
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से पीएम नरेन्द्र मोदी का ऐतिहासिक भाषण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लालकिले की प्राचीर से संबोधन किया। यह उनका 11वां संबोधन था और यह पहली बार था जब उन्होंने तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले से देश को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में पेरिस ओलंपिक 2024 के भारतीय खिलाड़ी भी अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए थे।
मोदी ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को नमन किया और बताया कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से पहले भी कई आदिवासी क्षेत्रों में स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी गई थी। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की और विश्वास दिलाया कि देश संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

विकसित भारत की दिशा में मोदी ने कहा कि इसके लिए कठिन परिश्रम चल रहा है और देशवासियों के सुझाव इस संकल्प में झलकते हैं। जल जीवन मिशन के तहत 12 करोड़ परिवारों को नल से जल मिल चुका है और यह संख्या बढ़कर 15 करोड़ हो गई है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भारत ने जी-20 देशों से भी अधिक काम किया है।
बैंकिंग सेक्टर को मजबूत बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि इससे फॉर्मल इकोनॉमी को भी मजबूती मिली है। महिलाओं की स्व-सहायता समूहों की सफलता पर गर्व जताया और बताया कि 10 वर्षों में 10 करोड़ महिलाओं ने इस समूह से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक संदेश में सभी भारतवासियों को बधाई दी और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। उन्होंने भारत को विश्व में सबसे आगे ले जाने का संकल्प लेने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और जय हिंद लिखा।
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