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  • रायपुर गणेशोत्सव में गणेशजी के माध्यम से शिक्षा का संदेश

    रायपुर गणेशोत्सव में गणेशजी के माध्यम से शिक्षा का संदेश

    रायपुर गणेशोत्सव में गणेशजी के माध्यम से शिक्षा का संदेश

    रायपुर में गणेशोत्सव इस साल भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। गुढ़ियारी की 100 साल पुरानी गणेशोत्सव समिति ने इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए वृंदावन का अनूठा नजारा प्रस्तुत किया है। समिति ने 25,000 वर्गफुट के सेटअप में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं को 55 चलित मूर्तियों के माध्यम से जीवंत किया है। इस भव्य सजावट की लागत करीब 25 लाख रुपये है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

    इस बार की सजावट में श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी प्रमुख लीलाओं जैसे माखन चोरी, पूतना वध, कालिया नाग मर्दन, और रासलीला को सुंदर ढंग से प्रदर्शित किया गया है। दुर्ग के कलाकार जंगी मल्होत्रा ने इन मूर्तियों का निर्माण किया है।

    वहीं, अश्विनी नगर गणेशोत्सव समिति ने शिक्षा पर आधारित पंडाल बनाया है। इसमें गणेशजी को पुस्तक पढ़ते हुए दिखाया गया है, जो बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा का महत्व बताने के लिए है। समिति का संदेश है कि शिक्षा से ही भविष्य उज्जवल होता है और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना समाज के लिए आवश्यक है।

    इसके अलावा, नयापारा गणेशोत्सव समिति ने केदारनाथ की तर्ज पर पंडाल सजाया है, जिसमें भगवान गणेश, शिवलिंग, और नंदी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। इस पंडाल की सादगी और धार्मिक माहौल भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

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  • सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर माह में मनाए जाने वाले प्रमुख व्रत और त्योहारों की तिथियाँ

    सितंबर महीने में धार्मिक त्योहारों और व्रतों की भरपूर विविधता रहेगी, जो आध्यात्मिक और ज्योतिष दृष्टिकोण से खास महत्व रखती है। इस महीने के पहले दिन, 1 सितंबर को भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी और मासिक शिवरात्रि के साथ पर्यूषण पर्व की शुरुआत होगी। इसके बाद, 2 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या का आयोजन होगा।

    6 सितंबर को हरतालिका तीज और वाराह जयंती मनाई जाएगी, जबकि 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी और विनायक चतुर्थी का उत्सव होगा। 8 सितंबर को ऋषि पंचमी का पर्व होगा, और 9 सितंबर को स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।

    10 सितंबर को ललिता सप्तमी और ज्येष्ठ गौरी आवाहन होंगे, और 11 सितंबर को राधा अष्टमी तथा महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत होगी। 12 सितंबर को ज्येष्ठ गौरी विसर्जन होगा, और 14 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा।

    15 सितंबर को शुक्ल द्वादशी, वामन जयंती, ओणम और भुवनेश्वरी जयंती का आयोजन होगा। इसके बाद, 16 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा और कन्या संक्रांति मनाई जाएगी। 17 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, पूर्णिमा श्राद्ध और भाद्रपद पूर्णिमा व्रत होंगे।

    18 सितंबर को पितृपक्ष की शुरुआत होगी, साथ ही आंशिक चंद्रग्रहण भी होगा। 19 सितंबर से आश्विन मास का प्रारंभ होगा।

    21 सितंबर को विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी, 24 सितंबर को कालाष्टमी और 25 सितंबर को अश्विन कृष्ण नवमी और जीवित्पुत्रिका व्रत होंगे। 27 और 28 सितंबर को क्रमशः अश्विन कृष्ण एकादशी और इंदिरा एकादशी का व्रत होगा।

    महीने के अंत में, 29 सितंबर को आश्विन कृष्ण द्वादशी, मघा श्राद्ध और प्रदोष व्रत का आयोजन होगा, और 30 सितंबर को अश्विन कृष्ण त्रयोदशी, त्रयोदशी श्राद्ध और मासिक शिवरात्रि होगी।

    इस तरह, सितंबर का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से भरा रहेगा, जो समाज के विभिन्न हिस्सों में उत्साह और श्रद्धा का संचार करेंगे।

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