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  • FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    बोतलबंद पानी अब हाई रिस्क फूड: FSSAI के नए नियमों से बढ़ी सुरक्षा चिंता

    पैक्ड पानी बोतल और मिनरल वाटर का सेवन हम सभी अपने दैनिक जीवन का अहम हिस्सा मानते हैं, लेकिन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल ही में इसे लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर और मिनरल वाटर को हाई रिस्क फूड की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब है कि अब बोतलबंद पानी को सुरक्षित और सेफ मानकर पीने से पहले हमें ज्यादा सतर्क रहना होगा।

    FSSAI के नए नियमों के तहत, पैक्ड पानी बोतल और मिनरल वाटर उत्पादक कंपनियों को हर साल अनिवार्य जांच और तीसरे पक्ष के ऑडिट से गुजरना होगा। यह कदम पानी की शुद्धता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। साथ ही, कंपनियों को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से सर्टिफिकेट प्राप्त करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम पानी के मानकों को सुधारने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    FSSAI की घोषणा: बोतलबंद पानी की शुद्धता पर नए नियम लागू

    शोधकर्ताओं का कहना है कि तेज धूप या गर्मी के संपर्क में आने पर बोतलबंद पानी जल्दी खराब हो जाता है, जिससे प्लास्टिक की बोतल में मौजूद पॉलीइथिलीन टेरेफ्थेलेट लीच हो सकता है। यह रासायनिक पदार्थ शरीर में जमा होकर कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और तंत्रिका रोगों का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा, कई कंपनियां पानी की बोतलें पैक करने के लिए सोडा और ठंडे ड्रिंक्स बनाने वाली मशीनों काइस्तेमाल करती हैं, जिससे पैकेजिंग की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    अभी हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह सामने आया कि 36 कंपनियों के पैकेज्ड पानी में से 33.3 प्रतिशत बोतलों का पानी पीने योग्य नहीं था और डब्ल्यूएचओ के मानकों के अनुरूप नहीं था। इस प्रकार, अब हमें किसी शॉप से बोतलबंद पानी खरीदते समय अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी।

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  • बांध में डूबने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर

    बांध में डूबने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर

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    बांध में डूबने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के पस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पुटसू में गुरूवार को एक दुखद घटना घटित हो गया। बलरामपुर के सेमरसोत अभयारण्य क्षेत्र में स्थित बांध में माँ और बेटी दोनों पानी में डूब गये जिससे मां और बेटी दोनों की मौत हो गई।

    घटना ग्राम पुटसू का है जहाँ, मोहन यादव की बेटी, 18 वर्षीय सरिता यादव, गुरुवार को बांध में कपड़े धोने गई थी। लेकिन अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। बेटी को डूबते हुए देख मां उर्मिला यादव (42) उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ी, लेकिन दोनों ही गहरे पानी में डूब गईं।

    घटना की सूचना मिलने पर पस्ता थाना प्रभारी विमलेश सिंह और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। लेकिन जब स्थानीय स्तर पर दोनों को बांध से निकालने का कोई प्रभावी प्रयास नहीं हो सका। तो जिला मुख्यालय बलरामपुर से नगर सेना के गोताखोरों की टीम को बुलाया गया, जिन्होंने मोटर बोट और लाइफ जैकेट के माध्यम से कई घंटों की कड़ी मेहनत के बाद मां-बेटी के शवों को बांध से बाहर निकाला। लेकिन, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

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    बांध में पानी करीब 10 से 15 फीट गहरा था, बताया जा रहा है कि दोनों को तैरना नहीं आता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजन के हवाले कर दिया। इस हादसे के बाद पूरे पुटसू गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

    यह हादसा हम सभी के लिए एक चेतावनी है। खुले और गहरे जलाशयों के पास अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को जल सुरक्षा के बारे में जागरूक करना जरूरी है। जिन्हें तैरना नहीं आता, जिसके अभाव में ऐसी घटनाएं घटित होती हैं। हम सभी को जलाशयों या डेम के पास जाने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए और जीवन रक्षक उपायों जैसे लाइफ जैकेट का उपयोग करना चाहिए। परिवारों को भी बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने और जल में उतरने से पहले सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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