
छत्तीसगढ़ में हरेली की रौनक: मुख्यमंत्री निवास में परंपरा और उल्लास का संगम
आज छत्तीसगढ़ में हरेली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास को इस मौके पर दुल्हन की तरह सजाया गया है, जो एक छोटे से गांव की तरह नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने परिवार के साथ परम्परागत तरीके से हरेली की पूजा की। इस अवसर पर पशुधन और कृषि यंत्रों की पूजा की जाती है।

मुख्यमंत्री निवास में रहचुली झूला, गेड़ी और सुंदर बैलगाड़ियों की साज-सज्जा ने हरेली की रौनक को और भी बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री निवास में ग्रामीण मड़ई मेले की तरह सुंदर सजावट की गई है। हरेली के मौके पर मुख्यमंत्री ने किसान भाइयों को आधुनिक कृषि उपकरणों का वितरण भी किया।
हरेली तिहार पर प्रदेश के किसान अपने पशुधन को सजाते हैं और उनकी पूजा करते हैं। यह पर्व खेती-किसानी की शुरुआत में मनाया जाता है और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है। इस मौके पर ग्रामीण खेलों की प्रतिस्पर्धाएं भी आयोजित की जाती हैं, जैसे गेड़ी दौड़, पिट्ठूल और भौरा।
छत्तीसगढ़ के परंपरागत पकवान चीला, खुरमी, ठेठरी और अइरसा का भी इस मौके पर विशेष आनंद लिया गया। साथ ही, राऊत नाचा, करमा नृत्य और विभिन्न लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर, मुख्यमंत्री साय ने हरेली के दिन एक पेड़ माँ के नाम लगाने का अनुरोध किया है, ताकि प्रदेश के सभी नागरिक अपनी जननी और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर सकें।
छत्तीसगढ़ के हर अंचल में हरेली की अपनी विशिष्ट सुंदरता और तरीकों से मनाई जाती है, और इस बार भी हरेली तिहार ने प्रदेश में हर्ष और उल्लास का माहौल बनाया है।
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