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  • मुख्यमंत्री साय का वादा: गरीबों के लिए 8.40 लाख पक्के घर

    मुख्यमंत्री साय का वादा: गरीबों के लिए 8.40 लाख पक्के घर

    राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 8.40 लाख आवासों को समय पर पूरा करने की समय सीमा निर्धारित कर दी है। इन आवासों को आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नए आवासों की मंजूरी पाने के लिए एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।

    निर्देशों के अनुसार, मार्च 2025 तक सभी स्वीकृत आवासों का निर्माण पूरा करने की आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को प्रभारी मंत्रियों के साथ समन्वय स्थापित कर आवास मेला आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें आवास मित्र, बैंक सखी और तकनीकी सहायकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने निर्माण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    केंद्र सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल 6.99 लाख परिवारों के साथ ही 1.47 लाख आवासहीन परिवारों को आवास की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार का लक्ष्य सालभर में 8.40 लाख गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराना है। इसके लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे।

    आवास निर्माण कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा, और सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सप्लायरों से भी चर्चा की जाएगी।

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  • त्योहारों पर सफर होगा आसान, रेलवे चलाएगा 6556 स्पेशल ट्रेनें

    त्योहारों पर सफर होगा आसान, रेलवे चलाएगा 6556 स्पेशल ट्रेनें

    भारतीय रेलवे ने दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए 6556 स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। ये ट्रेनें 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक संचालित होंगी, जिससे लाखों यात्रियों को लाभ होगा।

    रेलवे मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए हर साल स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इस बार पिछले साल की तुलना में ट्रेनों की संख्या में भारी वृद्धि की गई है।

    पिछले साल के मुकाबले अधिक फेरे 

    पिछले साल 4429 फेरे लगाकर लाखों यात्रियों को सुविधा दी गई थी, जबकि इस साल 6556 फेरे लगाकर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का काम किया जाएगा। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभदायक साबित होगी।

    वेटिंग लिस्ट की समस्या से मिलेगी राहत 

    हर साल त्योहारों के दौरान ट्रेनों में टिकट वेटिंग लिस्ट में चली जाती है। इस समस्या को हल करने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई है, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके और वे आरामदायक यात्रा कर सकें।

    दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ पूजा के अवसर पर यात्रा करना न केवल धार्मिक, बल्कि परिवारों से मिलने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर होता है। रेलवे की यह पहल त्योहारों के दौरान यात्रियों के सफर को सुगम बनाने में मदद करेगी।

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  • निवेश पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर 5 करोड़ की ठगी

    निवेश पर बेहतर रिटर्न का लालच देकर 5 करोड़ की ठगी

    सरगुजा जिले के निवेशकों ने 5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। निवेशकों का कहना है कि जेक्स फंड नाम की एक कंपनी, जिसने बाद में नाम बदलकर लुकोस इंटरनेशनल और फिर फ्रिक मार्केट कर लिया, ने उन्हें बेहतर लाभांश का लालच देकर ठगा। सरगुजा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस कंपनी ने देश भर में कई हजार करोड़ रुपये की ठगी की है और कई राज्यों में इसके खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जा चुके हैं।

    सोमवार को सरगुजा और जशपुर जिले के पीड़ित निवेशकों ने पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। निवेशकों का आरोप है कि उन्हें प्रति माह 10 प्रतिशत का लाभांश देने का वादा किया गया था, जिससे वे आकर्षित होकर अपनी पूंजी कंपनी में जमा करने लगे। प्रारंभ में जिस कंपनी के नाम पर निवेश कराया गया, बाद में उसका नाम बदल दिया गया। कंपनी के अधिकारियों ने निवेशकों को यह भी विश्वास दिलाया कि यह भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक वित्तीय संस्थान है, जिसके कारण लोगों ने बिना किसी शंका के अपनी राशि निवेश कर दी।

    सरगुजा संभाग के निवेशकों से लगभग 5 करोड़ रुपये की ठगी की गई है, और देश के विभिन्न हिस्सों में निवेशकों द्वारा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कराए जा रहे हैं। सरगुजा के निवेशकों ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की है। सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है और जांच की जा रही है। निवेशकों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही असली आंकड़ा सामने आएगा। यह देखा जा रहा है कि निवेशकों ने कितनी राशि जमा की थी और उन्हें कितना पैसा वापस मिला है। दस्तावेजों की जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

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  • बलरामपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बच्चे की निर्मम हत्या

    बलरामपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बच्चे की निर्मम हत्या

    लापता बच्चे का शव 10 टुकड़ों में मिला, गांव में सनसनी

    छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां 10 वर्षीय मासूम का सिर कटा शव मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ग्रामीणों द्वारा नरबलि की आशंका जताई जा रही है, जिससे गांव में गहरा सदमा है। तोरफा गांव का यह मासूम बच्चा पांच दिन पहले घर के सामने से अचानक गायब हो गया था। परिजनों और ग्रामीणों ने हर संभव कोशिश की, लेकिन पांच दिनों तक कोई सुराग नहीं मिला। अंततः बच्चे का शव घर से 500 मीटर दूर नदी किनारे बुरी हालत में मिला।

    बच्चे के शव के 10 टुकड़ों में मिलने और सिर कटे होने की वजह से गांव में नरबलि की आशंका जताई जा रही है। इस प्रकार की घटनाएं पहले भी अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ी हुई देखी गई हैं, जिससे ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। बलंगी पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है, और गांव में किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

    घटना के बाद गांव में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए हैं, और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इस क्रूर घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है, और पुलिस जल्द से जल्द सच्चाई का पता लगाने में जुटी है।

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  • ‘रतन टाटा ने अस्पताल की अफवाहों पर लगाई रोक, कहा ‘मैं एकदम ठीक हूं’

    ‘रतन टाटा ने अस्पताल की अफवाहों पर लगाई रोक, कहा ‘मैं एकदम ठीक हूं’

    86 वर्षीय उद्योगपति रतन टाटा ने हाल ही में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती होने की खबरों को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा है कि उनकी सेहत ठीक है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। लेकिन रतन टाटा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि वह किसी गंभीर बीमारी के चलते अस्पताल नहीं गए हैं।

    उन्होंने लिखा, “मैं अपने स्वास्थ्य के बारे में हाल ही में उठी अफवाहों से अवगत हूं और सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि ये सभी दावे निराधार हैं।” उन्होंने कहा कि वह अस्पताल केवल उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण मेडिकल चेक-अप के लिए पहुंचे थे।

    टाटा ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है, मैं ठीक हूं और मीडिया तथा जनता से अनुरोध करता हूं कि गलत सूचनाएं फैलाने से बचें।”

    रतन टाटा की इस स्पष्टता ने उनके समर्थकों और पूरे बिजनेस सेक्टर में राहत की लहर दौड़ा दी है।

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    नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कन्दमाता की विशेष पूजा

    गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

  • नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कन्दमाता की विशेष पूजा

    नवरात्रि के पांचवे दिन माँ स्कन्दमाता की विशेष पूजा

    माँ स्कन्दमाता की पूजा का विशेष महत्व नवरात्रि के पांचवे दिन होता है, जो आज 7 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। माँ स्कन्दमाता, देवी दुर्गा के पांचवे स्वरूप के रूप में जानी जाती हैं। उनका नाम उनके पुत्र कार्तिकेय (स्कंद) के नाम पर रखा गया है। माँ स्कन्दमाता की चार भुजाएँ होती हैं, जिनमें से एक भुजा में वे अपने पुत्र कार्तिकेय को गोद में धारण करती हैं, जबकि अन्य भुजाओं में कमल का फूल और वर मुद्रा होती है।

    स्कन्दमाता की पूजा से भक्तों को मानसिक शांति, सुरक्षा, और शक्ति की प्राप्ति होती है। विशेषकर इस दिन, भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी आराधना करते हैं, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन की पूजा से संतान की प्राप्ति होती है और माताएँ अपनी संतान की रक्षा के लिए उनकी आराधना करती हैं।

    पूजा विधि और आवश्यक सामग्री

    पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है:

    – सफेद चादर

    – माँ स्कन्दमाता की प्रतिमा या चित्र

    – फूल (सफेद और लाल)

    – दीपक (घी या तेल का)

    – धूप और अगरबत्ती

    – फल (केला, सेब)

    – मिठाई (लड्डू)

    – गंगाजल या शुद्ध जल

    पूजा विधि:

    1. पूजा स्थल को साफ करें और चादर बिछाएँ।

    2. माँ की प्रतिमा स्थापित करें।

    3. दीपक जलाएँ और धूप-अगरबत्ती लगाएँ।

    4. माँ को फूल, फल, और मिठाई अर्पित करें।

    5. हाथ जोड़कर प्रार्थना करें और मंत्र का जाप करें:

       “ॐ देवी स्कन्दमाता नमः”* 6. आरती करें और प्रसाद वितरण करें।

    मंत्र

    माँ स्कन्दमाता की पूजा करते समय निम्नलिखित मंत्र का उच्चारण करें:

    “या देवी सर्वभूतेषु मां स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता

    नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः”

    स्कन्दमाता की आराधना से भक्तों को जीवन में सुख, समृद्धि और विजय का मार्ग प्रशस्त होता है। उनकी कृपा से आंतरिक शक्ति और साहस प्राप्त होता है, जिससे वे जीवन की कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं। इस दिन उनकी विशेष आराधना कर भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति और संतान सुख की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं।

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    सदुद्दीन ओवैसी ने संसद में उठाया फलस्तीन का मुद्दा

    गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

  • सदुद्दीन ओवैसी ने संसद में उठाया फलस्तीन का मुद्दा

    सदुद्दीन ओवैसी ने संसद में उठाया फलस्तीन का मुद्दा

    पिछले साल 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इजरायल पर हमला किया था, जिसके बाद से इजरायल का पलटवार लगातार जारी है। इस हमले ने फिलिस्तीन और खासतौर पर गाजा पट्टी को केंद्र में रखा, जहां अब तक इजरायल के हमलों का कहर जारी है। इस पूरे संघर्ष में हजारों फिलिस्तीनी लोगों की जान गई है और लाखों बेघर हो चुके हैं। भारत में इस मुद्दे पर भी राजनीति तेज हो गई है, जहां AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस युद्ध को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की है।

    ओवैसी की प्रधानमंत्री मोदी से अपील

    सदुद्दीन ओवैसी ने संसद में उठाया फलस्तीन का मुद्दा
    सदुद्दीन ओवैसी ने संसद में उठाया फलस्तीन का मुद्दा

    हैदराबाद की एक सभा में असदुद्दीन ओवैसी ने खुलकर प्रधानमंत्री मोदी से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत करने और फिलिस्तीन के खिलाफ चल रही जंग को रुकवाने की अपील की। ओवैसी ने कहा, “मोदी जी, आप नेतन्याहू को समझाओ और ये युद्ध रुकवाकर सीजफायर करवाओ।” उन्होंने कहा कि 15 लाख से अधिक फिलिस्तीनी अब तक बेघर हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका हौसला नहीं टूटा है। ओवैसी ने कहा कि फिलिस्तीनी उस सरजमीं पर रहते हैं, जहां के लोग मौत से नहीं डरते।

    नेतन्याहू को ओवैसी का संदेश

    ओवैसी ने अपने भाषण में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा, “नेतन्याहू को यह समझना चाहिए कि अगर गाजा में एक फलस्तीनी बच्चा भी जिंदा रहा, तो वो पत्थर उठाकर अल्लाह हू अकबर ही कहेगा।” यह बयान जाहिर करता है कि ओवैसी का फिलिस्तीन के मुद्दे पर कितना गहरा जुड़ाव है और वे लगातार इजरायल के खिलाफ आवाज उठाते आ रहे हैं।

    यति नरसिंहानंद के बयान पर ओवैसी का आक्रोश

    इजरायल-फिलिस्तीन मुद्दे के अलावा, असदुद्दीन ओवैसी ने एक और विवादित मुद्दे पर भी अपना रुख साफ किया। हाल ही में यति नरसिंहानंद द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयान ने देशभर में बवाल खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर भी ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यति नरसिंहानंद को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। ओवैसी का कहना है कि यति नरसिंहानंद ने पहले भी ऐसे बयान दिए थे, लेकिन उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उन्होंने दोबारा से विवादित बयान दिया है।

    सख्त कार्रवाई की मांग

    ओवैसी ने साफ तौर पर कहा कि इस बार यति नरसिंहानंद को जमानत भी नहीं मिलनी चाहिए, क्योंकि ऐसे बयान देश में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ते हैं और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आगे चलकर और भी गंभीर विवादों को जन्म दे सकता है।

    निष्कर्ष

    असदुद्दीन ओवैसी ने इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध और यति नरसिंहानंद के विवादित बयान जैसे दोनों मुद्दों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। फिलिस्तीन के मुसलमानों के प्रति ओवैसी का समर्थन और भारत में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की उनकी मांग इन दोनों मुद्दों पर उनकी राजनीति को स्पष्ट करती है। उनके बयान इस बात का संकेत देते हैं कि वे इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष और भारत में धार्मिक विवादों पर मुखर रहेंगे। 

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    सीएम साय की पीएम मोदी से मुलाकात

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    सीएम साय की पीएम मोदी से मुलाकात

    आज सुबह 10 बजे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय ने केंद्रीय गृहमंत्री की अध्यक्षता में विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित नक्सल प्रभावित राज्यों की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया। इस बैठक में नक्सल समस्या से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहां नक्सलवाद से निपटने के लिए अब तक किए गए प्रयासों और आगे की रणनीतियों पर चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री ने साझा की सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी

    बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय ने छत्तीसगढ़ में हाल ही में किए गए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री और अन्य प्रतिनिधियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक सुनियोजित रणनीति के तहत कई महत्वपूर्ण अभियानों को अंजाम दिया है, जिनके परिणामस्वरूप नक्सली गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास कार्यों के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशनों का मुख्य उद्देश्य वहां के स्थानीय लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन में सुधार लाना है।

    मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सुरक्षा बलों और राज्य सरकार की संयुक्त कोशिशों का जिक्र किया, जो नक्सलियों के खिलाफ लगातार सफल हो रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए भी काम कर रही है।

    प्रधानमंत्री से मुलाकात

    सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय की आज शाम 6 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात होने वाली है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में सफल नक्सल ऑपरेशन के लिए बधाई देने के उद्देश्य से बुलाया है। यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री साय राज्य में नक्सल समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ राज्य में चल रहे विकास कार्यों और योजनाओं पर प्रधानमंत्री को विस्तार से जानकारी देंगे।

    विकास कार्यों और आगामी योजनाओं पर चर्चा

    मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय प्रधानमंत्री को राज्य की प्रगति और विकास योजनाओं पर एक विशेष प्रेजेंटेशन भी देंगे। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, विशेषकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण विकास, कृषि, और सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर भी चर्चा की जाएगी, ताकि वहां के लोगों का जीवन स्तर सुधर सके और उन्हें मुख्यधारा में लाया जा सके।

    मुख्यमंत्री की आगामी योजनाएँ

    मुख्यमंत्री साय इस मुलाकात के दौरान राज्य सरकार की आगामी योजनाओं का भी खाका पेश करेंगे। राज्य सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समग्र विकास को तेज गति से आगे बढ़ाना है। इसके तहत, नई योजनाओं में कृषि और उद्योग क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा के स्तर को सुधारने और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़कों, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी योजनाएं बनाई जा रही हैं।

    निष्कर्ष

    आज की बैठक और प्रधानमंत्री से मुलाकात छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। नक्सल समस्या से प्रभावित इस राज्य में पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाइयों ने नक्सलियों की ताकत को कमजोर किया है और सरकार की रणनीति को मजबूती दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेवसाय के द्वारा दिए जाने वाले प्रेजेंटेशन से राज्य की विकास यात्रा को और गति मिलेगी।

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    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दशहरा और दीपावली अवकाश की घोषणा

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    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दशहरा और दीपावली अवकाश की घोषणा

    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अवकाश की घोषणा

    छत्तीसगढ़ के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में आगामी महीनों के लिए छुट्टियों की योजना घोषित कर दी गई है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित इन छुट्टियों के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को दशहरा, दीपावली, शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश का लाभ मिलेगा। इन छुट्टियों के दौरान राज्य के सभी अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों और डीएड, बीएड, एमएड कॉलेजों में अवकाश रहेगा। इसके अलावा, केंद्रीय विद्यालयों में भी विशेष अवकाश की घोषणा की गई है।

    दशहरा अवकाश

    छत्तीसगढ़ के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में 7 से 12 अक्टूबर तक कुल 6 दिनों का दशहरा अवकाश घोषित किया गया है। यह अवकाश सभी स्कूलों में लागू रहेगा, चाहे वे अनुदान प्राप्त हों या गैर अनुदान प्राप्त। इस अवकाश का लाभ राज्य के हजारों विद्यार्थी और शिक्षक उठा सकेंगे, जो दशहरे के पावन पर्व को अपने परिवार और मित्रों के साथ मनाने का अवसर प्रदान करेगा। इसके साथ ही 13 अक्टूबर को रविवार का दिन भी है, जो पूरे देश में अवकाश के रूप में मनाया जाएगा। इस तरह, विद्यार्थियों और शिक्षकों को एक विस्तारित आराम का समय मिलेगा।

    केंद्रीय विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को दशहरे के दौरान और अधिक लंबे अवकाश का लाभ मिलेगा। केंद्रीय विद्यालयों में 8 से 17 अक्टूबर तक शरद ऋतु अवकाश घोषित किया गया है, जो कुल 10 दिनों का रहेगा। यह विशेष अवकाश उन्हें शरद ऋतु की छुट्टियों के साथ पर्व की खुशियों का भी आनंद उठाने का अवसर देगा।

    दीपावली अवकाश

    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दीपावली अवकाश भी निर्धारित कर दिया गया है। यह अवकाश 28 अक्टूबर से 2 नवंबर 2024 तक रहेगा। इस अवधि में सभी स्कूल बंद रहेंगे, ताकि विद्यार्थी और शिक्षक दीपावली के त्योहार को अपने परिवार और दोस्तों के साथ धूमधाम से मना सकें। दीपावली के इस अवकाश के दौरान राज्यभर में लगभग 6 दिनों का समय मिलेगा, जिसमें विद्यार्थी त्योहार के साथ-साथ पढ़ाई और मनोरंजन में संतुलन बना सकेंगे।

    विशेष गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना.

    छत्तीसगढ़ सरकार ने इन छुट्टियों के दौरान विद्यार्थियों के अध्ययन और अवकाश के बीच संतुलन बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों की योजना भी बनाई है। इन गतिविधियों का उद्देश्य यह है कि छुट्टियों के दौरान विद्यार्थी केवल आराम ही न करें, बल्कि वे अपनी मानसिक और शारीरिक विकास के लिए भी समय निकाल सकें। राज्य सरकार की ओर से आयोजित किए जाने वाले ये कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में मदद करेंगे और उन्हें एक नई दिशा प्रदान करेंगे।

    छत्तीसगढ़ के स्कूलों में घोषित यह अवकाश योजना न केवल विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आराम का अवसर प्रदान करती है, बल्कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक और पारिवारिक परंपराओं को निभाने का समय भी देती है। दशहरा, दीपावली, शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाशों के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास में सहायक साबित होंगे। इस तरह, यह छुट्टियां शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं।

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    गुंडागर्दी से तंग आकर भिलाई के लोगों ने की बदमाश की हत्या

    भिलाई में गुंडे की पीट-पीट कर हत्या

    छत्तीसगढ़ के भिलाई के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के शीतला पारा हथखोज इलाके में रविवार रात को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां मोहल्ले के लोगों ने एक आदतन बदमाश आशिक विश्वकर्मा की पीट-पीट कर हत्या कर दी। आशिक विश्वकर्मा इलाके में पहले से ही बदमाश के तौर पर जाना जाता था, और उसके खिलाफ मारपीट, धमकी और अन्य कई संगीन अपराधों के मामले पहले से ही दर्ज थे। इस घटना के बाद पुलिस ने 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।

    घटना का विस्तार

    रविवार रात को आशिक विश्वकर्मा अपने कुछ साथियों के साथ शीतला पारा हथखोज मोहल्ले में पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह वहां पहुँचकर गाली-गलौज करने लगा और मोहल्ले वालों को धमकाने की कोशिश की। यह पहली बार नहीं था जब आशिक इस तरह की हरकतों में शामिल था। उसकी गुंडागर्दी और अपराधी प्रवृत्तियों से स्थानीय लोग पहले से ही परेशान थे। हाल ही में जेल से छूटने के बाद आशिक ने फिर से वही रवैया अपनाना शुरू कर दिया था, जिससे मोहल्ले में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया था।

    मोहल्ले के लोगों ने जब आशिक की धमकियों और गाली-गलौज से तंग आकर प्रतिक्रिया दी, तो मामला गंभीर हो गया। गुस्से में भरे मोहल्ले के लोगों ने अचानक से आशिक और उसके साथियों पर हमला बोल दिया। हमले के दौरान आशिक के साथी वहां से भाग निकले, लेकिन मोहल्ले के लोगों ने आशिक को घेर लिया और उसे बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला।

    जेल से छूटने के बाद भी नहीं सुधरी हरकतें

    जानकारी के अनुसार, आशिक विश्वकर्मा कुछ ही दिनों पहले जेल से रिहा हुआ था। जेल से छूटने के बाद भी उसकी आपराधिक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई थी। उसने जेल से छूटते ही फिर से अपने इलाके में लोगों को धमकाना और उनसे जबरन वसूली करना शुरू कर दिया था। आशिक की बढ़ती गुंडागर्दी से मोहल्ले वाले बेहद परेशान थे और उन्हें इस घटना के दिन उसकी बेजा हरकतों ने उकसाया।

    पुलिस की कार्रवाई

    हत्या की इस घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर 30 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जल्द ही इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि हत्या की घटना अचानक हुई है या पहले से इस तरह की कोई साजिश रची गई थी।

    मोहल्ले के लोगों का बयान

    मोहल्ले के लोगों का कहना है कि आशिक की गुंडागर्दी से वे पहले ही तंग आ चुके थे। कई बार पुलिस से शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता थी। घटना के दिन, जब आशिक ने फिर से मोहल्ले में आकर गाली-गलौज और धमकी देना शुरू किया, तो उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने खुद ही कानून हाथ में ले लिया।

    निष्कर्ष

    यह घटना एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर इशारा करती है, जहां लोग कानून व्यवस्था से हताश होकर खुद ही न्याय करने की कोशिश करते हैं। भिलाई के इस मामले ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि क्या समाज में आम लोगों की सुरक्षा के लिए कानून और पुलिस व्यवस्था पर्याप्त है? जांच के बाद ही इस मामले के असली कारण और परिस्थितियां साफ होंगी, लेकिन फिलहाल यह घटना क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है।