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  • जे. पी. नड्डा को ढोकरा शिल्प से निर्मित राममंदिर की स्मृतिचिन्ह की गई भेंट

    जे. पी. नड्डा को ढोकरा शिल्प से निर्मित राममंदिर की स्मृतिचिन्ह की गई भेंट

    JP NADDA

    ढोकरा शिल्प से निर्मित श्री राम मंदिर की स्मृतिचिन्ह से अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का सम्मान

    रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित “जनादेश परब” के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा को बस्तर की समृद्ध कला ढोकरा शिल्प से निर्मित अयोध्या के श्री राम मंदिर की स्मृतिचिन्ह भेंट की गई। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं भाजपा मंत्रिमंडल के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

    ढोकरा शिल्प बस्तर की पारंपरिक एवं समृद्ध हस्तकला का एक अनूठा उदाहरण है। धातु की नक्काशी की इस प्राचीन कला ने सदियों से अपनी पहचान बनाई है और यह शिल्प देश और विदेश में प्रसिद्ध है। इस अवसर पर ढोकरा शिल्प से तैयार श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट कर बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को भी सम्मानित किया गया।

    ढोकरा शिल्प

    श्री नड्डा ने इस अवसर पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर की लोककला और संस्कृति भारतीय परंपराओं की पहचान है। उन्होंने कहा, “ढोकरा शिल्प में भारतीय शिल्पकारों की प्रतिभा झलकती है। इस भेंट ने मुझे छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति के प्रति और अधिक सम्मान से भर दिया है।” इस कार्यक्रम के दौरान श्री नड्डा ने जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा की उपलब्धियां गिनाईं और आगामी चुनावों के लिए पार्टी के विजन को साझा किया।

    ढोकरा शिल्प की खासियत


    ढोकरा शिल्प पारंपरिक धातुकर्म का एक प्राचीन रूप है, जो बस्तर क्षेत्र की पहचान है। इस कला में धातु को मोम की ढलाई की प्रक्रिया से मनचाहे आकार में ढाला जाता है। यह कला विशेष रूप से देवताओं की मूर्तियों, प्रतीकात्मक डिजाइन और सजावटी वस्तुओं के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। कार्यक्रम का आयोजन रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और आम जनता ने हिस्सा लिया।

    कार्यक्रम का मुख्य बिंदु:

    • भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को ढोकरा शिल्प से निर्मित श्री राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की गई।
    • यह कार्यक्रम “जनादेश परब” के तहत आयोजित किया गया।
    • बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का एक प्रयास।
    • भाजपा के आगामी चुनावी एजेंडे पर चर्चा।

    इस आयोजन ने न केवल भाजपा के संगठनात्मक दृष्टिकोण को मजबूत किया बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया।

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  • CBI ने मांगी 12 दिन की रिमांड,PSC घोटाले में टामन सोनवानी के खुलेंगे काण्ड

    CBI ने मांगी 12 दिन की रिमांड,PSC घोटाले में टामन सोनवानी के खुलेंगे काण्ड

    Taman sonwani

    पूर्व IAS टामन सोनवानी हुआ गिरफ्तार, CBI ने मांगी 12 दिनों की रिमांड

    हाल ही में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को पीएससी घोटाले में गिरफ्तार कर लिया गया है। सीबीआई ने आज उन्हें और एक अन्य आरोपी, बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल, को कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 12 दिन की रिमांड मांगी।

    टामन सोनवानी के वकील फैजल रिजवी ने सीबीआई की मांग का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में कोई अवैध लेनदेन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस एनजीओ की अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी हैं, उसमें CSR फंड के तहत 45 लाख रुपए दिए गए थे। यह राशि कानून किसी भी संस्था को दी जा सकती है। वकील ने इस कार्यवाही को आधारहीन बताया और रिमांड को चुनौती दी।

    सीबीआई ने टामन सोनवानी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने CGPSC भर्ती में अनियमितताएं कीं। जांच में पता चला कि बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल ने अपने बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका को नौकरी दिलाने के लिए सोनवानी के करीबी एनजीओ को 45 लाख रुपए का फंड दिया था। आरोप है कि यह राशि सोनवानी तक पहुंचाई गई।

    कोर्ट में दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद रिमांड पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया। सीबीआई का कहना है कि इस घोटाले की तह तक जाने के लिए लंबी पूछताछ जरूरी है। सीबीआई द्वारा इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। फिलहाल, टामन सोनवानी और श्रवण कुमार गोयल को सीबीआई की कस्टडी में भेजने पर कोर्ट का फैसला आना बाकी है।

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  • धान खरीदी 14 नवंबर से शुरू, इस बार 160 लाख मीट्रिक टन खरीदने का लक्ष्य

    धान खरीदी 14 नवंबर से शुरू, इस बार 160 लाख मीट्रिक टन खरीदने का लक्ष्य

    राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए तैयारियाँ पूरी की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य

    राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए तैयारियाँ पूरी की, 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य

    छत्तीसगढ़ में इस साल धान की खरीदी 14 नवंबर से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इस बार कुल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल के मुकाबले अधिक है। सरकार का उद्देश्य 25,75,804 किसानों से धान की खरीदी करना है, जो पिछले साल के मुकाबले एक लाख ज्यादा है। इस प्रक्रिया को 31 जनवरी 2025 तक पूरा किया जाएगा। धान की खरीदी के लिए किसानों को 31 अक्टूबर तक एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकरण कराना था।

    कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस साल धान के लिए 25,27,301 पंजीकरण पहले से हैं, जबकि 38,793 नए पंजीकरण हुए हैं। सुगंधित धान के लिए 9,190 पंजीकरण किए गए हैं, जबकि अन्य फोर्टिफाइड धान के लिए 316 पंजीकरण हुए हैं। इस बार किसानों को पंजीकरण में आसानी के लिए पोर्टल पर विभिन्न सुविधाएँ दी गई हैं। कृषि विभाग ने इस बार धान खरीदी केंद्रों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तुलाई मशीनों का उपयोग करने का वादा किया है। इससे धान की तौल में कोई गड़बड़ी नहीं होगी और किसानों को उनके अनाज का सही मूल्य मिलेगा।

    धान का समर्थन मूल्य इस साल 3100 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकार ने सभी किसानों को अपने पंजीकृत मोबाइल नंबरों पर धान खरीदी से जुड़ी सूचनाएँ भेजने की भी योजना बनाई है। प्रदेश में लगभग 37.46 लाख किसान परिवार हैं, जिनमें से 80 प्रतिशत लघु और सीमांत किसान हैं। राज्य में प्रमुख खरीफ फसलों में धान, सोयाबीन, उड़द और अरहर शामिल हैं। पिछले साल 144.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी, और इस साल यह लक्ष्य बढ़ाकर 160 लाख मीट्रिक टन किया गया है। सरकार के इस कदम से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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