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  • छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कुएं से निकला पेट्रोल, प्रशासन में मचा हड़कंप

    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में कुएं से निकला पेट्रोल, प्रशासन में मचा हड़कंप

    Petrol Pump

    पेट्रोल पंप की लापरवाही से हुआ बड़ा हादसा, कुएं को किया गया सील

    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम नगर में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। दरअसल, गीदम नगर के वार्ड क्रमांक 12 के एक कुएं में पानी की जगह पेट्रोल निकलने की खबर सामने आई। जैसे ही इस घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया।

    इस मामले का संबंध माँ दंतेश्वरी पेट्रोल पंप से है, जिसका फ्यूल टैंक फट जाने से लगभग 14 लाख लीटर पेट्रोल रिसकर पास के एक कुएं में चला गया। इस घटना का पता तब चला, जब कुएं से पानी निकालते समय बाल्टी में पेट्रोल की गंध आई। पानी की जगह पेट्रोल देखकर लोग दंग रह गए और उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर कुएं में पेट्रोल कैसे पहुंचा।

    कुछ दिन पहले माँ दंतेश्वरी पेट्रोल पंप के मालिक ने पेट्रोल चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले की जांच के दौरान पंप के मालिक को इस घटना की जानकारी मिली। पुलिस को सूचित करने पर जांच में सामने आया कि पंप के फ्यूल टैंक से पेट्रोल का रिसाव हुआ था, जो कुएं तक पहुंच गया। इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कुएं को सील कर दिया है। साथ ही, प्रशासन ने आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। प्रारंभिक जांच में पेट्रोल पंप के कर्मचारियों की लापरवाही की बात सामने आई है।

    प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है और पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। साथ ही, ऐसी घटनाओं के प्रति लोगों को सचेत रहने की अपील भी की गई है।

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    इंडिगो फ्लाइट में बम की धमकी से हड़कंप, रायपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

  • भिलाई इस्पात संयंत्र में गैस रिसाव से हड़कंप, तीन श्रमिक आईसीयू में भर्ती

    भिलाई इस्पात संयंत्र में गैस रिसाव से हड़कंप, तीन श्रमिक आईसीयू में भर्ती

    भिलाई इस्पात संयंत्र

    भिलाई इस्पात संयंत्र में गैस लीक से बड़ा हादसा, सुरक्षा पर उठे सवाल

    छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र में आज एक बड़ी घटना घटित हो गई। संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से अचानक गैस का रिसाव हो गया, जिससे वहां काम कर रहे तीन ठेका श्रमिकों की तबियत अचानक बिगड़ गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैस के संपर्क में आने के बाद श्रमिक बेहोश हो गए और उन्हें तुरंत ही उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    घटना उस समय हुई जब संयंत्र में श्रमिक अपने नियमित कार्य में व्यस्त थे। अचानक ब्लास्ट फर्नेस नंबर 6 से एक जहरीली गैस का रिसाव हो गया, जिससे रिजवान, हरिचरण, और मोहनलाल गुप्ता नामक श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। गैस का संपर्क होते ही उनकी स्थिति गंभीर हो गई, और तुरंत ही उन्हें भिलाई के सेक्टर 9 अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने श्रमिकों की हालत को स्थिर बताया है और उनकी पूरी निगरानी की जा रही है।

    गैस लीक की इस घटना के बाद संयंत्र प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करना शुरू कर दिया है। संयंत्र के अधिकारी गैस लीक के कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह रिसाव किस कारण से हुआ, लेकिन अधिकारियों ने संयंत्र की सभी सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा करने का आदेश दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

    घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया और संयंत्र में सुरक्षा इंतजामों की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने संयंत्र के प्रबंधन से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी मांगी है और संयंत्र की सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। यह घटना संयंत्र के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, और प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाने की संभावना है ताकि श्रमिकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।

    इस घटना ने न केवल संयंत्र प्रशासन को, बल्कि श्रमिकों के परिवारों को भी गहरी चिंता में डाल दिया है। घायल श्रमिकों के परिवारजन संयंत्र के बाहर जमा हैं और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। संयंत्र के अधिकारियों ने परिवारजनों को श्रमिकों की स्थिति की जानकारी देने का आश्वासन दिया है और उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए मदद मुहैया कराई जा रही है।

    यह घटना एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है, जो संयंत्र प्रशासन को भविष्य में अधिक सावधान रहने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है। प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदम और सुरक्षा उपायों की समीक्षा के बाद इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

    घटना के बाद संयंत्र में सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं और संयंत्र प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने के प्रयास में है कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

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    दक्षिण उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

  • दक्षिण उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

    दक्षिण उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

    दक्षिण उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े
    Group of teenager friends showing ink marked fingers outside polling station or booth after casting votes – Concept of Indian election or vote casting system

    दक्षिण उपचुनाव में मतदान के दौरान भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में भिड़े

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के बीच आज मतदान जारी है, हालांकि मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी देखी जा रही है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान दानी गर्ल्स स्कूल मतदान केंद्र पर दोनों प्रमुख पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हंगामा हुआ। भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद उस समय बढ़ा जब भाजपा प्रत्याशी के गमछा पहनकर मतदान केंद्र में प्रवेश करने और कांग्रेस के महापौर एजाज ढेबर द्वारा फूड पैकेट बांटने के आरोप लगे। इस विवाद पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत किया, हालांकि दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की ओर से जोरदार नारेबाजी की गई।

    चंगोरा भाटा मतदान केंद्र पर कांग्रेस द्वारा वोटर्स के लिए पोहा की व्यवस्था की गई है, वहीं दोनों प्रमुख पार्टियाँ पोलिंग बूथ तक मतदाताओं को उनके वाहनों से छोड़ने की व्यवस्था कर रही हैं। दोपहर 1 बजे तक रायपुर दक्षिण में कुल 28.37 प्रतिशत मतदान हो चुका था। उपचुनाव के तहत कुल 266 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिसमें 253 सामान्य और 13 सहायक बूथ हैं। इन बूथों में 10 पिंक बूथ, 5 युवा बूथ और 1 दिव्यांग बूथ भी शामिल हैं। सभी मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि मतदाता स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकें।

    साथ ही, मतदान के लिए ईवीएम मशीनों में बीयू 532, सीयू 266 और वीवीपीएटी 266 की व्यवस्था की गई है। रिजर्व के रूप में बीयू 182, सीयू 112 और वीवीपीएटी 146 मशीनें उपलब्ध हैं। मतदान आज, 13 नवम्बर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा।

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    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

  • केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने जशपुर में दी 150वीं जयंती पर बड़ी सौगात

    केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने जशपुर में दी 150वीं जयंती पर बड़ी सौगात

    भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मांडवीया का ऐलान

    भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मांडवीया का ऐलान

    छत्तीसगढ़ के जशपुर शहर में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडवीया पहुंचे और इस खास अवसर पर शहर को एक बड़ी सौगात दी। वे सुबह 9 बजे गुजरात से उड़ान भरकर आगडीह हवाई अड्डे पर पहुंचे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय भी रायपुर से जशपुर आए।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार आदिवासियों के विकास के प्रति गंभीर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने और देश के नेतृत्व में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति पद पर द्रौपदी मुर्मू का चयन किया। इसके साथ ही, उन्होंने स्वयं एक साधारण किसान को मुख्यमंत्री बनने का मौका दिया। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के आदिवासी समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह समर्पित है।

    केंद्रीय मंत्री मांडवीया ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम सरकारी आयोजन नहीं है, बल्कि माई भारत यूथ वालेंटियर संगठन ने इसका आयोजन किया है। उन्होंने संगठन की सराहना करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण का प्रतीक बताया। मांडवीया ने कहा कि यह संगठन युवाओं के लिए एक सिंगल विंडो प्रणाली की तरह कार्य करेगा, जिससे युवा खेल, समाज सेवा, और विभिन्न क्षेत्रों में अपने करियर को आगे बढ़ा सकेंगे।

    मांडवीया ने बताया कि भाजपा आदिवासियों के हित और विकास के प्रति हमेशा से चिंतित रही है।

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    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

  • रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव की वोटिंग जारी, 23 नवम्बर को होगा विजेता की घोषणा

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कौन मारेगा बाजी ? 2.7 लाख लोग करेंगे फैसला

    छत्तीसगढ़ के रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान आज सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। इस उपचुनाव में लगभग 2,71,169 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर विधानसभा के लिए नया प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 1,37,317 महिला मतदाता और 1,33,800 पुरुष मतदाता शामिल हैं, जिससे यह साफ है कि महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार महिलाएं अपने वोट किसे देती हैं और किन मुद्दों को प्राथमिकता देती हैं।

    रायपुर दक्षिण उपचुनाव में कुल 30 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, लेकिन मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस के आकाश शर्मा और भाजपा के सुनील सोनी के बीच है। कांग्रेस और भाजपा, दोनों ही पार्टियां इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं। इस चुनाव में कई बड़े नेताओं ने प्रचार-प्रसार में हिस्सा लिया और जनता को अपने-अपने पक्ष में वोट देने की अपील की।

    मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने कुल 266 पोलिंग बूथ बनाए हैं। इन बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिनमें सरकारी कर्मचारियों के साथ सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों की भी तैनाती की गई है। सुरक्षा कर्मियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे मतदान प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट और व्यवधान के पूरा करें, ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपना वोट दे सकें।

    मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। लोग बढ़-चढ़कर मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। चुनाव को लेकर लोगों में उत्सुकता है और वे एक अच्छे और योग्य उम्मीदवार को चुनने के लिए आगे आ रहे हैं। जनता से बार-बार अपील की जा रही है कि वे अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और एक योग्य नेता का चुनाव करें।

    रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जो यह तय करेंगे कि आखिरकार जनता किसे सत्ता की कुर्सी सौंपती है। कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुकाबले में कौन बाजी मारेगा, यह जानने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता है। इस सीट पर हर बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला है और इस बार भी राजनीतिक माहौल गर्म है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता का विश्वास किस पर कायम होता है और कौन इस उपचुनाव में विजयी होकर उभरता है।

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    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी हुई शुरू

  • सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

    सहकारी समितियों की हड़ताल से धान खरीदी पर मंडराए संकट के बादल

    सहकारी समितियों की हड़ताल और पंजीयन में देरी से किसानों की बढ़ी मुश्किलें

    छत्तीसगढ़ में 14 नवंबर से धान खरीदी की योजना है, लेकिन सहकारी समितियों की हड़ताल से इस प्रक्रिया में रुकावटें आने लगी हैं। राज्य में इस साल 2058 सहकारी समितियों के माध्यम से 600 से अधिक उपकेंद्रों में धान खरीदी की जाएगी, लेकिन अब तक न तो बारदाना की आपूर्ति हुई है और न ही खरीदी केंद्रों की सफाई। कई स्थानों पर तो किसानों का पंजीयन भी अधूरा है, जिससे उनकी दिक्कतें बढ़ रही हैं।

    सहकारी समिति कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष जय प्रकाश साहू का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो कर्मचारी संघ धान खरीदी का बहिष्कार करेगा। उनकी प्रमुख मांगों में सूखत का प्रति क्विंटल 3 प्रतिशत लाभ, कर्मचारियों के लिए सालाना 3 लाख रुपये प्रबंधकीय अनुदान, और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में सेवा नियम के तहत 50 प्रतिशत नियुक्तियां शामिल हैं।

    सहकारी समितियों की हड़ताल और पंजीयन में देरी से किसानों की बढ़ी मुश्किलें
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    इसी बीच, राइस मिलर्स का भी विरोध में उतर आए है। प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि सरकार से वित्तीय वर्ष 2022-23 का करीब 1,500 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है, जिससे राइस मिलर्स अगले वर्ष के कस्टम मिलिंग का कार्य रोकने की तैयारी कर रहे हैं। राइस मिलर्स पुराने भुगतान की मांग के साथ कैमरे हटाने और पैनाल्टी समाप्त करने की भी मांग कर रहे हैं।

    इन दिनों धान खरीदी के इस संकट से राजनीति माहौल भी गरमा गया है, विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

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    आमिर खान ने क्यों लिया था एक्टिंग छोड़ने का फैसला,आखिर क्या थी वजह?

    शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

  • आमिर खान ने क्यों लिया था एक्टिंग छोड़ने का फैसला,आखिर क्या थी वजह?

    आमिर खान ने क्यों लिया था एक्टिंग छोड़ने का फैसला,आखिर क्या थी वजह?

    आमिर खान ने क्यों लिया था एक्टिंग छोड़ने का फैसला, आखिर क्या थी वजह? आइये जानते हैं ?

    आमिर खान ने हाल ही में यह खुलासा किया कि उन्होंने लगभग दो साल पहले एक्टिंग छोड़ने का मन बना लिया था। उनकी यादगार फिल्मों में “जो जीता वही सिकंदर”, “हम हैं राही प्यार के”, “राजा हिन्दुस्तानी”, “दिल”, “कयामत से कयामत तक”, और “अंदाज अपना अपना” जैसे नाम शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें एक महान अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई। लेकिन आखिरी बार आमिर को उनकी फिल्म “लाल सिंह चड्ढा” में देखा गया था, और तब से वे बड़े पर्दे से दूर हैं।

    आमिर ने बताया कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान उन्होंने यह सोचा कि अपनी बाकी की जिंदगी को किस प्रकार से बिताना चाहिए। अकेले में समय बिताते हुए, उन्होंने सोचा कि अब उनके जीवन में किस चीज की कमी है और जो उन्होंने अब तक नहीं हासिल किया। अपने 35 साल के एक्टिंग करियर में उन्होंने एक अभिनेता के रूप में बहुत कुछ हासिल किया, लेकिन इस सफर में अपने परिवार को वे पर्याप्त समय नहीं दे पाए। आमिर ने कहा, “मैंने अपनी पूरी जिंदगी फिल्मों में झोंक दी, और अब मैं अपने परिवार के साथ वक्त बिताना चाहता था।”

    जब आमिर ने अपने परिवार को एक्टिंग से संन्यास लेने की बात बताई, तो उनके बच्चों ने उन्हें सलाह दी कि वे एक्टिंग ना छोड़ें। इस पर उन्होंने अपने निर्णय को बदलने का फैसला किया। अब आमिर खान एक बार फिर से फिल्मों में नजर आने वाले हैं। वे अपनी अपकमिंग फिल्म “सितारे जमीन पर” में दिखाई देंगे। इसके अलावा, वे “लाहौर 1947” में एक निर्माता के रूप में भी सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही, खबर है कि वे रजनीकांत की फिल्म “कुली” में कैमियो करते हुए भी दिखाई दे सकते हैं।

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    बलरामपुर जिले के मुरका गाँव में हाथी की मौत से हड़कंप

    राजनांदगांव में सेक्स रैकेट का खुलासा, लॉज संचालक ही निकला मुख्य आरोपी

  • बलरामपुर जिले के मुरका गाँव में हाथी की मौत से हड़कंप

    बलरामपुर जिले के मुरका गाँव में हाथी की मौत से हड़कंप

    हाथियों के हमले में दो बच्चों की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

    बलरामपुर जिले के मुरका गाँव में हाथी की मौत से हड़कंप

    बलरामपुर के मुरका गाँव में सोमवार को एक और हाथी की मौत से हड़कंप मच गया। धान के खेत में मृत मिले इस व्यस्क हाथी के शरीर पर करंट लगने के निशान पाए गए हैं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन पुख्ता सबूत नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, हाथी की मौत हाईवोल्टेज बिजली तार से हुई, जिसे खेत के मालिक ने जोड़ रखा था। पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा हाथी का पोस्टमार्टम किया गया और शव को जंगल में दफनाया गया। यह घटना उस समय हुई जब मुरका क्षेत्र में दो दिन पहले ही नौ हाथियों का दल पहुंचा था। एक दिन पहले हाथियों का दल रामबक्स के धान के खेत से होकर गुजरा था, और रविवार रात को एक हाथी दल से बिछड़ गया था। सुबह उसकी मृत देह खेत में पाई गई।

    पूछताछ में किसान ने बताया कि उसने कलच वायर को हाईवोल्टेज बिजली तार से जोड़ दिया था और इस तार के संपर्क में आने से हाथी की मौत हो गई थी। बाद में उसने घटनास्थल से तार हटा दिया था और तार को छिपा दिया था जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। वहीं किसान को इस मामले में अपराधी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में हाथियों और इंसानों के बीच सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। खेतों में लगी फसल जैसे धान और गन्ने को खाने के लिए हाथी आबादी क्षेत्रों में आ रहे हैं, जिससे जानमाल का खतरा बढ़ रहा है। अगर ग्रामीण ऐसे खेतों में करंट प्रवाहित तार लगाते हैं, तो इससे हाथियों की जान भी जा सकती है।

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    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी हुई शुरू

    राजनांदगांव में सेक्स रैकेट का खुलासा, लॉज संचालक ही निकला मुख्य आरोपी

  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी हुई शुरू

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी हुई शुरू

    नक्सल क्षेत्रों में ड्रोन से दवाओं की डिलीवरी शुरू, मरीजों को मिलेगी राहत

    नक्सल प्रभावित इलाकों में दवाओं और जांच सैंपल्स की कमी के कारण समय पर उपचार न मिलने की गंभीर समस्या का समाधान अब जल्द ही हो सकेगा। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ड्रोन के माध्यम से जरूरी दवाओं और जांच सैंपल्स की त्वरित डिलीवरी शुरू कर दी है।

    इस नई ड्रोन सेवा की शुरुआत “पायलट प्रोजेक्ट” के तहत रविवार से मर्दापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की गई है। इस सेवा के तहत मरीजों के जांच सैंपल्स को मर्दापाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल पहुंचाया जाएगा और वहां से वापस मर्दापाल लाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सफल रहने पर भविष्य में इसे अन्य अस्पतालों में भी लागू किया जाएगा।

    केंद्र सरकार की पहल, दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सुविधाएं मजबूत करने की योजना

    जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि ड्रोन सेवा को दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। ड्रोन, मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक दवाओं को जिला अस्पताल तक पहुंचाएगा और वहां से डॉक्टरों की टीम द्वारा जांच सैंपल्स जैसे कि ब्लड और यूरिन को वापस लाने का कार्य भी करेगा।

    यह पहल केंद्र सरकार के टीकाकरण सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है, जिससे नक्सल प्रभावित इलाकों में मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और चिकित्सा सेवाओं में तेजी लाई जा सकेगी।

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    राजनांदगांव में सेक्स रैकेट का खुलासा, लॉज संचालक ही निकला मुख्य आरोपी

  • शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

    शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार

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    शाहरुख खान को धमकी देने वाला गिरफ्तार, जल्द होगी कोर्ट में सुनवाई

    मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में अभिनेता शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मामला गरमा गया है। जांच में सामने आया कि यह धमकी रायपुर के फैज़ल खान के नाम से जारी एक नंबर से दी गई थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मंगलवार को फैज़ल को रायपुर में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस की जांच और आरोपी की गिरफ्तारी

    सूत्रों के अनुसार, फैज़ल खान के फोन से शाहरुख खान को धमकी दी गई थी। हालांकि, फैज़ल का कहना है कि उसका फोन चोरी हो गया था। मुंबई पुलिस ने रायपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश कर रही है।

    धमकी के पीछे का कारण और आरोपी की सफाई

    फैज़ल खान ने पूछताछ में बताया कि उसे भी अज्ञात स्रोतों से धमकियां मिल रही थीं और वह अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से संपर्क करना चाहता था। उसे 14 नवंबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में बयान देने के लिए बुलाया गया है।

    बॉलीवुड में सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं

    शाहरुख खान से पहले सलमान खान को भी इसी तरह की धमकी मिल चुकी है। बॉलीवुड सितारों के खिलाफ मिल रही धमकियों ने इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश में है कि आखिर धमकियों के पीछे कौन है।

    आगे की कार्रवाई

    फिलहाल फैज़ल खान को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी कस्टडी की मांग कर सकती है। इस मामले में मुंबई पुलिस किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी जांच कर रही है।

    मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में अभिनेता शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मामला गरमा गया है। जांच में सामने आया कि यह धमकी रायपुर के फैज़ल खान के नाम से जारी एक नंबर से दी गई थी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मंगलवार को फैज़ल को रायपुर में उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

    सूत्रों के अनुसार, फैज़ल खान के फोन से शाहरुख खान को धमकी दी गई थी। हालांकि, फैज़ल का कहना है कि उसका फोन चोरी हो गया था। मुंबई पुलिस ने रायपुर पहुंचकर स्थानीय पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश कर रही है।

    फैज़ल खान ने पूछताछ में बताया कि उसे भी अज्ञात स्रोतों से धमकियां मिल रही थीं और वह अपनी सुरक्षा को लेकर पुलिस से संपर्क करना चाहता था। उसे 14 नवंबर को बांद्रा पुलिस स्टेशन में बयान देने के लिए बुलाया गया है।

    बॉलीवुड में सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं

    शाहरुख खान से पहले सलमान खान को भी इसी तरह की धमकी मिल चुकी है। बॉलीवुड सितारों के खिलाफ मिल रही धमकियों ने इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है और यह जानने की कोशिश में है कि आखिर धमकियों के पीछे कौन है?

    आगे की कार्रवाई

    फिलहाल फैज़ल खान को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उसकी कस्टडी की मांग कर सकती है। इस मामले में मुंबई पुलिस किसी भी तरह की ढील बरतने के मूड में नहीं है और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरी जांच कर रही है।

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