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    CBI ने मांगी 12 दिन की रिमांड,PSC घोटाले में टामन सोनवानी के खुलेंगे काण्ड

    Taman sonwani

    पूर्व IAS टामन सोनवानी हुआ गिरफ्तार, CBI ने मांगी 12 दिनों की रिमांड

    हाल ही में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को पीएससी घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने आज उन्हें और एक अन्य आरोपी, बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल, को कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 12 दिन की रिमांड मांगी।

    टामन सोनवानी के वकील फैजल रिजवी ने सीबीआई की मांग का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में कोई अवैध लेनदेन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस एनजीओ की अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी हैं, उसमें CSR फंड के तहत 45 लाख रुपए दिए गए थे। यह राशि कानून किसी भी संस्था को दी जा सकती है। वकील ने इस कार्यवाही को आधारहीन बताया और रिमांड को चुनौती दी।

    सीबीआई ने टामन सोनवानी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने CGPSC भर्ती में अनियमितताएं कीं। जांच में पता चला कि बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका को नौकरी दिलाने के लिए सोनवानी के करीबी एनजीओ को 45 लाख रुपए का फंड दिया था। आरोप है कि यह राशि सोनवानी तक पहुंचाई गई।

    कोर्ट में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद रिमांड पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया। सीबीआई का कहना है कि इस घोटाले की तह तक जाने के लिए लंबी पूछताछ जरूरी है। सीबीआई द्वारा इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। फिलहाल, टामन सोनवानी और श्रवण कुमार गोयल को सीबीआई की कस्टडी में भेजने पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है।

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  • CGPSC ने फर्जी परीक्षार्थियों पर कसा शिकंजा, अब AI करेगा निगरानी

    CGPSC ने फर्जी परीक्षार्थियों पर कसा शिकंजा, अब AI करेगा निगरानी

    CGPSC ने फर्जी परीक्षार्थियों पर कसा शिकंजा, अब AI करेगा निगरानी

    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) अब परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेगा। आयोग ने परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और गड़बड़ी रोकने के उद्देश्य से इस आधुनिक तकनीक को अपनाने की पहल की है। एआई के जरिए परीक्षा केंद्रों में लाइव वीडियो और फोटो के माध्यम से किसी अन्य की जगह परीक्षा देने वाले व्यक्ति को तुरंत पकड़ना संभव होगा। साथ ही, परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों के क्यूआर कोड की स्कैनिंग और बायोमेट्रिक डिवाइस से ऑनलाइन वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है।

    AI का पहला सफल प्रयोग

    CGPSC ने इस नई प्रक्रिया का पहला सफल प्रयोग 1 सितंबर को परिवहन विभाग की उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में किया। यह परीक्षा 16 केंद्रों पर आयोजित की गई थी, और इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। यह कदम 2021 की परीक्षा में भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद उठाया गया है, जब आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे।

    सीबीआई जांच के घेरे में अधिकारी

    गौरतलब है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव और अन्य अधिकारियों के खिलाफ गड़बड़ी के आरोपों में सीबीआई जांच भी चल रही है। आयोग द्वारा उठाए गए इस नए कदम को भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के मामलों को कम करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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