Tag: SECL KUSMUNDA OCM

  • SECL ने शुरू की डिजिटल भूमि अधिग्रहण प्रणाली

    SECL ने शुरू की डिजिटल भूमि अधिग्रहण प्रणाली

     SECL ने शुरू की डिजिटल भूमि अधिग्रहण प्रणाली

    SECLने शुरू की डिजिटल भूमि अधिग्रहण प्रणाली

    साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (SECL) ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल जमीन प्रबंधन प्रणाली (एलएएमएस) की शुरुआत की है। इस नई तकनीक से एक ही क्लिक में अधिग्रहण की गई भूमि का संपूर्ण रिकॉर्ड देखा जा सकता है। खदानों के विस्तार और ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शुरुआत में यह प्रक्रिया कुसमुंडा खदान के प्रभावित गांव खोडरी से की गई है और इसे आगे दीपका तथा गेवरा खदानों में भी लागू किया जाएगा।

    एलएएमएस से भूमि पार्सल सीमाओं का दृश्यीकरण, मूल्यांकन, अतिक्रमण की ट्रैकिंग, और विवाद प्रबंधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही एसईसीएल के सीएमडी-बोर्ड प्लेटफॉर्म पर प्रोजेक्ट्स और लंबित कार्यों की निगरानी भी हो सकेगी।

    डिजिटल प्रणाली से भूमि अधिग्रहण में ड्रोन कैमरों का उपयोग किया गया है, जिससे रिकॉर्ड रखना आसान हुआ है। भविष्य में खदान विस्तार के चलते जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी, उनकी जानकारी डिजिटल रूप में संरक्षित होगी, ताकि मुआवजा और रोजगार देने में किसी प्रकार की दिक्कत न आए। इस प्रणाली से 210 खातेदारों में से 113 को रोजगार की पात्रता दी जाएगी। काश्तकारी भूमि का मुआवजा 16.28 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से तय किया गया है।

    Read More :

    विधायक राजेश अग्रवाल ने नितिन गडकरी का आभार क्यों जताया ?

    छत्तीसगढ़ बोर्ड ने प्रीबोर्ड परीक्षाओं का किया ऐलान, सभी स्कूलों में होगी परीक्षा

  • भारी बारिश से SECL खदान में हादसा एक अधिकारी की हुई मौत

    SECL खदान हादसा: तेज बहाव में बहे 4 अधिकारी, 1 की मौत

    कोरबा में शनिवार को लगातार तीन घंटे की बारिश के कारण SECL की कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा हो गया। खदान के गोदावरी ब्लॉक में अचानक तेज बहाव आने से चार अधिकारी बह गए। इनमें से तीन अधिकारियों ने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचाई, लेकिन एक अधिकारी पानी में बह गया।

    16 घंटे की तलाश के बाद मिला शव

    आज सुबह 16 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद एचडीआरएफ की टीम ने अधिकारी जितेंद्र नागरकर का शव बरामद किया। कुसमुंडा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, लगातार बारिश के चलते खदान में जलभराव की स्थिति बन गई थी, जिसे देखने के लिए चार अधिकारी नीचे उतरे थे। इसी दौरान अचानक आए पानी के तेज बहाव में चारों अधिकारी बह गए। तीन अधिकारियों ने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचाई, जबकि एक अधिकारी तेज बहाव में बह गया था।

    एचडीआरएफ की टीम ने 16 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अधिकारी जितेंद्र नागरकर का शव बरामद किया। कुसमुंडा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

    कुसमुंडा थाना पुलिस और SECL प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने खदान में सुरक्षा उपायों को और कड़ा करने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

    READ MORE :

    https://golden36garh.com/?p=5467

    https://golden36garh.com/?p=5456