
सावन के तीसरे सोमवार को शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़
सावन के तीसरे सोमवार को छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर कांवरियों ने महानदी, हसदेव और अन्य प्रमुख नदियों से जल भरकर शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का अभिषेक किया। यह दृश्य धार्मिक श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक था, जहाँ भक्तों ने मंदिरों में “हर-हर महादेव” और “बोलबम” के जयकारे से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
सुबह से ही खरौद, नवागढ़, पीथमपुर और जांजगीर के प्रमुख शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। इन क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में लक्ष्मणेश्वर मंदिर, कलेश्वरनाथ मंदिर, लिंगेश्वर महादेव और अन्य शिवालय शामिल थे। भक्तों ने इन मंदिरों में जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री से भगवान शिव का अभिषेक किया। शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल और दूध ने वातावरण को दिव्य बना दिया।

भक्तों की इस भीड़ के साथ-साथ, विभिन्न स्थानों पर प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। प्रसाद में खीर, पुड़ी, पोहा और चना का वितरण किया गया, जिससे भक्तों को धार्मिक उत्सव का हिस्सा बनने का एक और अवसर मिला। प्रसाद की यह व्यवस्था भक्ति और सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू था, जो भक्तों की श्रद्धा को और भी बढ़ा रहा था।
इस धार्मिक उत्सव में भक्तों का उत्साह और श्रद्धा देखने योग्य था। प्रशासन ने भी इस आयोजन के लिए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए थे, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके। इस भव्य धार्मिक पर्व ने सभी को एकजुट किया और भक्ति की शक्ति को एक बार फिर से उजागर किया।
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