
सिम्स की लापरवाही से हार्ट अटैक मरीज की मौत
बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में लापरवाही के कारण 59 वर्षीय शमसाद हुसैन की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह शमसाद को सीने में तेज दर्द और घबराहट होने लगी, जो हार्ट अटैक के लक्षण थे। वह तुरंत अपने बेटे के साथ सिम्स अस्पताल पहुंचे और सीधे आपातकालीन कक्ष में गए, जहां मौजूद डॉक्टर ने बिना जांच के उन्हें ओपीडी पर्ची कटवाने के लिए भेज दिया।
शमसाद का दर्द लगातार बढ़ रहा था, लेकिन उन्हें इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। वह लाइन में लगकर पर्ची कटवाते रहे और फिर ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार करने लगे। डॉक्टर ने जांच के बाद ईसीजी कराने का निर्देश दिया, लेकिन ईसीजी के लिए भी उन्हें पर्ची कटवाने के लिए कहा गया। इस दौरान उनका दर्द असहनीय हो गया, और आखिरकार वह फर्श पर गिर पड़े। तब अस्पताल के कर्मचारी उन्हें आपातकालीन कक्ष ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ईसीजी के दौरान ही उनका दिल काम करना बंद कर चुका था, और उनकी मौत हो गई।
यह घटना सिम्स की लापरवाही को उजागर करती है। अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए बनी ट्राइएज यूनिट का भी सही उपयोग नहीं हो रहा है। सिम्स में आपातकालीन व्यवस्था होने के बावजूद मरीजों को इलाज के बजाय पर्ची कटवाने के लिए भटकाया जा रहा है। शमसाद की मौत इस लापरवाही का सीधा परिणाम है, और अगर उन्हें समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद सिम्स अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, और लोग जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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