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  • अम्बिकापुर में ठण्ड ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, पारा जा पहुँचा 10 डिग्री से नीचे

    अम्बिकापुर में ठण्ड ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, पारा जा पहुँचा 10 डिग्री से नीचे

    अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री तक जा पहुँचा पारा
    MAINPAT: AMBIKAPUR (SURGUJA)

    अम्बिकापुर में न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री तक जा पहुँचा पारा

    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में इन दिनों कड़ाके की ठण्ड पड़ रही है। सरगुजा प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान के रूप में जाना जाता है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में 29 नवम्बर को रिकॉर्डतोड़ ठण्ड पड़ा और न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री तक जा पहुँचा। जारी आंकड़े के मुताबिक़, 29 नवम्बर को हुए ठण्ड ने पिछले 36 साल के अन्दर नवम्बर का महीना ऐसा रहा, जहाँ आज दूसरी बार सबसे न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। इससे पहले 29 नवम्बर को 1988 को न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री दर्ज किया गया था।

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    मौसम विभाग के अनुसार, इस नवंबर में पिछले 12 दिनों से न्यूनतम तापमान लगातार 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जो 54 सालों में दूसरी बार हुआ है। इससे पहले 1970 में 16 दिनों तक न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा था। उत्तर छत्तीसगढ़ के पहाड़ी इलाकों, जैसे मैनपाट और सामरी पाट, में ठंड और अधिक तीव्र है। शुक्रवार को मैनपाट का न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। यहां कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2-3 दिसंबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हो सकती है। इससे ठंड का असर कुछ हद तक कम हो सकता है।

    Snow fall

    अम्बिकापुर में नवंबर माह में न्यूनतम तापमान के ऐतिहासिक आंकड़े यह दिखाते हैं कि ठंड के रिकॉर्ड समय-समय पर टूटते रहे हैं। 30 नवंबर 1970 को सबसे कम तापमान 4.2°C दर्ज किया गया था, जबकि 27 नवंबर 1981 को 6.0°C और 29 नवंबर 1988 को 6.9°C रहा। इस वर्ष, 29 नवंबर 2024 को न्यूनतम तापमान 7.2°C दर्ज किया गया, जो 36 वर्षों में नवंबर का दूसरा सबसे कम तापमान है।

    न्यूनतम तापमान के लगातार 10 डिग्री से नीचे बने रहने के मामले में 1970 का रिकॉर्ड 16 दिनों का है, जबकि इस वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 12 दिनों तक पहुंच चुका है और नवंबर का एक दिन शेष है। 1975 में यह स्थिति 11 दिनों तक बनी रही थी। लंबे समय बाद अम्बिकापुर में सरगुजिहा ठंड ने जोरदार दस्तक दी है। कड़ाके की इस ठंड में लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं और मौसम की इस चुनौती का डटकर सामना कर रहे हैं।

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