युवा पीढ़ी में हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाएं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी
युवा पीढ़ी में हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाएं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी
बीते कुछ वर्षों में, हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और स्ट्रोक जैसी गंभीर हृदय समस्याएं अब कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं। ये समस्याएं अक्सर बिना किसी पूर्व संकेत के आती हैं, जिससे जानलेवा साबित हो सकती हैं। विशेष रूप से, सुबह के समय कई लोग साइलेंट हार्ट अटैक के संकेतों का सामना कर सकते हैं।
आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों के कारण हृदय संबंधी समस्याएं युवाओं में भी बढ़ रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 18 मिलियन लोग हार्ट अटैक के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। इस गंभीर स्थिति से बचने के लिए समय पर लक्षणों की पहचान और उचित चिकित्सा की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक के कुछ आम संकेत हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं:
- पसीना आना: यदि आप रात में सोते समय या सुबह उठते ही अत्यधिक पसीना महसूस करते हैं, तो यह हार्ट अटैक का एक संकेत हो सकता है।
- मतली और पाचन संबंधी समस्याएं: हार्ट अटैक के दौरान मतली, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं और पेट में हल्की दिक्कत हो सकती है।
- सीने में दर्द और भारीपन: यदि आपको सीने में दबाव, जलन या भारीपन का अनुभव हो, तो यह हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।
- उल्टे हाथों में दर्द: उल्टे हाथ से सीधे हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ और पेट में दर्द होना भी हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है।
- सांस लेने में दिक्कत: चक्कर आना या सांस लेने में कठिनाई भी दिल के दौरे के संकेत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए यदि आप इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और अपनी जीवनशैली में आवश्यक सुधार करें। एक हेल्दी डाइट और नियमित एक्सरसाइज आपकी हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक हो सकती हैं।
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