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    छठ पूजा 2024: 5 नवंबर से शुरू हुआ महापर्व, जानें इसकी विधि और महत्व

    छठ पूजा 2024

    छठ पूजा हिंदू धर्म का महत्वपूर्ण पर्व है, जो मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस साल यह महापर्व 5 नवंबर से शुरू हो चुका है और चार दिनों तक चलने वाला है। इस पर्व में सूर्य देव और उनकी बहन छठी मइया की पूजा की जाती है। छठ पूजा का यह चार दिवसीय अनुष्ठान 36 घंटे के कठोर उपवास के साथ किया जाता है, जिसमें व्रतधारी जल और अन्न का त्याग करते हैं। बिहार और यूपी में यह पर्व सबसे बड़े त्योहारों में से एक माना जाता है, और इसकी तैयारी कई दिन पहले से शुरू हो जाती है। आइए इस वर्ष छठ पूजा की विधि और इससे जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर नजर डालते हैं।

    चार दिवसीय अनुष्ठान का क्रम

    नहाय-खाय (5 नवंबर): छठ पूजा का पहला दिन ‘नहाय-खाय’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन व्रती (व्रतधारी) पवित्र नदी या तालाब में स्नान करते हैं और शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करके व्रत की शुरुआत करते हैं। नहाय-खाय के दिन व्रती चावल के साथ लौकी की सब्जी, छोले और मूली आदि का सेवन करते हैं। इस दिन व्रती के भोजन करने के बाद ही परिवार के अन्य सदस्य इस महाप्रसाद का सेवन करते हैं। इसे छठ पूजा की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है, और यह पवित्रता और शुद्धता का भी प्रतीक है।

    लोहंडा और खरना (6 नवंबर): छठ पूजा का दूसरा दिन ‘खरना’ के रूप में जाना जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखते हैं और संध्या को गुड़ और चावल की खीर का प्रसाद बनाकर पूजा करते हैं। इसके बाद प्रसाद ग्रहण कर वे अगले 36 घंटे तक निर्जला व्रत का संकल्प लेते हैं।

    संध्या अर्घ्य (7 नवंबर): छठ पूजा के तीसरे दिन को संध्या अर्घ्य कहा जाता है। इस दिन व्रती सूर्यास्त के समय नदी या तालाब के तट पर पहुँचकर सूर्य देव को पहला अर्घ्य अर्पित करते हैं। इस अवसर पर विशेष पूजा सामग्री का उपयोग किया जाता है, जैसे बांस की टोकरी, गन्ना, नारियल, मौसमी फल और सूप।

    उषा अर्घ्य और पारण (8 नवंबर): छठ पूजा का चौथा और अंतिम दिन उषा अर्घ्य का होता है, जिसमें सूर्योदय के समय सूर्य देव को दूसरा अर्घ्य अर्पित किया जाता है। इसके बाद व्रतधारी पारण करते हैं और उपवास का समापन होता है।

    पूजा की सामग्री और प्रसाद

    छठ पूजा में विशेष रूप से ठेकुआ, चावल के लड्डू, और मौसमी फलों का प्रसाद चढ़ाया जाता है। यह प्रसाद पूरी तरह से घर पर बनाया जाता है और इसे पूजा के समय सूर्य देव को अर्पित किया जाता है। पूजा में प्रयोग की जाने वाली अन्य सामग्री में बांस की टोकरी, सूप, गन्ना और नारियल शामिल होते हैं। ठेकुआ, जो गुड़ और आटे से बनता है, छठ पूजा का मुख्य प्रसाद माना जाता है।

    पूजा की सामग्री और प्रसाद

    छठ पूजा के अवसर पर विशेष छठ गीत और भजन गाए जाते हैं, जिनमें “कांचे ही बांस के बहंगिया” और “पहिले पहिल हम कईनी छठ बरतिया” जैसे लोकगीत शामिल हैं। इन गीतों में छठ मइया और सूर्य देवता के प्रति आस्था और प्रेम झलकता है।

    समाज और पर्यावरण के लिए पर्व का महत्व

    समय के साथ छठ पूजा का स्वरूप भी बदला है। आजकल बड़े शहरों में भी इस पर्व को मनाने का चलन बढ़ गया है, जहाँ विशेष रूप से घाटों की स्वच्छता और सुरक्षा का प्रबंध किया जाता है। लोग पर्यावरण और स्वच्छता के प्रति भी जागरूक हुए हैं और नदियों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रसारित करता है।

    छठ पूजा के अवसर पर गंगा, यमुना और अन्य नदियों के तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई का इंतजाम किया जाता है ताकि भक्तजन अपनी पूजा को सुरक्षित और सुगम तरीके से संपन्न कर सकें। इस पर्व के माध्यम से समाज में एकजुटता का संदेश भी फैलता है और सभी लोग एक साथ मिलकर सूर्य देवता की आराधना करते हैं।

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    हाथी की मौत से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

    रीना मंडल की लाश मिलने के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच में नया मोड़

  • हाथी की मौत से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

    हाथी की मौत से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

    हाथी के बच्चे की करंट से मौत पर कार्रवाई, WP Act के तहत केस दर्ज

    छत्तीसगढ़ के तखतपुर क्षेत्र में एक हाथी के बच्चे की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है। वन विभाग को शुक्रवार शाम इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि किसी अज्ञात युवक ने खेत में करंट प्रवाहित तार बिछाया था, जिससे हाथी का बच्चा उस तार की चपेट में आ गया। खेत के मालिक कमल सिंह और उसके बेटे मनोज मरकाम को इस मामले में गिरफ्तार गया है।

    जानकारी के मुताबिक़, घटनास्थल की जांच में खेत में तीन खूंटे, दो कुल्हाड़ी, एक आरी, 200 मीटर जीआई तार, और 100 मीटर सर्विस वायर बरामद हुआ। इन सबूतों के आधार पर कमल सिंह और उसके बेटे पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। पूछताछ में वन विभाग को तीन और ग्रामीणों की जानकारी मिली है, जिनकी संलिप्तता संदिग्ध मानी जा रही है। विभाग की टीम उनकी तलाश कर रही है और उनके घरों पर दबिश दी गई, पर वे मौके से फरार हो गये हैं।

    इस घटना के बाद से आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि, वन विभाग ने उन्हें समझाया है कि हाथियों से सावधान रहें और घबराएं नहीं। बताया जा रहा है कि वन विभाग द्वारा अन्य चार हाथियों पर भी निगरानी रखी जा रही है, जो इस समय सुरही और अचानकमार रेंज के बीच देखे गए हैं। वन विभाग का मानना है कि अभी खेतों में फसलें तैयार हो गये हैं ऐसे में हाथियों का झुण्ड इन दिनों जंगलों से ग्रामीण इलाके में घुसकर फसलों को नुकसान कर रहे हैं इसलिए फसल कटाई तक हाथियों की यह मौजूदगी बनी रहेगी, जिसके बाद उनके स्थाई ठिकानों पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है।

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    रीना मंडल की लाश मिलने के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच में नया मोड़

    तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का शुभारम्भ आज से

  • रीना मंडल की लाश मिलने के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच में नया मोड़

    रीना मंडल की लाश मिलने के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच में नया मोड़

    बलरामपुर में गुरुचंद मंडल की मौत: अपहरण और हत्या की आशंका

    बीते कुछ सप्ताह पहले बलरामपुर जिले में गुरुचंद मंडल ने थाने में आत्महत्या कर लिया था जिसके बाद मामले ने विक्राल रूप ले लिया था । लेकिन अब गुरुचंद मंडल की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। झारखंड के गढ़वा से लगे कोयल नदी में 30 सितंबर को मिली लाश, गुरुचंद मंडल की पत्नी रीना मंडल की थी। रीना के भाई बदला गिरी ने मृतका की पहचान अपनी बहन के रूप में की है। उनके अनुसार, रीना का अपहरण कर हत्या की गई थी और शव को सबूत छिपाने के लिए नदी में फेंक दिया गया था। रीना के दोनों हाथ बंधे थे और सिर में चोट के निशान थे, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी बताए गए हैं।

    रीना मूलतः सरगुजा जिले के बतौली थाने के ग्राम झेराडीह की रहने वाली थीं। बलरामपुर के संतोषीनगर निवासी गुरुचंद मंडल से विवाह के बाद वह ससुराल में ही रहने लगी थीं। 29 सितंबर की शाम से वह लापता थीं, और उसी रात उनके पति ने बलरामपुर थाने में इसकी सूचना दी थी। रीना के अपहरण और हत्या के आरोपों के मद्देनजर, बलरामपुर पुलिस ने गुरुचंद और उनके ससुर को पूछताछ के लिए बुलाया था।

    पूछताछ के दौरान गुरुचंद मंडल की मौत हो गई, जिसके बाद पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया। इस घटना के बाद बलरामपुर में तनाव उत्पन्न हो गया और कानून व्यवस्था को बनाए रखने में दिक्कत आई। बलरामपुर थाने में हुई तोड़फोड़ और पथराव की घटनाएं राजनीतिक रंग लेने लगीं, और कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला।

    रीना की मौत की पुष्टि के बाद बलरामपुर पुलिस की जांच की दिशा बदलने की संभावना है। 29 सितंबर को लापता हुई रीना की लाश अगले दिन 30 सितंबर को गढ़वा की कोयल नदी में मिली थी। गढ़वा पुलिस ने पहचान नहीं हो पाने के कारण शव का अंतिम संस्कार किसी स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से किया। बलरामपुर पुलिस को 1 नवंबर को सूचना मिलने पर मामला सामने आया।

    मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस के कार्यों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पुलिस अभिरक्षा में गुरुचंद की मौत के बाद नेता और अधिकारी सक्रिय हुए, लेकिन उनकी बेटी की मौत पर कोई पूछने नहीं आया। यह घटना न केवल एक परिवार की दुखद कहानी है, बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाती है।

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    डौंडीलोहारा में बस पलटने से हड़कंप,12 से अधिक यात्रियों की हालत नाजुक

    जंगल में युवक की बेरहमी हत्या, प्रेमिका के पिता सहित छः लोग गिरफ्तार

  • रायपुर में पहली बार भारतीय सड़क कांग्रेस का आयोजन

    रायपुर में पहली बार भारतीय सड़क कांग्रेस का आयोजन

    रायपुर में भारतीय सड़क कांग्रेस का भव्य आयोजन

    रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 8 से 11 नवंबर तक भारतीय सड़क कांग्रेस का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियां तेजी से जारी हैं। इस अहम अधिवेशन का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। चार दिनों तक चलने वाले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारत में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है, जहां नई तकनीकों, नीतियों और प्रक्रियाओं पर गहन चर्चा होगी।

    इस अधिवेशन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी हिस्सा ले रहे हैं। श्रीलंका, बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और सिंगापुर से आए वैज्ञानिक और निर्माण विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे। इस चर्चा में यह तय किया जाएगा कि भारत के विभिन्न राज्यों में सड़कें अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और मजबूत कैसे बनाई जाएं, ताकि सड़क निर्माण के क्षेत्र में बदलाव लाया जा सके।

    अधिवेशन के दौरान साइंस कॉलेज मैदान में 129 स्टाल्स लगाए जा रहे हैं। इन स्टाल्स पर सड़क निर्माण के नए उपकरणों और डिजाइनों का प्रदर्शन होगा। यहां प्रदर्शित उपकरण और तकनीकें लोगों को सड़क निर्माण में हो रहे नए बदलावों से अवगत कराएंगी। आयोजन में शामिल लोग इन स्टाल्स पर जाकर विशेषज्ञों से बातचीत कर सकेंगे और नई तकनीकों का अनुभव कर पाएंगे।

    इसके अलावा, अधिवेशन में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जो इस आयोजन को और खास बनाएंगे। प्रदेश में पहली बार हो रहे इस अधिवेशन के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं, ताकि यह आयोजन सफल हो सके। इस अधिवेशन के जरिए भारत में सड़क निर्माण के क्षेत्र को नई दिशा देने और भविष्य में सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता सुधारने की उम्मीद की जा रही है।

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    तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का शुभारम्भ आज से

    रायपुर दक्षिण में आकाश शर्मा और सुनील सोनी के बीच चुनावी जंग

  • तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का शुभारम्भ आज से

    तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का शुभारम्भ आज से

    नया रायपुर मेला ग्राउंड में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आज से आगाज

    इस साल 1 नवम्बर को दिवाली होने की वजह से राज्योत्सव का कार्यक्रम की तिथि में फेरबदल करना पड़ा। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव आज से शुरू हो रहा है। यह तीन दिवसीय राज्योत्सव 2024 चार से छह नवंबर तक आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्घाटन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समारोह की अध्यक्षता करेंगे, जबकि छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

    इस बीच राज्योत्सव में कई प्रसिद्ध कलाकार मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन करेंगे। उद्घाटन के पहले दिन, चार नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत शाम 4.30 बजे होगा। इस दिन रिखी क्षत्रीय की टीम द्वारा 12 लोक नृत्यों की झलकियां पेश की जाएंगी, इसके बाद मोहन चौहान और साथी आदिवृंदम का प्रदर्शन करेंगे। शाम को सुनील सोनी और टीम क्षेत्रीय नृत्य संगीत प्रस्तुत करेंगे, जबकि विद्या वर्चस्वी ‘नाम रामायण’ की प्रस्तुति देंगी। रात 8.15 बजे बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक “शान” का कार्यक्रम होगा।

    राज्योत्सव स्थल पर आने-जाने के लिए बीआरटीएस बसों की व्यवस्था की गई है, जो मेला ग्राउंड तक लोगों को लाने और वापस ले जाने का काम करेंगे। ये बसें सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक हर आधे घंटे में चलाया जाएगा, इसके लिए यात्रियों को 20 से 25 रुपए का शुल्क देना होगा। मेला ग्राउंड से रायपुर लौटने के लिए दोपहर 12:15 बजे से रात 11 बजे तक बसें उपलब्ध रहेगा।

    इस अवसर पर सभी विभागों द्वारा भव्य और आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के विविध शिल्प प्रदर्शित होंगे। इसके लिए शिल्प ग्राम का निर्माण किया जा रहा है। राज्योत्सव स्थल परिसर में चार विशाल हैंगर बनाए गए हैं, जिनमें सरकारी विभागों के स्टाल और वाणिज्यिक संस्थानों का प्रदर्शनी लगेगा। इसके अलावा, फूड कोर्ट और मीना बाजार आम लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

    इस राज्योत्सव का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, परंपरा और विविधता को देश और दुनिया के सामने प्रदर्शित करना है।

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    जंगल में युवक की बेरहमी से हत्या, प्रेमिका के पिता सहित छः लोग गिरफ्तार

  • डौंडीलोहारा में बस पलटने से हड़कंप,12 से अधिक यात्रियों की हालत नाजुक

    डौंडीलोहारा में बस पलटने से हड़कंप,12 से अधिक यात्रियों की हालत नाजुक

    balod bus accident

    डौंडीलोहारा में 35 से अधिक यात्रियों से भरी बस पलटने से हड़कंप

    छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडीलोहारा नगर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो जाने से यात्रियों में अफरातफरी मचा हुआ है। यह घटना उस समय हुआ जब बस दुर्ग से डौंडीलोहारा की ओर जा रहा था।

    जानकारी के मुताबिक़, इस दुर्घटना में 12 से अधिक यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। इस घटना से घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई, और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। उन्होंने घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।

    घटना की सूचना मिलते ही डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र की पुलिस, एसडीएम, और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि बस चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यात्रियों के अनुसार, चालक तेज गति से बस चला रहा था, और हादसे के बाद वह मौके से फरार हो गया।

    प्रशासन ने घायलों के उपचार के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम को भेज दिया है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। इस बीच स्थानीय प्रशासन ने घायलों के इलाज के लिए विशेष इंतजाम किया।

    घायलों ने प्रशासन से मांग की है कि बस चालक की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, और अब सभी की नजरें हादसे की जांच पर टिकी हुई हैं।

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  • सेंट्रल जेल के बाहर पुरानी रंजिश के चलते ताबड़तोड़ फायरिंग

    सेंट्रल जेल के बाहर पुरानी रंजिश के चलते ताबड़तोड़ फायरिंग

    फायरिंग

    रायपुर में सेंट्रल जेल के बाहर गोलीबारी से हड़कंप

    राजधानी रायपुर में सेंट्रल जेल के बाहर एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते गोलीबारी की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना तब हुई जब युवक जेल में किसी व्यक्ति से मिलने के बाद बाहर निकला। उस समय, अज्ञात व्यक्ति ने युवक पर ताबड़तोड़ दो गोलियां चलाईं। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत इलाज के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) ले जाया गया।

    स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फायरिंग की यह घटना पुरानी रंजिश के कारण हुई है। घटना के बाद, आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश में अभियान शुरू कर दिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके।

    अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रखे हुए है। फिलहाल, युवक को आईसीयू में रखा गया है, जहां उसे विशेष उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि वह अभी खतरे से बाहर नहीं है, और उसकी हालत में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

    इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। इसके साथ ही, यह मामला एक बार फिर से चर्चा में आया है कि रायपुर में आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि हो रही है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की तहकीकात जारी है और जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

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  • रायपुर दक्षिण में आकाश शर्मा और सुनील सोनी के बीच चुनावी जंग

    रायपुर दक्षिण में आकाश शर्मा और सुनील सोनी के बीच चुनावी जंग

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव: युवा और अनुभवी प्रत्याशियों की प्रतिष्ठा दांव पर

    रायपुर दक्षिण के उपचुनाव में इस बार कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला है, जिसमें दोनों ही पार्टियों के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। कांग्रेस ने इस सीट पर 34 वर्षीय आकाश शर्मा को उतारा है, जो युवा और नए चेहरे के रूप में उनकी चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं। दूसरी ओर, भाजपा के प्रत्याशी 63 वर्षीय सुनील सोनी हैं, जो पूर्व सांसद और महापौर भी रह चुके हैं। यह मुकाबला उम्र, ऊर्जा और अनुभव के संघर्ष का प्रतीक बन गया है।

    आकाश शर्मा

    कांग्रेस के आकाश शर्मा अगर यह सीट जीतते हैं, तो उनके लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी और उनके राजनीतिक करियर को एक ठोस शुरुआत मिलेगी। हारने की स्थिति में भी यह चुनाव उनके लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने में मददगार होगा।

    इस चुनाव में कांग्रेस के सामने मुस्लिम और ब्राह्मण वोटों के बंटवारे की चुनौती भी है। 30 उम्मीदवारों में से नौ मुस्लिम और चार ब्राह्मण प्रत्याशी हैं, जिनके चलते कांग्रेस को अपने वोट बैंक में कमी का डर है।

    BJP PARTI

    भाजपा के लिए यह उपचुनाव उनके राजनीतिक मान-सम्मान का सवाल बन गया है। अगर भाजपा यह सीट हारती है, तो इसका सीधा असर सुनील सोनी के राजनीतिक करियर पर पड़ सकता है, जबकि जीत की स्थिति में भाजपा के लिए यह कोई विशेष उपलब्धि नहीं मानी जाएगी। पार्टी के भीतर युवा चेहरे चुनाव में टिकट की आकांक्षा लिए बैठे हैं, और संभावित हार से सोनी का भविष्य संकट में पड़ सकता है।

    भाजपा ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुंदर नगर से प्रचार अभियान शुरू किया है, ताकि ब्राह्मण वोट भाजपा के पक्ष में रहें। दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी की छत्तीसगढ़ सह प्रभारी जरिता लैतफलांग सोमवार को रायपुर पहुंच रही हैं। इसके अलावा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव ने ‘डोर टू डोर’ प्रचार अभियान का जिम्मा संभाल लिया है।

    रायपुर दक्षिण का उपचुनाव न केवल एक सीट की लड़ाई है, बल्कि दोनों दलों के राजनीतिक भविष्य पर असर डाल सकता है। जहां कांग्रेस के लिए यह सीट जीतना एक बड़ी सफलता होगी, वहीं भाजपा के लिए हार का मतलब सुनील सोनी के राजनीतिक करियर का अंत हो सकता है।

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    जंगल में युवक की बेरहमी हत्या, प्रेमिका के पिता से छः लोग गिरफ्तार

    बिलासपुर में दिवाली के मौके पर बढ़ी स्वदेशी सामानों की सेल

  • जंगल में युवक की बेरहमी हत्या, प्रेमिका के पिता सहित छः लोग गिरफ्तार

    जंगल में युवक की बेरहमी हत्या, प्रेमिका के पिता सहित छः लोग गिरफ्तार

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    प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की हत्या

    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में प्रेमिका से मिलने गए युवक टीकाराम केवंट की लाश जंगल में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पचपेडी पुलिस ने मामले में टीकाराम की प्रेमिका के पिता, दो भाइयों समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
    छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के कसडोल थाना अंतर्गत ग्राम मोतीपुर निवासी 25 वर्षीय टीकाराम केवंट की लाश भरारी जंगल में मिलने से हड़कंप मच गया। घटनास्थल के पास से एक बाइक बरामद हुई, जिसके नंबर सीजी 04 एचएन 9264 के आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान की। बाइक के मालिक भीष्मा केवट ने बताया कि यह वाहन उनका छोटा भाई टीकाराम लेकर निकला था।

    पुलिस ने भीष्मा केवंट को सूचना दी कि यह बाइक एक शव के पास पाई गई है, जिसकी हत्या की गई है। भीष्मा ने पुलिस द्वारा भेजी गई तस्वीर के आधार पर शव की पहचान की और बताया कि टीकाराम गांव की गीता यादव से प्रेम करता था। पुलिस की जांच में पता चला कि टीकाराम शनिवार को अपने दोस्त दीपक वर्मा के साथ जांजगीर चांपा के डीघोरा गांव के लिए निकला था, शायद गीता से मिलने। पुलिस ने भीष्मा के बयान के आधार पर मोतीपुर पहुंचकर गीता के पिता सुखीराम यादव, उसके दोनों बेटे भोजराम और गौरीशंकर को हिरासत में लिया। पूछताछ में सुखीराम ने अन्य रिश्तेदारों का नाम भी उजागर किया, जिनमें ललित यादव, राहुल यादव और भागवत शामिल थे। पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है।

    पुलिस ने घटनास्थल पर खोजबीन शुरू की तो उन्हें बाइक, गमछा और करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर उन्हें दीपक वर्मा का मोबाइल मिला । उसके बाद पुलिस ने दीपक से पूछताछ शुरू किया तो पता चला कि प्रेमिका गीता यादव के पिता सुखीराम यादव और सहित 6 लोग उन्हें कार में बैठाकर जंगल में लाये और उनकी लाठी-डंडे से पिटाई करनी शुरू कर दी। इस बीच दीपक वर्मा किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला लेकिन टीकाराम यादव भागने में नाकामयाब रहा और आरोपियों ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया कि टीकाराम केवंट और गीता यादव के बीच प्रेम सम्बन्ध था जिसका विरोध उसके परिजनों ने किया। जब टीकाराम गीता से मिलने पहुंचा, तो सुखीराम और उसके परिवार ने उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की पूरी जांच जारी है।

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  • स्कूल के लिए निकलीं छात्राएं चार दिन से लापता

    स्कूल के लिए निकलीं छात्राएं चार दिन से लापता

    परिजनों ने दर्ज कराया थाने में गुमशुदगी का रिपोर्ट

    अम्बिकापुर शहर के गांधीनगर थाना अंतर्गत 25 अक्टूबर को दो छात्राओं ने घर से स्कूल के लिए निकले थे लेकिन शाम हो जाने के बाद भी घर नहीं पहुँचे, तो परिजन परेशान हो गए I उन्होंने खोजने के लिए काफी मेहनत मशकत की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया I

    तत्पश्चात परिजनों ने इसकी सूचना गाँधी नगर थाना में दी I  जब सड़कों में लगे सीसी टीवी कैमरे को खंगाला गया तो पता चला कि दोनों बनारस रोड़ की तरफ पैदल जा रही थीं  I जहाँ-जहाँ सीसी टीवी कैमरे लगे थे वहां तक उनका सुराग मिला उसके बाद उनका कोई पता नहीं चल पाया I

    जानकारी के मुताबिक़, एक छात्रा का नाम साक्षी लकड़ा और दूसरी का नाम आयुषी भगत है दोनों सेन्ट्रल स्कूल में कक्षा 8 वीं में पढ़ते हैं I दोनों 25 अक्टूबर को मनेन्द्रगढ़ रोड़ में जाने के निकली थीं लेकिन देर शाम तक दोनों घर नहीं आई तो स्कूल के शिक्षकों से पूछताछ किया गया तो पता चला कि दोनों छात्रा स्कूल ही नहीं पहुँची है I बहुत खोजबीन करने के बाद परिजनों ने थाने में जाकर गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज करा दी है I

    परिजनों ने बताया कि चार दिन बीत चुके हैं लेकिन उनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है I उधर पुलिस ने अपनी खोजबीन शुरु कर दी है लेकिन परिजनों में चिंता और भय का मंजर बना हुआ है I

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