
छत्तीसगढ़ के ओलिंपिक सपनों पर काले बादल – सुधार की दिशा में कदम?
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन प्रदेश का कोई भी खिलाड़ी अब तक ओलिंपिक में शामिल नहीं हो सका है। हाल ही में पेरिस ओलिंपिक में राज्य से दो लोग पर्यवेक्षक के रूप में शामिल हुए हैं, लेकिन खिलाड़ियों की अनुपस्थिति सवाल खड़े करती है।
प्रदेश में खेलों पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और कई एकेडमियां संचालित हो रही हैं, फिर भी ओलिंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार नहीं हो पा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुविधाओं और उच्च स्तर के प्रशिक्षण की कमी के कारण खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते।

राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए बिलासपुर और रायपुर में आवासीय एकेडमियों का निर्माण कर रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि खेल एकेडमियों की संख्या बढ़ाने और खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। इन प्रयासों से भविष्य में छत्तीसगढ़ का ओलिंपिक में प्रतिनिधित्व करने का सपना साकार हो सकेगा। छत्तीसगढ़ के खेलप्रेमियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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