
बिलासपुर के बोइरपड़ाव में वन्यजीवों की चिंताओं के चलते नेचर कैंप बंद
बिलासपुर वन मंडल के बोइरपड़ाव क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर नेचर कैंप को बंद कर दिया गया है। वन विभाग ने यह निर्णय लिया है क्योंकि हाल ही में जंगल में वन्य प्राणियों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है। विशेषकर चीतल, मोर, जंगली सूअर और तेंदुआ जैसी प्रजातियों के मूवमेंट ने विभाग की चिंताओं को बढ़ा दिया है।
जंगल में बढ़ी वन्य प्राणियों की गतिविधि
बोइरपड़ाव में छह टेंट का नेचर कैंप बनाया गया था, जिसमें पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध थीं। लेकिन वन्य प्राणियों की लगातार मौजूदगी ने पर्यटकों के ठहरने पर पाबंदी लगा दी है। विभाग का मानना है कि मानव दखल कम करने से जंगल में जानवरों की संख्या बढ़ेगी और उनका जीवन बेहतर होगा।
विभाग की रणनीति
विभाग ने निर्णय लिया है कि जहां-जहां वन्य प्राणी देखे गए हैं, वहां “वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र” के बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोग इन क्षेत्रों में जाने से बचें। इसके साथ ही, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कैंप को सामान्य तार से घेर दिया गया है, लेकिन इससे भी वन्य प्राणियों का कैंप के अंदर पहुंचना संभव है।
जल स्त्रोत और पर्यावरण संरक्षण
बिलासपुर वन मंडल में ग्रीन इंडिया मिशन और राज्य सरकार की नरवा, घुरुवा व बाड़ी योजना के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं, जिसके चलते जंगल घना हुआ है और जल स्त्रोतों की संख्या बढ़ी है। इससे वन्य प्राणियों को जल की तलाश में भटकने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
अभिनव कुमार का बयान
उपवनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने कहा कि “पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। वन्य प्राणियों की बढ़ती गतिविधियां चिंताजनक हैं, और हमें सुनिश्चित करना है कि वे अपनी प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद विचरण कर सकें।”
बोइरपड़ाव में नेचर कैंप को फिलहाल बंद करने का निर्णय पर्यटकों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
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