
जंगल में लकड़ी लेने गए ग्रामीण की IED विस्फोट में मौत
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है। इंद्रावती नदी के पार नक्सलियों द्वारा लगाए गए IED (Improvised Explosive Device) की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतक ग्रामीण, 35 वर्षीय मनारू अकाली, जंगल में लकड़ी लेने के लिए गया था। वहीं, नक्सलियों ने जंगल में IED लगा रखा था, जो फोर्स को नुकसान पहुंचाने के लिए था।
रिपोर्ट के अनुसार, मनारू अकाली जब लकड़ी लेकर लौट रहा था और एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए रुका, तभी उसके पैर में IED का विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि उसके पैर और अन्य अंग बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। घटनास्थल पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने धमाके की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दी और शव को गांव तक लेकर आए।
इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है। पुलिस ने क्षेत्र में सर्चिंग तेज कर दी है और घटना की जांच शुरू कर दी है। बीजापुर जिले और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर स्थित कोशलनार-2 गांव में यह घटना हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बीजापुर जिले की है, लेकिन सरहदी थाना दंतेवाड़ा के बारसूर क्षेत्र में होने के कारण दंतेवाड़ा पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है।
बीजापुर एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने इस घटना को नक्सलियों की कायराना करतूत बताया है और कहा कि नक्सलियों ने जवानों को टारगेट करने के लिए IED प्लांट किया था, लेकिन इससे पहले ही एक ग्रामीण उसकी चपेट में आ गया।
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