Tag: StudentSafetyInsurance

  • 2017 से छात्र बीमा योजना में सहायता राशि हुई दोगुनी

    2017 से छात्र बीमा योजना में सहायता राशि हुई दोगुनी

    2017 से छात्र बीमा योजना में सहायता राशि हुई दोगुनी



    सरकारी स्कूल व कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की किसी दुर्घटना में मौत, जैसे सांप या बिच्छू के काटने, पानी में डूबने या आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में, छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रशासन द्वारा एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। पहले इस योजना के तहत मुआवजा राशि दस हजार रुपये थी, लेकिन अप्रैल 2017 से इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया है।

    योजना के तहत प्रीमियम और पात्रता

    छात्र सुरक्षा बीमा योजना, जो प्रदेश में 2005 से लागू है, के तहत पहली कक्षा से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए बीमा प्रीमियम मात्र एक रुपये रखा गया है। यह प्रीमियम शैक्षणिक शुल्क के साथ स्कूलों में जमा कर दिया जाता है, जिसके बाद शिक्षा विभाग इस राशि को संबंधित बीमा कंपनी के खाते में जमा कराता है।

    योजना के तहत, सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अनुदान प्राप्त स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र, किसी भी प्रकार की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में पात्र होते हैं। इसके अलावा, सांप, बिच्छू के काटने, पानी में डूबने और आकाशीय बिजली से होने वाली मौत के मामले में भी यह योजना लागू होती है।

    पालकों को जानकारी की कमी

    हालांकि यह योजना 19 सालों से चल रही है, परंतु कई पालकों और छात्रों को इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसके कारण कई बार छात्र-छात्राओं की मृत्यु होने पर भी पालकों को बीमा राशि का लाभ नहीं मिल पाता।

    शिक्षा विभाग द्वारा पिछले 19 वर्षों में जिले के 250 पालकों को यह सहायता राशि दी जा चुकी है। पिछले साल (2023-24) जिले में 19 बच्चों की सड़क दुर्घटना, पानी में डूबने, सर्पदंश, और आकाशीय बिजली से मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके पालकों ने छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत आवेदन किया और प्रत्येक को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई।

    चालू सत्र (2024-25) में अब तक आठ विद्यार्थियों की मौत के बाद उनके पालकों द्वारा आवेदन किया गया है। इनमें नरियरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र अक्षय निर्मलकर की ट्रेन दुर्घटना में मौत, सेंदरी की प्राथमिक शाला की छात्रा पूजा कश्यप की सर्पदंश से मौत, और कोलिहादेवरी के पूर्व माध्यमिक शाला के छात्र सोहन दास की सड़क दुर्घटना में मौत शामिल हैं। इन सभी मामलों में उनके स्वजनों ने छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत आवेदन कर, प्रत्येक को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्राप्त की है।

    बीमा योजना का महत्व

    छात्र सुरक्षा बीमा योजना के तहत मामूली प्रीमियम के बावजूद, दुर्घटना की स्थिति में पालकों को महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता मिलती है। इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि और अधिक परिवार इसका लाभ उठा सकें। प्रशासन द्वारा अधिक से अधिक छात्रों और पालकों को इस योजना की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि वे समय पर इसका लाभ उठा सकें।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=7222

    https://golden36garh.com/?p=7215