
2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य: अमित शाह की बड़ी घोषणा
नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर जिले के गुण्डम गांव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महुआ पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक माओवादी आतंक को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई और सुरक्षा कैम्पों की स्थापना से नक्सलवाद अब सिमटकर छोटे से दायरे में रह गया है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। गृहमंत्री शाह ने कहा कि ग्रामीणों को माओवादी भय से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए बस्तर अंचल में सुरक्षा कैम्पों का विस्तार किया गया है, जिसके कारण क्षेत्र में अमन और शांति का माहौल स्थापित हो रहा है।
विकास योजनाओं से जुड़ने की अपील
गृहमंत्री ने ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का अपील किया। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल जरूर भेजें। उन्होंने गांव की प्राथमिक शाला का निरीक्षण किया और बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। शाह ने बच्चों को नियमित स्कूल आने के लिए प्रेरित किया और महिलाओं को शिक्षा के महत्व के बारे में समझाया।
जन सुविधा शिविर लगाने के निर्देश
ग्रामीणों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए गृहमंत्री ने कलेक्टर को निर्देश दिए कि गांव में जन सुविधा शिविर लगाया जाए। इस शिविर में आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनाए जाएंगे। शाह ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है, इसलिए सभी ग्रामीणों का बैंक खाता होना आवश्यक है।
एक साल में सभी मूलभूत सुविधाएं
अमित शाह ने घोषणा की कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल और पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर के ग्रामीणों को बेहतर जीवन मिले और क्षेत्र का समग्र विकास हो। केंद्रीय गृह मंत्री के इस दौरे से ग्रामीणों में विश्वास जगा है और उनके बयान ने माओवाद मुक्त और विकसित बस्तर की उम्मीद को नई दिशा दी है।
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