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  • मध्यप्रदेश के खरगोन में तेज रफ़्तार बस के पलटने से हुआ बड़ा हादसा

    मध्यप्रदेश के खरगोन में तेज रफ़्तार बस के पलटने से हुआ बड़ा हादसा

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    मध्यप्रदेश के खरगोन में तेज रफ्तार बस पलटी, 6 की मौत, 20 से ज्यादा घायल

    मध्यप्रदेश के खरगोन जिले से एक दुखद और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसमें तेज गति से दौड़ रही एक यात्री बस पलट गई। यह हादसा शनिवार, 25 नवम्बर 2024 को दोपहर करीब 1:15 बजे हुआ, जब बस खरगोन से आलीराजपुर जा रही थी। खंडवा-बड़ोदरा राजमार्ग पर हुए इस हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।

    आरोप है कि बस को अत्यधिक गति से चलाया जा रहा था, जिसके कारण यह अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब बस चालक ने गाड़ी की रफ्तार को तेज कर लिया, और एक मोड़ पर नियंत्रण खो बैठा। इसके परिणामस्वरूप बस सड़क से पलटते हुए खड्डे में गिर गई।

    इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज खंडवा के सरकारी अस्पताल में किया जा रहा है। मृतकों की शिनाख्त की जा रही है, और पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

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    हादसे के बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची, और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। दुर्घटनास्थल से घायल व्यक्तियों को जल्दी से जल्दी अस्पताल भेजने की कोशिश की गई, और उनके इलाज में तेजी से काम किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ है, और मामले की गहन जांच की जा रही है।

    यह घटना उन सैकड़ों यात्रियों के लिए एक चेतावनी बन गई है, जो सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली ऐसी दुर्घटनाएं न केवल यात्री जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर परिणाम भी उत्पन्न कर सकती हैं। मध्यप्रदेश के पुलिस विभाग ने इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, और चालक की लापरवाही की जांच की जा रही है।

    आलिमाबाद पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए चालक और परिचालक के बयान लिए जाएंगे, और अगर उनकी गलती साबित होती है तो उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस हादसे ने एक बार फिर यात्री सुरक्षा पर सवाल खड़ा किया है, और यह ध्यान दिलाया है कि सड़क सुरक्षा के उपायों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। खबर अभी अपडेट हो रही है, और घटनास्थल से अधिक जानकारी प्राप्त होने की उम्मीद है।

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  • कोयला वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत हुई जर्जर

    कोयला वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत हुई जर्जर

    कोयला वाहनों की वजह से आवाजाही की हालत हुई जर्जर

    सूरजपुर जिले की ग्राम पंचायत झुमरपारा के ग्रामीण लंबे समय से कोयला लोड वाहनों की आवाजाही से परेशान हैं। लगभग तीन किलोमीटर की सड़क जर्जर हो चुकी है और गढ्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इस खराब सड़क पर अब तक स्कूल जाते वक्त कई बच्चे घायल हो चुके हैं। इसके खिलाफ ग्रामीण नौ बार चक्काजाम कर चुके हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है और सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।

    झुमरपारा का यह मार्ग करंजी रेलवे स्टेशन से होकर गुजरता है, जहां एसईसीएल द्वारा ओपनकास्ट खदानों से कोयला भारी वाहनों में लाया जाता है। दो दशक पहले इस सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन अब भारी ट्रकों की आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह टूट चुकी है। खासतौर पर मंदिर चौक से लेकर रेलवे साइडिंग तक का तीन किलोमीटर का हिस्सा कीचड़ और गढ्ढों से भरा हुआ है।

    इस जर्जर सड़क के आसपास स्थित छह सरकारी और दो निजी स्कूलों के छात्र रोजाना इस मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। कई बार बच्चे गढ्ढों में गिरकर घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। 

    भाजपा नेता रामानन्द जायसवाल का कहना है कि ग्रामीणों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। वहीं, झुमरपारा के सरपंच रामभरोस सिंह ने बताया कि सरकार और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी सड़क की स्थिति नहीं सुधरी है, और अब फिर से आंदोलन की योजना बनाई जा रही है।

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