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  • चीन के बाद भारत में HMPV संक्रमण की आशंका, विशेषज्ञों की राय जानें

    चीन के बाद भारत में HMPV संक्रमण की आशंका, विशेषज्ञों की राय जानें

    HMPV संक्रमण के बढ़ते मामले: जानिए लक्षण और इसके रोकथाम के उपाय

    अभी सर्दियों का मौसम चल रहा है ये अपने साथ वायरल संक्रमणों का खतरा भी लाता है। इन दिनों चीन में मानव मेटान्यूमोवायरस संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है, जो ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। हालांकि यह वायरस नया नहीं है, लेकिन इसकी बढ़ती घटनाओं ने लोगों को चिंता में डाल दिया है। क्या भारत को इससे घबराने की जरूरत है, या सिर्फ सावधानी बरतना ही पर्याप्त है?

    फोर्टिस अस्पताल, नोएडा के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. मयंक सक्सेना बताते हैं कि HMPV के लक्षण सामान्य सर्दी जैसे होते हैं। इनमें खांसी, नाक बहना, गले में खराश, हल्का बुखार और शरीर में दर्द शामिल हैं। ये लक्षण 3-4 दिनों में धीरे-धीरे कम हो जाते हैं और 5-6 दिनों में मरीज पूरी तरह ठीक हो जाता है।

    हालांकि, कमजोर प्रतिरक्षा वाले मरीज, बुजुर्ग, कैंसर या स्टेरॉयड का इलाज करा रहे लोग, और गंभीर श्वसन रोगों से ग्रसित व्यक्तियों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। बच्चों में भी, दुर्लभ मामलों में गंभीर लक्षण दिख सकते हैं, लेकिन ये आमतौर पर स्वयं सीमित होते हैं।

    डॉ. सक्सेना के अनुसार, केवल गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को डीएनए मल्टीप्लेक्स पीसीआर परीक्षण कराने की आवश्यकता होती है, जो HMPV सहित अन्य सामान्य वायरल संक्रमणों का पता लगाता है। उपचार मुख्य रूप से लक्षण-आधारित रहता है, जिसमें आराम, हाइड्रेशन और संतुलित आहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    सुरक्षा के लिए मास्क पहनना, सामाजिक दूरी बनाए रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है। इसको लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। किसी भी वायरल लक्षण के मामले में स्व-उपचार से बचें और डॉक्टर की सलाह लें।

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    पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या मामले में मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार

    छत्तीसगढ़ में सीमेंट-सरिया की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की बढ़ी परेशानी

  • प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    उपमुख्यमंत्री अरुण साव नाराजगी जताते हुए कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए

    प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपूर्ण मकानों का जल्द कार्य पूरा होगा

    छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन और विकास विभाग के राज्य नगरीय विकास अभिकरण ने 40 हजार से अधिक आवास को तीन महीने के अन्दर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है I प्रधानमंत्री आवास योजना को पूरा करने के लिए सरकार ने जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है I बीते मंगलवार को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक ली, इस बीच उपमुख्यमंत्री ने कार्य पूरा न होने पर नाराजगी जताते हुए कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिए हैं I

    प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत 192 नगरीय निकायों के हितग्राहियों को पक्के मकान के लिए सर्वे कर एक लिस्ट जारी किया गया है I लिस्ट में कुल स्वीकृति 249166, पूर्ण आवास 203654, अपूर्ण आवास 41563 और 3949 अभी शुरू नहीं किया गया है I प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 22 निकायों की बढ़त मिली है I इसके तहत पहले चरण में 170 निकाय शामिल थे जो अब बढ़कर 192 हो गया है I केंद्र सरकार ने पहले चरण में जिनके नाम छुट गए थे उनको दूसरे चरण में शामिल किया जाएगा I

    राज्य सरकार ने आदेशानुसार सभी पात्र हितग्राहियों को आवास दिया जाना है इसके लिए एक विशेष संयुक्त समिति का गठन किया जाएगा I इस समिति का उद्देश्य राज्य के विभिन्न इलाकों में जाकर प्रधानमंत्री आवास योजना का सर्वे कर लोगों को आवास दिलाना है I

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    नक्सली मुठभेड़ में जवान शहीद, AK-47 और SLR जैसे हथियार जब्त

    धरसिंवा में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, राज्यपाल के हाथों हुआ उद्घाटन

  • दुर्गा मंदिर में पूजा बाधित करने के आरोप में कांग्रेस नेता नासिर अली गिरफ्तार

    दुर्गा मंदिर में पूजा बाधित करने के आरोप में कांग्रेस नेता नासिर अली गिरफ्तार

    कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नासिर अली गिरफ्तार, मंदिर में पूजा में बाधा डालने का आरोप

    जशपुर जिले के बगीचा पुलिस ने कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष नासिर अली को धार्मिक भ्रान्ति फैलाने और दुर्गा मंदिर में पूजा में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले की जानकारी देते हुए एसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई दुर्गा मंदिर के पुजारी भूपेंद्र पाठक की शिकायत पर की गई है।

    जानकारी के मुताबिक, 3 जनवरी की सुबह 6 से 7 बजे के बीच बगीचा के दुर्गा मंदिर में पुजारी भूपेंद्र पाठक पूजा कर रहे थे। इसी दौरान बगीचा के रौनी रोड निवासी नासिर अली मंदिर पहुंचे और पूजा में व्यवधान डालते हुए पुजारी से अभद्रता करने लगे। पुजारी के अनुसार, नासिर अली ने न केवल पूजा में खलल डाला, बल्कि वहां मौजूद श्रद्धालुओं से भी अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने जोर-जोर से चिल्लाते हुए लाउडस्पीकर बंद करने और पूजा रोकने के लिए हंगामा किया।

    पुजारी की शिकायत पर बगीचा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 196(2) और 299 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद नासिर अली को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के धार्मिक विवाद या उन्माद को बढ़ावा न दें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। स्थानीय लोग पुलिस की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ राजनीतिक दल इसे साजिश बता रहे हैं। मामले की जांच जारी है।

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    पत्रकार मुकेश चंद्राकर की रहस्यमय मौत से मीडिया में सनसनी

    धर्म, संस्कृति और आध्यात्म के तर्ज पर राजिम कुंभ की भव्य तैयारियां शुरू

  • पत्रकार मुकेश चंद्राकर की रहस्यमय मौत से मीडिया में सनसनी

    पत्रकार मुकेश चंद्राकर की रहस्यमय मौत से मीडिया में सनसनी

    कांग्रेस नेता और ठेकेदार सुरेश चंद्रकार पर लगा पत्रकार के हत्या का आरोप

    बीजापुर के प्रसिद्ध पत्रकार मुकेश चंद्राकर, जो नक्सल मामलों की पत्रकारिता के लिए प्रसिद्ध थे, 1 जनवरी को लापता हो गए थे। दो दिन बाद 3 जनवरी को उनका शव कंस्ट्रक्शन ठेकेदार और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव सुरेश चंद्रकार के कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ। शव के ऊपर गंभीर चोटों के निशान थे, जो यह दर्शाते हैं कि हत्या बेहद नृशंस तरीके से की गई थी। शव को छिपाने के लिए सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया और फ्लोरिंग से उसे ढक दिया गया था।

    मुकेश के परिवार ने हत्या का आरोप सुरेश चंद्राकर पर लगाया है, जो अब फरार है। पुलिस ने सुरेश के छोटे भाई रीतेश को भी पकड़ लिया है। मुकेश के मोबाइल का आखिरी लोकेशन सुरेश की कंस्ट्रक्शन कंपनी के परिसर में मिला था। मुकेश और सुरेश के बीच हाल ही में गंगालूर रोड में भ्रष्टाचार उजागर करने को लेकर विवाद था, जिससे यह हत्या का कारण हो सकता है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और अपराधियों को सजा देने का आश्वासन दिया। इस हत्या ने पत्रकारिता जगत को एक अपूरणीय क्षति दी है। बीजापुर के पत्रकारों ने विरोध कर बीजापुर बंद और चक्काजाम का आह्वान किया है।

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    फ्लाई बिग ने जारी की नई समय-सारिणी, बढ़ाई गई उड़ानों की संख्या

  • छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार, 528 पदों की भर्ती हुई निरस्त

    छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती में भ्रष्टाचार, 528 पदों की भर्ती हुई निरस्त

    छत्तीसगढ़ में पुलिस भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में 5967 पदों पर आरक्षकों की सीधी भर्ती की जा रही है, लेकिन राजनांदगांव में गड़बड़ी के चलते 528 पदों की भर्ती को रद्द कर दिया गया है।

    इस विषय पर रायपुर में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सभी भर्तियों की गहन जांच की जाएगी और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां भर्ती प्रक्रिया को तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। गृहमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के “जुगाड़” वाले चयन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि सभी भर्तियों में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

    गृहमंत्री के अनुसार, अन्य जिलों में भी पुलिस भर्ती की जांच जारी रहेगी। उन्होंने संकेत दिया है कि यदि भ्रष्टाचार के प्रमाण मिले, तो पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द की जा सकती है। यह कदम प्रदेश में युवाओं के प्रति न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

    भर्ती प्रक्रिया में इस तरह की अनियमितताओं ने न केवल प्रशासन की छवि को धूमिल किया है, बल्कि हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से भर्ती प्रक्रिया में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

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    पति ने पत्नी को आग से जलाकर किया जघन्य अपराध, जानें क्या थी वजह ?

    26 जनवरी तक प्रदेश में होंगे 151 जन औषधि केंद्र, सीएम साय ने किया दावा

  • पति ने पत्नी को आग से जलाकर किया जघन्य अपराध, जानें क्या थी वजह ?

    पति ने पत्नी को आग से जलाकर किया जघन्य अपराध, जानें क्या थी वजह ?

    महाराष्ट्र के एक गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने समाज को हिलाकर रख दिया। कुंडलिक काले नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को केवल इस कारण से आग के हवाले कर दिया क्योंकि तीसरी बार भी उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया। पहले दो बेटियों के बाद, इस बार भी बेटी होने से पति का मन टूट गया, और उसने गुस्से में आकर अपनी पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

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    घटना 26 दिसंबर की है, जब इस दंपत्ति के बीच एक बड़ा विवाद हुआ। पति ने अपनी पत्नी को हमेशा ताने मारता और गाली-गलौज करता था क्योंकि उसे बेटा चाहिए था। तीसरी बार जब उसकी पत्नी ने बेटी को जन्म दिया, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर था। उसने बिना किसी विचार के अपनी पत्नी पर पेट्रोल डाला और उसे आग के हवाले कर दिया। जलते हुए महिला की चीखें सुनकर आस-पास के लोग दौड़े और किसी तरह आग बुझाई। गंभीर रूप से जल चुकी महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत इतनी खराब थी कि उसे बचाया नहीं जा सका। महिला की मौत के बाद, आरोपी पति को पुलिस ने हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

    यह घटना समाज में महिलाओं के प्रति एक खतरनाक मानसिकता को उजागर करती है, जिसमें केवल बेटा ही मायने रखता है। बेटियों को लेकर यह रवैया न केवल गलत है, बल्कि यह हमारे समाज की सोच को भी संकुचित करता है। हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर जीवन का महत्व है, चाहे वह लड़का हो या लड़की।

    हम सभी को यह समझना होगा कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हमें महिलाओं को उनके अधिकारों और सम्मान से अवगत कराना चाहिए। समाज को सशक्त और समान बनाने के लिए हमें ऐसी घटनाओं का विरोध करना चाहिए और हर महिला के जीवन की कीमत को समझना चाहिए।

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    भिलाई में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से महिला कि मौत

  • 26 जनवरी तक प्रदेश में होंगे 151 जन औषधि केंद्र, सीएम साय ने किया दावा

    26 जनवरी तक प्रदेश में होंगे 151 जन औषधि केंद्र, सीएम साय ने किया दावा

    छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की है कि राज्य सरकार “प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना” के तहत 26 जनवरी 2025 तक 151 जन औषधि केंद्रों की स्थापना करेगी। यह कदम प्रदेश के नागरिकों के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे न केवल दवाइयों की कीमतों में कमी आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होगी। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को उनके स्वास्थ्य संबंधी अधिकार दिलाना है, ताकि किसी को भी आर्थिक तंगी के कारण अपनी स्वास्थ्य आवश्यकताओं से समझौता न करना पड़े।

    सरकार का मानना है कि इन केंद्रों के जरिए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति को और बेहतर बनाया जा सकेगा। इन केंद्रों से आम जनता, विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। सस्ती दवाइयों की उपलब्धता से न केवल मरीजों की आर्थिक समस्याओं में राहत मिलेगी, बल्कि यह पहल राज्य की समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

    सरकार के इस प्रयास को लेकर जनता में काफी सकारात्मकता देखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार न केवल जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, बल्कि इन केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी भी की जाएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह योजना उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जो महंगी दवाइयों के बोझ से जूझ रहे हैं। प्रदेशवासियों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे एक दूरदर्शी निर्णय बताया है। जन औषधि केंद्रों की स्थापना के साथ, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया युग शुरू होने की उम्मीद है।

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    भिलाई में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से महिला कि मौत

    रायपुर में फर्जी कॉल और ईमेल से दो व्यापारियों से लाखों की ठगी

  • भिलाई में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से महिला कि मौत

    भिलाई में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रक की चपेट में आने से महिला कि मौत

    भिलाई शहर के नेहरू नगर चौक पर गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक़, आम्रपाली वनांचल सिटी निवासी राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी कमलेश अग्रवाल (59) के साथ दुर्ग से घर लौट रहे थे। रात करीब साढ़े आठ बजे नेहरू नगर चौक के पास उनकी बाइक का असंतुलन बिगड़ने लगा जिससे बाइक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई।

    इस दौरान, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक का पहिया कमलेश के सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनके पति राकेश सड़क के दूसरी तरफ गिरे, जिससे उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दूसरी ओर, दुर्ग में एक अन्य सड़क दुर्घटना में आईजी ऑफिस दुर्ग में पदस्थ सिपाही उपेंद्र तिवारी (39) की जान चली गई। बुधवार रात करीब 11:30 बजे, हरि नगर स्थित होटल क्रिश के सामने उनकी बाइक एक ट्रांसफार्मर से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, उपेंद्र शराब के नशे में थे और उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। सिर में गंभीर चोट के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    गौरतलब है कि उपेंद्र पहले वैशाली नगर थाने में कार्यरत थे। दो साल पहले उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे सट्टा एप पैनल चलाने की चर्चा कर रहे थे। पुलिस ने दोनों हादसों की जांच शुरू कर दी है।

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    रायपुर में फर्जी कॉल और ईमेल से दो व्यापारियों से लाखों की ठगी

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    रायपुर में फर्जी कॉल और ईमेल से दो व्यापारियों से लाखों की ठगी

    रायपुर में हाल ही में ठगी करने वाले गिरोह ने कारोबारी समुदाय को निशाना बनाया, जिसमें करीब 16.71 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। ठगी का यह मामला राजधानी के दो अलग-अलग जगहों का है, जहाँ मामलों में ऑनलाइन लेन-देन का सहारा लेकर ठगी को अंजाम दिया गया। अवंति विहार कॉलोनी निवासी और कंस्ट्रक्शन मटेरियल व्यवसायी भारतभूषण गुप्ता ने तेलीबांधा थाने में उक्त मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जहां कॉलर ने खुद को अल्ट्राट्रेक सीमेंट कंपनी का एजेंट ‘आशीष शुक्ला’ बताया।

    कॉलर ने दावा किया कि भारतभूषण द्वारा ऑर्डर की गई 3000 बोरी सीमेंट भेज दी गई है और उनसे खाते में ₹8,83,500 एडवांस पेमेंट मांगा। कारोबारी ने दिए गए खाते में पैसे ट्रांसफर कर दी, लेकिन सीमेंट की उसके पास डिलीवर नहीं हुई। जिसके पश्चात व्यापारी ने 21 दिसंबर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आरोपी से किसी भी तरह का संपर्क नहीं हो पाया, तब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ।

    दूसरी घटना में पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के थोक दवा व्यापारी कमलजीत सिंह बग्गा, जो हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड कंपनी के साथ काम करते हैं, जहाँ एक फर्जी मेल के जरिए ठगा गया। मेल में ब्रांडेड कंपनी के नाम का उपयोग करते हुए उनसे दवाइयों का ऑर्डर लिया गया और एडवांस पेमेंट के लिए एक खाता नंबर दिया गया। कारोबारी ने ₹7.88 लाख ट्रांसफर कर दिए, लेकिन न तो दवाइयों की आपूर्ति हुई और न ही राशि वापस मिली।

    उक्त दोनों मामलों में संबंधित थानों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहचान और विश्वास बनाने के लिए ब्रांडेड कंपनियों के नाम और पहचान का दुरुपयोग किया। धोखाधड़ी के इन मामलों ने ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

    ऐसे स्कैम से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:

    1. ऑर्डर और भुगतान की पुष्टि करें

    • किसी भी बड़े ऑर्डर से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, हेल्पलाइन, या ईमेल से सत्यापन करें।
    • ईमेल की डोमेन और भेजने वाले की पहचान को ध्यान से जांचें।

    2. भुगतान से पहले डिलीवरी की पुष्टि करें

    • बिना पुष्टि किए एडवांस भुगतान न करें।
    • डिलीवरी या उत्पाद की फिजिकल जांच के बाद ही भुगतान करें।

    3. फर्जी कॉल से सतर्क रहें

    • अज्ञात नंबरों से आए कॉल पर जल्दबाजी में विश्वास न करें।
    • कॉल करने वाले की पहचान की सत्यता सुनिश्चित करें।

    4. संदिग्ध ईमेल और लिंक से बचें

    • फर्जी ईमेल आईडी (जैसे: कंपनी के नाम में एक अक्षर का बदलाव) को पहचानें।
    • ईमेल में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे ध्यान से पढ़ें।

    5. सिक्योर भुगतान का उपयोग करें

    • भुगतान के लिए केवल आधिकारिक और सुरक्षित प्लेटफॉर्म का उपयोग करें।
    • कैश ऑन डिलीवरी (COD) जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दें।

    6. पुलिस और साइबर सेल से संपर्क करें

    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
    • फर्जी कॉल या ईमेल की जानकारी अधिकारियों के साथ साझा करें।

    7. रेफरेंस और रिव्यू चेक करें

    • नए सप्लायर या एजेंट के साथ डील करने से पहले उनके पुराने क्लाइंट्स से रेफरेंस लें।
    • इंटरनेट पर कंपनी या एजेंट के बारे में रिव्यू खोजें।

    8. बिजनेस को डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाएं

    • अपने व्यापार के सभी ऑनलाइन लेन-देन के लिए साइबर सुरक्षा टूल्स का इस्तेमाल करें।
    • लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेज और जानकारी संग्रहीत करें।

    9. ऑफिशियल चैनल से काम करें

    • ब्रांडेड कंपनियों के साथ सीधे संपर्क करने के लिए उनके आधिकारिक पोर्टल या एजेंट का उपयोग करें।
    • किसी भी मेल या कॉल के ऑफिशियल होने की जांच करें।

    10. सतर्कता सबसे बड़ी सुरक्षा है

    • “सस्ता और जल्दी” जैसे प्रलोभनों से बचें।
    • हर लेन-देन में पारदर्शिता और सतर्कता बनाए रखें।
  • रायपुर में महिला के ऊपर पति का क्रूर हमला, मोबाइल देखने पर हुआ विवाद

    रायपुर में महिला के ऊपर पति का क्रूर हमला, मोबाइल देखने पर हुआ विवाद

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    पत्नी को मोबाइल देखना पड़ा भारी, पति ने दूसरी मंजिल से नीचे फेंका अस्पताल में इलाज जारी

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें पति ने पत्नी के मोबाइल फोन देखने से नाराज होकर उसे दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया। यह घटना गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के विकास नगर इलाके में हुई, जहां घरेलू विवाद ने एक खौ़फनाक मोड़ ले लिया।

    जानकारी के मुताबिक, सुनील जनबंधु नामक व्यक्ति काम से घर लौटा था और उसने अपनी पत्नी से खाना मांगने की कोशिश की। लेकिन पत्नी खाना देने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त हो गई। इस पर पति को गुस्सा आ गया और वह पत्नी पर आक्रामक हो गया। दोनों के बीच इस बात को लेकर विवाद हुआ कि पत्नी ने खाना देने की बजाय मोबाइल में समय बिताना शुरू कर दिया।

    गुस्से में आकर, पति ने पत्नी को खींचते हुए दूसरी मंजिल की बालकनी तक ले आया और वहां से उसे नीचे धक्का दे दिया। इस दौरान पत्नी सीधे जमीन पर गिर गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगों ने महिला को गंभीर हालत में देखा और तुरंत उसे इलाज के लिए रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती करवा दिया।

    महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसकी जीवन रक्षा के लिए चिकित्सक लगातार उपचार कर रहे हैं। इस मामले को लेकर पुलिस ने आरोपी पति सुनील जनबंधु के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि घटना के समय पति और पत्नी के बीच घरेलू झगड़ा हो रहा था, जिसमें खाना न देने और मोबाइल में व्यस्त रहने को लेकर विवाद हुआ था।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात कही है और वह जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है। यह घटना घरेलू हिंसा और रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती है, जिसमें छोटे-छोटे विवाद बड़े हादसों का रूप ले सकते हैं। इस घटना ने समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा और घरेलू विवादों पर एक गंभीर सवाल खड़ा किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को न्याय के कटघरे में लाने की पूरी कोशिश की जा रही है। इस तरह की घटनाएं समाज में व्याप्त घरेलू हिंसा की गंभीरता को उजागर करती हैं, जिसके खिलाफ लगातार जागरूकता और कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है।

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