेत्र में कैफे और कंप्यूटर संस्थानों की आड़ में ई-टिकट बेचने वाले दलालों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
आरपीएफ ने अवैध वेंडिंग पर भी शिकंजा कसा है। रायपुर, बिलासपुर और नागपुर में कुल 117 अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया गया और उनसे 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। 2024 में कुल 7,501 अवैध वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
छत्तीसगढ़ में घर में घुसकर कुल्हाड़ी से युवक पर जानलेवा हमला
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के झारा गांव में सोमवार रात को एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। अज्ञात नकाबपोश हमलावरों ने एक युवक पर घर में घुसकर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। घटना के समय युवक सोमदेर कोर्राम अपने परिवार के साथ घर में था।
हमले की चीख पुकार सुनकर जब परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। घायल युवक को तत्काल नारायणपुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि यह हमला जमीन विवाद को लेकर किया गया है और प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह कोई नक्सली गतिविधि नहीं है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश जारी है।
यह घटना स्थानीय निवासियों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें और सतर्क रहें।
रायगढ़-बिलासपुर डिजिटल हाईवे-49 पर मवेशियों की मौत से हड़कंप
रायगढ़-बिलासपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय हाईवे-49 पर एक भीषण दुर्घटना की खबर सामने आई है। कलकत्ता ढाबा के पास एक तेज रफ्तार कार द्वारा मवेशियों को टक्कर मारने के कारण 5 मवेशियों की मौत हो गई। यह घटना 4 जुलाई की रात को घटित हुई थी, जब कार चालक ने सड़क पर बाईं ओर जा रहे मवेशियों को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
कोतरारोड पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान अंकित सिंह (28 वर्ष) निवासी गोपालगंज, बिहार के रूप में हुई है। उसे विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल की निगरानी में कोतरारोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी और उनकी टीम ने मामले की जांच की और चालक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की। पुलिस ने वाहन की जानकारी आरटीओ से प्राप्त की और दोषी चालक को पकड़ने में सफलता प्राप्त की।
इस घटना ने सड़क सुरक्षा के मुद्दे को एक बार फिर से उभार दिया है और स्थानीय जनता में चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने अपील की है कि सड़क पर सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित करें।
सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
सावन के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर कांवरियों ने महानदी, हसदेव और अन्य प्रमुख नदियों से जल भरकर शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक किया। यह दृश्य धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था, जहाँ भक्तों ने मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “बोलबम” के जयकारे से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
सुबह से ही खरौद, नवागढ़, पीथमपुर और जांजगीर के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इन क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में लक्ष्मणेश्वर मंदिर, कलेश्वरनाथ मंदिर, लिंगेश्वर महादेव और अन्य शिवालय शामिल थे। भक्तों ने इन मंदिरों में जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव का अभिषेक किया। शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल और दूध ने वातावरण को दिव्य बना दिया।
भक्तों की इस भीड़ के साथ-साथ, विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। प्रसाद में खीर, पुड़ी, पोहा और चना का वितरण किया गया, जिससे भक्तों को धार्मिक उत्सव का हिस्सा बनने का एक और अवसर मिला। प्रसाद की यह व्यवस्था भक्ति और सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू था, जो भक्तों की श्रद्धा को और भी बढ़ा रहा था।
इस धार्मिक उत्सव में भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखने योग्य था। प्रशासन ने भी इस आयोजन के लिए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके। इस भव्य धार्मिक पर्व ने सभी को एकजुट किया और भक्ति की शक्ति को एक बार फिर से उजागर किया।
नगरनार स्टील प्लांट में बड़ा हादसा, चार कर्मचारी झुलसे
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित नगरनार स्टील प्लांट में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। हॉट स्ट्रिप मिल में विद्युत मेंटेनेंस के दौरान हुए ब्लास्ट में चार कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए, जिनमें से दो की हालत बेहद गंभीर है। घायलों को तुरंत मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ब्लास्ट के पीछे तकनीकी खामी हो सकती है, लेकिन विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
हादसे के बाद प्लांट के कर्मचारियों में चिंता और भय का माहौल है। कर्मचारियों ने सुरक्षा प्रोटोकॉल्स को और सख्त करने की मांग की है। अधिकारियों ने घायलों के परिवारों को हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दिया है।
घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा उपायों की व्यापक समीक्षा की जा रही है। सभी उपकरणों और सुरक्षा प्रणालियों की जांच की जाएगी और आवश्यकतानुसार सुधार किए जाएंगे। प्लांट प्रबंधन ने कहा है कि वे इस मुश्किल समय में घायलों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है और उन्हें सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यह हादसा एक महत्वपूर्ण अनुस्मारक है कि उद्योगों में सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने कहा है कि वे इस घटना से सबक लेंगे और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।
भिलाई के एक प्रतिष्ठित शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. विकास वर्मा, ऑनलाइन ठगों के एक जालसाजी के शिकार हो गए हैं। ठगों ने डॉ. वर्मा को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से 68 लाख रुपये का क्लेम दिलवाने का झांसा देकर उनसे कुल 14 लाख 60 हजार 647 रुपये ठग लिए।
मामले की जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में एक व्यक्ति ने खुद को रवि झा बताते हुए डॉ. वर्मा से संपर्क किया। आरोपी ने दावा किया कि वह डॉ. वर्मा की पुरानी बीमा पॉलिसी के आधार पर उन्हें एक बड़ी राशि दिलवा सकता है। रवि झा ने अपने झांसे में फंसाकर डॉक्टर को विभिन्न किस्तों में पैसे ट्रांसफर करवाए।
आरोपियों ने डॉ. वर्मा से यह भी कहा कि वे बंसल और वेदप्रकाश अरोरा से भी संपर्क करेंगे, जो इस पूरे प्रोसेस में उनकी सहायता करेंगे। इन तीनों आरोपियों ने मिलकर डॉक्टर को 68 लाख रुपये का क्लेम दिलवाने का झांसा दिया और इसके एवज में ठगी की।
ठगी की शिकायत मिलने पर भिलाई नगर थाना ने मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पुष्टि की है कि आरोपी रवि झा को गिरफ्तार कर लिया गया है, और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि ठगों को कड़ी सजा दिलाई जा सके और अन्य संभावित पीड़ितों को बचाया जा सके।
फिल्म बेताब में अमृता सिंह से पहले मीनाक्षी और मंदाकिनी थीं विकल्प
5 अगस्त 1983 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई सनी देओल की डेब्यू फिल्म ‘बेताब’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की थी। आज इस फिल्म की 41वीं सालगिरह पर, फिल्म के निर्माण से जुड़े कुछ दिलचस्प खुलासे सामने आए हैं।
फिल्म के लिए अमृता सिंह को अंतिम रूप से कास्ट किया गया था, लेकिन यह तथ्य कम ही लोग जानते हैं कि वे फिल्म के लिए पहली पसंद नहीं थीं। फिल्म के निर्माताओं ने पहले मीनाक्षी शेषाद्री और मंदाकिनी को कास्ट करने का विचार किया था, लेकिन ये दोनों एक्ट्रेसेस फिल्म में शामिल नहीं हो पाईं।
मीनाक्षी शेषाद्री ने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन धर्मेंद्र ने उन्हें रिजेक्ट कर दिया। इसके बाद मंदाकिनी को भी ऑडिशन के लिए बुलाया गया, लेकिन राहुल रवैल ने उन्हें सनी देओल के सामने बहुत यंग मानते हुए कास्ट करने से मना कर दिया। अंततः फिल्म के लिए अमृता सिंह का चयन किया गया, जिन्होंने सनी देओल के साथ शानदार जोड़ी बनाई।
‘बेताब’ को राहुल रवैल ने डायरेक्ट किया था और इस फिल्म ने उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का दर्जा प्राप्त किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 13.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। यह फिल्म एक रोमांटिक ड्रामा थी जिसमें सनी देओल ने गरीब लड़के की भूमिका निभाई थी, जो अमीर लड़की के प्यार में पड़ जाता है।
सनी देओल की इस डेब्यू फिल्म ने उनके करियर की शुरुआत को शानदार बना दिया और आज भी यह फिल्म उनकी सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है।