
बिलासपुर के मंदिरों में नवरात्र की भव्य तैयारियां
शारदीय नवरात्र 2024 इस साल 3 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। इसके साथ ही देवी मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। मां महामाया मंदिर रतनपुर सहित बिलासपुर के सभी प्रमुख मंदिरों में तेल और घी के ज्योति कलश प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की जाएगी। नौ दिनों तक भक्त देवी की विशेष पूजा, यज्ञ, दुर्गा सप्तशती पाठ और जसगीत में भाग लेंगे।

प्रमुख मंदिरों की तैयारियां
मां महामाया मंदिर रतनपुर, तिफरा काली मंदिर, जरहाभाठा दुर्गा मंदिर और रेलवे मरीमाई मंदिर समेत कई मंदिरों में सजावट और रंग-रोगन का काम अंतिम चरण में है। पितृ विसर्जन के बाद देवी मंदिरों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा और ज्योति कलश कक्ष विशेष रूप से तैयार किए जा रहे हैं।
मां महामाया मंदिर रतनपुर
इस बार मां महामाया मंदिर में 31 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे, जिनमें से 5000 घी के होंगे। मंदिर में सप्तमी तिथि पर पूरी रात दर्शन की व्यवस्था रहेगी। 101 पंडितों द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ, श्रीमद् देवी भागवत और सतचंडी यज्ञ का आयोजन होगा। भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की भी व्यवस्था की गई है।
तिफरा काली मंदिर
तिफरा काली मंदिर में 3001 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे, जिनमें 201 घी के होंगे। यहां 44 जरहाभाठा दुर्गा मंदिरसाल से अखंड ज्योति जल रही है, जो मंदिर का प्रमुख आकर्षण है। इस नवरात्र में भी भक्त यहां विशेष पूजा में हिस्सा लेंगे।
जरहाभाठा दुर्गा मंदिर
जरहाभाठा दुर्गा मंदिर में 1995 से अखंड ज्योति जल रही है, जो वैष्णव देवी से लाई गई थी। इस साल 501 तेल और 101 घी के ज्योति कलश प्रज्वलित करने की तैयारी हो रही है। यहां भी नवमी पर माता का विशेष श्रृंगार होगा।
इस नवरात्र, बिलासपुर के प्रमुख मंदिरों में भक्ति का माहौल चरम पर होगा, जहां हजारों भक्त देवी की आराधना में लीन होंगे।
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